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6 राज्यों के कुल 15 शहरों में ED की ताबड़तोड़ छापेमारी, सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी से जुड़ा है मामला

6 राज्यों के कुल 15 शहरों में ED की ताबड़तोड़ छापेमारी
6 राज्यों के कुल 15 शहरों में ED की ताबड़तोड़ छापेमारी
सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे बड़े फर्जीवाड़े को लेकर ईडी ने छह राज्यों के 15 शहरों में छापेमारी शुरू की है। रेलवे समेत 40 विभागों के नाम पर ठगी की जा रही थी। जांच अभी जारी है।
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ED Raid: देश में सरकारी नौकरी पाने की उम्मीद लगाए लाखों युवाओं के बीच एक बार फिर भरोसे को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। गुरुवार सुबह से ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बड़े संगठित फर्जीवाड़े के खिलाफ देश के छह राज्यों में एकसाथ छापेमारी शुरू की है। यह कार्रवाई सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे उस स्कैम को लेकर की जा रही है, जिसमें लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र और कॉल लेटर भेजकर लाखों रुपये की ठगी की जा रही थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस गिरोह ने रेलवे सहित लगभग 40 सरकारी विभागों के नाम का दुरुपयोग किया।

सरकारी नौकरी के नाम पर चल रहा था संगठित स्कैम

ईडी की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह कोई छोटा-मोटा फर्जीवाड़ा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित और संगठित गिरोह का काम है। यह गैंग खुद को सरकारी भर्ती एजेंसियों से जुड़ा दिखाकर लोगों को संपर्क करता था। इसके लिए बाकायदा ऐसे ईमेल अकाउंट तैयार किए गए, जो देखने में पूरी तरह सरकारी विभागों जैसे लगते थे।

इन ईमेल आईडी से उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र, कॉल लेटर और जॉइनिंग से जुड़ी जानकारी भेजी जाती थी। कई मामलों में नियुक्ति पत्रों पर फर्जी मुहर और हस्ताक्षर भी किए गए थे, जिससे आम आदमी के लिए असली और नकली के बीच फर्क करना बेहद मुश्किल हो जाता था।

रेलवे और अन्य विभागों के नाम पर ठगी

जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस स्कैम में भारतीय रेलवे को सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया गया। लोगों को आरपीएफ, टीटीई और टेक्नीशियन जैसे पदों पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया जाता था। रेलवे के अलावा डाक विभाग, वन विभाग, टैक्स विभाग, लोक निर्माण विभाग, हाई कोर्ट, बिहार सरकार, डीडीए और राजस्थान सचिवालय जैसे नामों का भी उपयोग किया गया।

भरोसा जीतने के लिए सैलरी भी भेजी गई

इस गिरोह का तरीका सिर्फ कागजी फर्जीवाड़े तक सीमित नहीं था। लोगों का भरोसा जीतने के लिए कुछ मामलों में दो से तीन महीने तक सैलरी के नाम पर रकम भी उनके खातों में ट्रांसफर की गई। इससे पीड़ितों को लगा कि उनकी नियुक्ति असली है और वे वास्तव में सरकारी कर्मचारी बन चुके हैं।

इसके बाद उनसे अलग-अलग बहानों से मोटी रकम वसूली जाती थी। जैसे ही शक गहराने लगता, संपर्क तोड़ दिया जाता था।

छह राज्यों के पंद्रह शहरों में एकसाथ कार्रवाई

फिलहाल ईडी इस मामले में बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, गुजरात और केरल में छापेमारी कर रही है। इन छह राज्यों के कुल पंद्रह शहरों में एजेंसी की टीमें तैनात हैं।

उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के दो स्थानों पर, प्रयागराज और लखनऊ में एक-एक जगह छापेमारी चल रही है। बिहार के मुजफ्फरपुर में एक और मोतिहारी में दो ठिकानों पर कार्रवाई की जा रही है। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भी इस गिरोह से जुड़े ठिकानों की जानकारी मिली है। इसके अलावा चेन्नै, राजकोट और केरल के चार शहरों में भी ईडी की रेड जारी है।

जांच के शुरुआती चरण में मामला

ईडी की ओर से फिलहाल इस कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार, जांच अभी शुरुआती चरण में है और दस्तावेजों, डिजिटल डेटा तथा बैंक लेन-देन की पड़ताल की जा रही है।

एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह के पीछे कौन लोग हैं, पैसा कहां-कहां ट्रांसफर किया गया और इसमें कितने लोग शामिल हैं।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।