Grok AI Notice: डिजिटल युग में जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भविष्य की सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है, वहीं इसके दुरुपयोग से जुड़ी चिंताएं भी तेजी से सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में भारत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक्स को नोटिस जारी कर उसके एआई टूल ग्रोक के जरिए फैल रही अश्लील सामग्री पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
सरकार की यह कार्रवाई केवल एक प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संकेत भी है कि भारत अब एआई आधारित सेवाओं के दुरुपयोग को हल्के में लेने के मूड में नहीं है। खासतौर पर महिलाओं की गरिमा से जुड़े मामलों में सरकार का यह सख्त रुख डिजिटल दुनिया के लिए एक अहम चेतावनी माना जा रहा है।
फर्जी अकाउंट से फैल रही आपत्तिजनक सामग्री
सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय ने अपने नोटिस में स्पष्ट किया है कि कुछ उपयोगकर्ता ग्रोक एआई सेवा का गलत इस्तेमाल कर फर्जी अकाउंट बना रहे हैं। इन खातों के माध्यम से महिलाओं की अश्लील तस्वीरें और वीडियो तैयार कर उन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा है। यह सामग्री न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि समाज में महिलाओं के प्रति असंवेदनशील सोच को भी बढ़ावा देती है।
आईटी कानूनों के उल्लंघन का आरोप
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने अपने पत्र में कहा है कि एक्स प्लेटफॉर्म सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और आईटी नियम, 2021 के तहत तय किए गए नियामक प्रावधानों का पूरी तरह पालन नहीं कर रहा है। सरकार के मुताबिक, किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए इन नियमों का अनुपालन अनिवार्य है और इसमें किसी तरह की ढील नहीं दी जा सकती।
एआई तकनीक की जिम्मेदारी किसकी
इस पूरे मामले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि एआई तकनीक के दुरुपयोग की जिम्मेदारी आखिर किसकी है। सरकार का मानना है कि अगर कोई प्लेटफॉर्म एआई आधारित सेवाएं उपलब्ध करा रहा है, तो यह उसकी जिम्मेदारी बनती है कि वह यह सुनिश्चित करे कि उनका इस्तेमाल गलत उद्देश्यों के लिए न हो। केवल तकनीक मुहैया कराकर जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ा जा सकता।
तत्काल अनुपालन रिपोर्ट की मांग
मंत्रालय ने एक्स से तत्काल अनुपालन कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। इसमें यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि ग्रोक एआई के जरिए अश्लील, नग्न, अभद्र और आपत्तिजनक सामग्री को होस्ट करने, जेनरेट करने और साझा करने पर रोक लगाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। सरकार चाहती है कि प्लेटफॉर्म सिर्फ आश्वासन न दे, बल्कि ठोस कार्रवाई करके दिखाए।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
नोटिस में यह भी साफ कर दिया गया है कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया, तो सरकार इसे गंभीरता से लेगी। मंत्रालय ने एक्स को चेतावनी दी है कि आईटी कानूनों के उल्लंघन की स्थिति में प्लेटफॉर्म के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह चेतावनी बताती है कि सरकार अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जवाबदेही तय करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
भविष्य के लिए क्या संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में एआई आधारित सेवाओं पर निगरानी और सख्त हो सकती है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि तकनीक का इस्तेमाल समाज के हित में हो, न कि उसे नुकसान पहुंचाने के लिए। एक्स को जारी किया गया यह नोटिस बाकी सोशल मीडिया और एआई प्लेटफॉर्म्स के लिए भी एक स्पष्ट संकेत है कि नियमों की अनदेखी अब भारी पड़ सकती है।