Nitish Kumar vs Tejashwi Yadav: बिहार की राजनीति में एक बार फिर से गरमाहट देखने को मिली है। गुरुवार को बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच जमकर तीखी नोकझोंक हुई। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश करते समय सीएम नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव पर कई गंभीर आरोप लगाए। सदन में कई बार दोनों नेताओं के बीच तनातनी की स्थिति बनी और सियासी बयानबाजी का दौर चला।
विधानसभा में हुई तीखी नोकझोंक
बिहार विधानसभा का माहौल गुरुवार को काफी गरमाया रहा। जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव रखा तो उन्होंने अपने संबोधन में विपक्ष पर कई आरोप लगाए। सीएम ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को सीधे निशाना बनाते हुए कहा कि जब वह उनके साथ थे तो सब ठीक था। लेकिन बाद में जब गड़बड़ करने लगे और पैसा कमाने लगे तो उन्हें छोड़ना पड़ा। सीएम के इन बयानों पर सदन में हंगामा मच गया और सत्ता पक्ष के सदस्यों ने जोरदार तालियां बजाकर समर्थन जताया।
तेजस्वी यादव पर लगे गंभीर आरोप
नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब उन्हें पद मिला तो शुरुआत में सब ठीक चल रहा था। लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने गड़बड़ करना शुरू कर दिया। सीएम का कहना था कि तेजस्वी यादव ने हर जगह पैसा कमाना शुरू कर दिया था, जिसके बाद उन्हें गठबंधन से अलग करना पड़ा। सीएम ने यह भी कहा कि तेजस्वी के पिता लालू प्रसाद यादव सात साल में हट गए थे और फिर उनकी पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाया गया। नीतीश कुमार ने दावा किया कि तेजस्वी को उन्होंने ही बनाया था।
पुराने दौर की याद दिलाई
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने भाषण में 2005 से पहले के बिहार की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि जब राजद की सरकार थी तो राज्य में कोई विकास नहीं हुआ। उस समय बिहार में अपराध का बोलबाला था। लोग शाम को अपने घरों से बाहर निकलने से डरते थे। स्कूल, अस्पताल, सड़क, पानी, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का बुरा हाल था। लेकिन जब से उनकी सरकार आई है, तब से हर क्षेत्र में सुधार हुआ है। विपक्ष की ओर से इस बात पर शोर शराबा शुरू हुआ तो मुख्यमंत्री और भड़क गए।
विकास कार्यों का जिक्र
नीतीश कुमार ने अपनी सरकार के विकास कार्यों का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि राज्य में गांवों और टोलों को पक्की सड़कों से जोड़ने का काम पूरा हो गया है। हर घर में नल का पानी पहुंचाया जा रहा है और हर घर में शौचालय बनाए गए हैं। सीएम ने कहा कि लोगों को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है। इससे आम लोगों को काफी राहत मिली है।
युवाओं के लिए रोजगार योजना
मुख्यमंत्री ने सात निश्चय योजना का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार युवाओं को नौकरी और रोजगार देने पर काम कर रही है। उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगले पांच सालों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार दिया जाएगा। यह एक बहुत बड़ा लक्ष्य है और सरकार इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। युवाओं को कौशल विकास और प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार के योग्य बनाया जा रहा है।
कल्याणकारी योजनाओं का विवरण
नीतीश कुमार ने बताया कि सरकार सभी तबकों के विकास के लिए सक्रिय है। बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों की पेंशन चार सौ रुपये प्रति माह से बढ़ाकर ग्यारह सौ रुपये कर दी गई है। यह एक बहुत बड़ी बढ़ोतरी है और इससे जरूरतमंद लोगों को काफी मदद मिली है। महिलाओं को रोजगार के लिए पूंजी उपलब्ध कराई जा रही है और स्थानीय निकायों में उन्हें प्रतिनिधित्व के लिए आरक्षण दिया गया है।
केंद्र सरकार को दिया धन्यवाद
सदन में नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार को विशेष सहयोग देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार पर काफी ध्यान देते हैं। जब भी प्रधानमंत्री बिहार आते हैं तो योजनाओं का तोहफा लेकर आते हैं। केंद्र सरकार की योजनाओं पर बिहार में तेजी से काम हो रहा है। इससे राज्य के विकास में काफी मदद मिल रही है।
सदन का माहौल
Nitish Kumar vs Tejashwi Yadav: सीएम के भाषण के दौरान सदन का माहौल कई बार गरमाया। जब नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधा तो सत्ता पक्ष के सदस्यों ने मेज पीटकर और तालियां बजाकर अपना समर्थन जताया। दिलचस्प बात यह रही कि तेजस्वी यादव समेत राजद और विपक्ष के विधायक भी इस दौरान हंसते नजर आए। सदन में राजनीतिक बयानबाजी का दौर चला और दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए।
राजनीतिक समीकरण
बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच का रिश्ता हमेशा से उतार चढ़ाव भरा रहा है। एक समय में दोनों ने मिलकर सरकार चलाई थी लेकिन बाद में अलग हो गए। फिर से साथ आए और फिर अलग हुए। अब नीतीश कुमार एनडीए के साथ हैं और तेजस्वी यादव विपक्ष का नेतृत्व कर रहे हैं। विधानसभा में हुई इस नोकझोंक से साफ है कि दोनों नेताओं के बीच की दूरी अब काफी बढ़ गई है।
बिहार की वर्तमान स्थिति
बिहार में अभी एनडीए की सरकार है जिसमें जेडीयू, भाजपा और अन्य सहयोगी दल शामिल हैं। विपक्ष में राजद, कांग्रेस और अन्य दल हैं। आने वाले समय में विधानसभा चुनाव होने हैं और सभी दल अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं। सदन में हुई इस नोकझोंक से यह साफ है कि चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होने वाली हैं।