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भारतीय रेलवे को 24,634 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश: महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़ में नई लाइनें

Indian Railways Expansion – चार राज्यों में ₹24,634 करोड़ का निवेश | भारतीय रेलवे विस्तार
Indian Railways Expansion – चार राज्यों में ₹24,634 करोड़ का निवेश | भारतीय रेलवे विस्तार
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भारतीय रेलवे को चार राज्यों में 24,634 करोड़ रुपये का निवेश

नई दिल्ली, 7 अक्टूबर 2025 —
Rail News: केंद्र सरकार ने भारतीय रेलवे के नेटवर्क को विस्तार देने के लिए चार बड़े परियोजनाओं की मंजूरी दी है, जिनमें कुल 24,634 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इन परियोजनाओं के तहत महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़ के कुल 18 जिलों में नई रेल लाइनों का निर्माण होगा।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को बताया कि इन परियोजनाओं से करीब 3,633 गांवों की संपर्कता बढ़ेगी, जिनमें लगभग 85 लाख की आबादी रहती है। साथ ही, इसमें दो अभियासी जिले (Aspirational Districts) भी शामिल हैं।

मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से रेलवे की परिचालन क्षमता बढ़ेगी, संचालन में सुधार आएगा और सेवा की विश्वसनीयता में वृद्धि होगी।


चार प्रमुख परियोजनाओं का विवरण

  1. भुसावल – वर्धा 3री और 4थी लाइन

    • लंबाई: 744 किलोमीटर

    • लागत: 9,197 करोड़ रुपये

    • समयसीमा: 5 वर्ष
      यह परियोजना महाराष्ट्र में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करेगी और माल व यात्री दोनों के लिए सुविधा बढ़ाएगी।

  2. गोंदिया – डोंगरगढ़ 4थी लाइन

    • लंबाई: 98 किलोमीटर

    • लागत: 2,223 करोड़ रुपये

    • समयसीमा: 5 वर्ष
      यह लाइन छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण रेल मार्गों की क्षमता बढ़ाएगी।

  3. वडोदरा – रतलाम 3री और 4थी लाइन

    • लंबाई: 513 किलोमीटर

    • लागत: 8,885 करोड़ रुपये

    • क्षेत्र: गुजरात और मध्यप्रदेश
      इस परियोजना से पश्चिमी भारत के रेल नेटवर्क का विस्तार होगा और माल व यात्री ट्रैफिक की सुविधा बढ़ेगी।

  4. इटारसी – भोपाल – बीना 4थी लाइन

    • लंबाई: 264 किलोमीटर

    • लागत: 4,329 करोड़ रुपये
      यह मार्ग कोयला, कंटेनर, सीमेंट, फ्लाई ऐश, खाद्य अनाज और इस्पात जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण है।


योजना से मिलने वाले लाभ

  • रेल कनेक्टिविटी में सुधार: ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए बेहतर संपर्क।

  • ऑपरेशनल क्षमता: नई लाइनों से रेल मार्गों की भीड़ कम होगी।

  • आर्थिक विकास: परिवहन लागत घटेगी और औद्योगिक माल की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

  • स्थानीय रोजगार: निर्माण कार्य में स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।

मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इन परियोजनाओं से न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी बल्कि भारतीय रेलवे की क्षमता और दक्षता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।


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Aryan Ambastha

Writer & Thinker | Finance & Emerging Tech Enthusiast | Politics & News Analyst | Content Creator. Nalanda University Graduate with a passion for exploring the intersections of technology, finance, Politics and society. | Email: aryan.ambastha@rashtrabharat.com