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ट्रंप की चाल से चांदी बनी ‘सिल्वर गोल्ड’! दिवाली से पहले रिकॉर्ड तोड़ उछाल, निवेशकों में हड़कंप

Silver Rate Today
Silver Rate Today: अमेरिका के कदम से चांदी बनी 'क्रिटिकल मेटल', भारत में दिवाली से पहले कीमत 1.76 लाख पार
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ट्रंप की चाल से बढ़ी चांदी की चमक, बाजार में किल्लत और रिकॉर्ड तोड़ उछाल

नई दिल्ली। चांदी की कीमतें इस समय आसमान छू रही हैं। भारत में दिवाली और धनतेरस के मौके पर चांदी की डिमांड हमेशा बढ़ जाती है, लेकिन इस बार स्थिति कुछ अलग है। चांदी इतनी महंगी और दुर्लभ हो गई है कि ज्वेलर्स के पास इसकी कमी हो गई है। भारत में आज यानी 14 अक्टूबर को चांदी की कीमत ₹1,76,175 प्रति किलो के स्तर पर पहुंच चुकी है — यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।

इस तेज उछाल के पीछे सिर्फ त्योहारों की मांग नहीं, बल्कि अमेरिका की रणनीतिक चाल भी है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा चांदी को “क्रिटिकल मिनरल्स लिस्ट” में शामिल करने की योजना ने वैश्विक बाजार में हलचल मचा दी है।


अमेरिका की योजना से शुरू हुई वैश्विक हलचल

1 अक्टूबर 2025 को संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) की ड्राफ्ट लिस्ट में पहली बार Silver को एक महत्वपूर्ण खनिज के रूप में वर्गीकृत करने का प्रस्ताव रखा गया। इसका मतलब यह है कि अब चांदी को लिथियम, कोबाल्ट और रेयर अर्थ मेटल्स जैसी सामरिक धातुओं की श्रेणी में रखा जाएगा।
यह वर्गीकरण अमेरिकी आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी नीतियों में चांदी को प्राथमिकता देगा। परिणामस्वरूप, अमेरिकी कंपनियों और सरकार द्वारा भारी मात्रा में सिल्वर का स्टॉक बढ़ाया जा रहा है, जिससे वैश्विक बाजार में इसकी आपूर्ति घट रही है।


भारत में मांग चरम पर, आपूर्ति घटने से संकट

भारत पारंपरिक रूप से दुनिया में चांदी का सबसे बड़ा उपभोक्ता देश है।
दिवाली और धनतेरस पर चांदी खरीदना शुभ माना जाता है, लेकिन इस साल टियर-2 और टियर-3 शहरों में हालात ऐसे हैं कि कई ज्वेलर्स के पास स्टॉक खत्म हो चुका है।

बर्तन, सिक्के और ज्वेलरी — तीनों की मांग अपने शिखर पर है। इसके साथ-साथ निवेशकों ने भी सिल्वर ईटीएफ (Silver ETFs) में निवेश बढ़ा दिया, जिसके कारण कई म्यूचुअल फंड कंपनियों ने नए निवेश पर रोक लगा दी है।

भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के दाम
शहर 10 GM Silver Rate 100 GM Silver Rate 1kg Silver Rate
अगरतला ₹1,602.1 ₹16,021 ₹1,60,210
आगरा ₹1,594.9 ₹15,949 ₹1,59,490
अहमदाबाद ₹1,596.6 ₹15,966 ₹1,59,660
आइजोल ₹1,600.8 ₹16,008 ₹1,60,080
इलाहाबाद ₹1,592.3 ₹15,923 ₹1,59,230
अमृतसर ₹1,591.9 ₹15,919 ₹1,59,190
औरंगाबाद ₹1,591.9 ₹15,919 ₹1,59,190
बैंगलोर ₹1,593.2 ₹15,932 ₹1,59,320
बरेली ₹1,592.3 ₹15,923 ₹1,59,230
बेलगाम ₹1,593.2 ₹15,932 ₹1,59,320
भोपाल ₹1,593.6 ₹15,936 ₹1,59,360
भुवनेश्वर ₹1,592.3 ₹15,923 ₹1,59,230
चंडीगढ़ ₹1,591.9 ₹15,919 ₹1,59,190
चेन्नई ₹1,596.5 ₹15,965 ₹1,59,650
कोयंबटूर ₹1,596.5 ₹15,965 ₹1,59,650
दमन ₹1,594.4 ₹15,944 ₹1,59,440
देहरादून ₹1,592.7 ₹15,927 ₹1,59,270
दिल्ली ₹1,589.2 ₹15,892 ₹1,58,920
धनबाद ₹1,592.3 ₹15,923 ₹1,59,230
दिसपुर ₹1,595.3 ₹15,953 ₹1,59,530
फरीदाबाद ₹1,591.5 ₹15,915 ₹1,59,150
गांधीनगर ₹1,594 ₹15,940 ₹1,59,400
गंगटोक ₹1,600.3 ₹16,003 ₹1,60,030
गाजियाबाद ₹1,592.3 ₹15,923 ₹1,59,230
गुडगाँव ₹1,591.5 ₹15,915 ₹1,59,150
गुवाहाटी ₹1,595.3 ₹15,953 ₹1,59,530
ग्वालियर ₹1,593.6 ₹15,936 ₹1,59,360
हावड़ा ₹1,589.8 ₹15,898 ₹1,58,980
हुबली ₹1,593.2 ₹15,932 ₹1,59,320
हैदराबाद ₹1,594.4 ₹15,944 ₹1,59,440
इम्फाल ₹1,598.6 ₹15,986 ₹1,59,860
इंदौर ₹1,593.6 ₹15,936 ₹1,59,360
ईटानगर ₹1,596.5 ₹15,965 ₹1,59,650
जबलपुर ₹1,593.6 ₹15,936 ₹1,59,360
जयपुर ₹1,591.7 ₹15,917 ₹1,59,170
जोधपुर ₹1,591.7 ₹15,917 ₹1,59,170
कल्याण ₹1,591.9 ₹15,919 ₹1,59,190
कानपुर ₹1,592.3 ₹15,923 ₹1,59,230
केरल ₹1,596.8 ₹15,968 ₹1,59,680
कोच्चि ₹1,596.8 ₹15,968 ₹1,59,680
कोहिमा ₹1,599.1 ₹15,991 ₹1,59,910
कोल्हापुर ₹1,591.9 ₹15,919 ₹1,59,190
कोलकाता ₹1,589.8 ₹15,898 ₹1,58,980
कोटा ₹1,591.7 ₹15,917 ₹1,59,170
लक्षद्वीप ₹1,607.5 ₹16,075 ₹1,60,750
लखनऊ ₹1,592.3 ₹15,923 ₹1,59,230
लुधियाना ₹1,591.9 ₹15,919 ₹1,59,190
मदुरै ₹1,596.5 ₹15,965 ₹1,59,650
मंगलौर ₹1,593.2 ₹15,932 ₹1,59,320
मणिपुर ₹1,598.6 ₹15,986 ₹1,59,860
मेरठ ₹1,592.3 ₹15,923 ₹1,59,230
मुंबई ₹1,591.9 ₹15,919 ₹1,59,190
मैसूर ₹1,593.2 ₹15,932 ₹1,59,320
नागपुर ₹1,591.9 ₹15,919 ₹1,59,190
नासिक ₹1,591.9 ₹15,919 ₹1,59,190
नोएडा ₹1,592.3 ₹15,923 ₹1,59,230
ओडिशा ₹1,592.3 ₹15,923 ₹1,59,230
पणजी ₹1,592.3 ₹15,923 ₹1,59,230
पटना ₹1,591 ₹15,910 ₹1,59,100
पुदुचेरी ₹1,597.6 ₹15,976 ₹1,59,760
पुणे ₹1,591.9 ₹15,919 ₹1,59,190
पंजाब ₹1,591.9 ₹15,919 ₹1,59,190
रायपुर ₹1,591.3 ₹15,913 ₹1,59,130
राजमुंदरी ₹1,594.4 ₹15,944 ₹1,59,440
राजकोट ₹1,594 ₹15,940 ₹1,59,400
रांची ₹1,592.3 ₹15,923 ₹1,59,230
शिलांग ₹1,598.2 ₹15,982 ₹1,59,820
सिल्वासा ₹1,594.4 ₹15,944 ₹1,59,440
सोलापुर ₹1,591.9 ₹15,919 ₹1,59,190
श्रीनगर ₹1,594.6 ₹15,946 ₹1,59,460
सूरत ₹1,594 ₹15,940 ₹1,59,400
थाइन ₹1,591.9 ₹15,919 ₹1,59,190
तिरुवनंतपुरम ₹1,596.8 ₹15,968 ₹1,59,680
त्रिशूर ₹1,596.8 ₹15,968 ₹1,59,680
तिरुपति ₹1,594.4 ₹15,944 ₹1,59,440
वडोदरा ₹1,594 ₹15,940 ₹1,59,400
वाराणसी ₹1,592.3 ₹15,923 ₹1,59,230
विजयवाड़ा ₹1,594.4 ₹15,944 ₹1,59,440
विशाखापत्तनम ₹1,594.4 ₹15,944 ₹1,59,440

चांदी की तेजी के चार बड़े कारण

कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के अनुसार, चांदी की कीमतों के उछाल के पीछे चार मुख्य कारण हैं:

उत्पादन में गिरावट

वैश्विक स्तर पर चांदी के उत्पादन में लगातार गिरावट आ रही है। 2025 से 2030 के बीच हर साल लगभग 1% कमी का अनुमान है। यह गिरावट पहले से चल रही आपूर्ति की कमी को और बढ़ा रही है।

अमेरिका द्वारा ‘क्रिटिकल मेटल’ लिस्ट में शामिल करना

अमेरिका की इस नई नीति ने वैश्विक मांग को झटका दिया है। देश चांदी को ऊर्जा संक्रमण, इलेक्ट्रिक वाहनों और डिफेंस सेक्टर के लिए आवश्यक संसाधन मान रहा है, जिससे भविष्य के लिए बड़े पैमाने पर स्टॉकिंग शुरू हो गई है।

इंडस्ट्रियल इस्तेमाल में तेजी

चांदी का उपयोग सिर्फ आभूषणों में नहीं बल्कि सोलर पैनल, बैटरी, सेमीकंडक्टर और मेडिकल उपकरणों में भी तेजी से बढ़ रहा है।
ग्रीन एनर्जी सेक्टर में इसकी बढ़ती खपत ने कीमतों को और ऊंचा पहुंचा दिया है।

सेंट्रल बैंकों की खरीदारी

कई देशों के सेंट्रल बैंक अब सोने की तरह चांदी को भी रिजर्व एसेट के रूप में स्टोर कर रहे हैं। इससे मार्केट में उपलब्ध भौतिक चांदी की मात्रा घट गई है।


बाजार में प्रीमियम बढ़ा, निवेशक सावधान

भारत में चांदी की कीमत वैश्विक दरों से 10% तक प्रीमियम पर चल रही है।
इसका मतलब है कि यहां की मांग अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति से कहीं अधिक है।
एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) ने नए सब्सक्रिप्शन पर रोक लगाई है ताकि कीमतों में और अराजकता न फैले।
कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में अगर आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो चांदी ₹2 लाख प्रति किलो का स्तर भी छू सकती है।


दिवाली निवेशक क्या करें?

अगर आप चांदी में निवेश करने का सोच रहे हैं, तो विशेषज्ञों के अनुसार अभी दीर्घकालिक निवेश बेहतर रहेगा।
चांदी की मांग आने वाले वर्षों में तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ती रहेगी, इसलिए इसकी कीमतों में स्थिर गिरावट की संभावना कम है।


निष्कर्ष

अमेरिका की रणनीतिक नीति और वैश्विक आपूर्ति की कमी ने चांदी को नया “सफेद सोना” बना दिया है।
भारत जैसे बाजारों में त्योहारों की मांग ने आग में घी डालने का काम किया है।
अब यह तय है कि आने वाले कुछ महीनों तक चांदी की कीमतें ऊंचाई पर बनी रहेंगी — और निवेशक इसे “लॉन्ग टर्म गेम” के रूप में देख रहे हैं।


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Aryan Ambastha

Writer & Thinker | Finance & Emerging Tech Enthusiast | Politics & News Analyst | Content Creator. Nalanda University Graduate with a passion for exploring the intersections of technology, finance, Politics and society. | Email: aryan.ambastha@rashtrabharat.com