TMC Protest: कोलकाता में आई-पैक के कार्यालयों और इसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर हुई ईडी की छापेमारी के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति पहले ही गरमा चुकी थी। अब उसका असर राजधानी दिल्ली तक साफ दिखाई देने लगा है। शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने अमित शाह के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला।
प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी, पोस्टर और तीखे बयान इस बात का संकेत थे कि टीएमसी इस मुद्दे को केवल राज्य स्तर तक सीमित नहीं रखना चाहती। पार्टी इसे राष्ट्रीय बहस बनाकर पेश कर रही है।
सांसदों का विरोध प्रदर्शन
इस प्रदर्शन में टीएमसी के कई बड़े और मुखर चेहरे शामिल रहे। डेरेक ओ’ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद जैसे सांसदों की मौजूदगी ने विरोध को और धार दी। इन नेताओं ने न केवल ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए, बल्कि सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
प्रदर्शन जैसे-जैसे तेज हुआ, दिल्ली पुलिस ने हस्तक्षेप किया। प्रदर्शनकारियों को हटाया गया और टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा तथा डेरेक ओ’ब्रायन को हिरासत में ले लिया गया। यह दृश्य कैमरों में कैद हुआ और कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
#WATCH | TMC सांसद डेरेक ओ ब्रायन और महुआ मोइत्रा को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन करते समय पुलिस ने हिरासत में ले लिया। pic.twitter.com/yXlqNxUmSp
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 9, 2026
कीर्ति आजाद का बयान और चुनावी आरोप
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने ईडी की कार्रवाई को सीधे तौर पर चुनावी राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि यह अलोकतांत्रिक तरीका है। उनके अनुसार, इस तरह की कार्रवाइयों से भाजपा चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है, लेकिन जनता सब देख रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों का दुरुपयोग लंबे समय तक जनता को गुमराह नहीं कर सकता और अंततः लोकतंत्र की जीत होगी।
शताब्दी रॉय का तीखा हमला
शताब्दी रॉय ने भी केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उनका कहना था कि जैसे ही चुनाव आते हैं, ईडी और सीबीआई को सब कुछ याद आने लगता है। उनके मुताबिक, यह एक तयशुदा पैटर्न बन चुका है, जिसमें विपक्षी दलों को निशाना बनाया जाता है। उन्होंने दावा किया कि चाहे कितनी भी एजेंसियां लगा दी जाएं, इससे चुनावी नतीजे नहीं बदले जा सकते।