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Bihar Elections: भारत महागठबंधन कार्यकर्ता सम्मेलन, दीपांकर भट्टाचार्य ने महिला रोजगार योजना की वास्तविकता उजागर की

Bihar Elections: भारत महागठबंधन कार्यकर्ता सम्मेलन, दीपांकर भट्टाचार्य ने महिला रोजगार योजना की वास्तविकता उजागर की
Women Employment Scheme: दीपांकर भट्टाचार्य ने आरा में सम्मेलन में योजना की सच्चाई बताई
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Aakash Srivastava
Aakash Srivastava
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कार्यकर्ता सम्मेलन: महागठबंधन की नई ताकत

आज आरा में आयोजित इंडिया महागठबंधन कार्यकर्ता सम्मेलन में भाकपा (माले) के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि बिहार में अब बदलाव का समय आ गया है। सम्मेलन में उन्होंने भाकपा (माले) के प्रत्याशी क्यामुद्दीन अंसारी को भारी मतों से जीताने की अपील करते हुए कहा कि गठबंधन में अब केवल पांच नहीं, बल्कि सात प्रमुख दल शामिल हैं। इससे बिहार के दलित, महादलित और पिछड़े वर्ग के लोगों में नया उत्साह पैदा हुआ है।

भट्टाचार्य ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “सात दलों के इस गठबंधन का उद्देश्य सिर्फ चुनाव जीतना नहीं है, बल्कि उन लोगों को सत्ता से बाहर करना है जिन्होंने पिछले बीस वर्षों में जनता के अधिकारों और विकास को रोक रखा है।” उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वोट चोर, नौकरी चोर, आरक्षण चोर और जमीन चोर अब बिहार की सत्ता में बने नहीं रह सकते।


बदलाव का संदेश और युवा वर्ग की अपेक्षाएँ

भट्टाचार्य ने कहा कि आज बिहार में सबसे बड़ा मुद्दा बदलाव है। रोजगार न मिलने के कारण कई नौजवान संघर्ष कर रहे हैं। भूमिहीन किसान भूमि अधिग्रहण और कर्ज के बोझ में जूझ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश सरकार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना केवल चुनावी प्रलोभन है। वास्तव में, यह योजना महिलाओं को दिए जाने वाले ऋणों के रूप में है, जैसा कि गृहमंत्री अमित शाह ने पटना में उल्लेख किया था।

उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘बदलो सरकार, बदलो बिहार’ का नारा अब हर घर में गूंज रहा है। कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि प्रत्येक समर्थक को तीन तारा वाले झंडे पर बटन दबाकर बदलाव की दिशा में योगदान देना चाहिए।


राष्ट्रीय नेताओं का समर्थन

महात्मा गांधी के प्रपौत्र और ‘भारत के लोग’ अभियान के नेता तुषार गांधी ने कहा कि यह चुनाव केवल बिहार के मुख्यमंत्री को बदलने का नहीं, बल्कि भविष्य में देश के प्रधानमंत्री को चुनने का भी महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने विघटनकारी और नफरती ताकतों से बिहार और देश को बचाने की आवश्यकता पर बल दिया।

बीआर पाटिल ने कहा कि बिहार में व्याप्त गरीबी और पलायन को रोकने के लिए लुटेरों और वोटचोरों की सरकार को सत्ता से बाहर करना आवश्यक है। वहीं, किसान नेता डॉ. सुनीलम ने महात्मा गांधी और जेपी के नेतृत्व में हुए आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि भाकपा (माले) के प्रत्याशी को जिताकर यह संघर्ष आगे बढ़ाना होगा।


कार्यकर्ता सम्मेलन में उपस्थित वरिष्ठ नेता

सम्मेलन में आरा सांसद सुदामा प्रसाद, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अशोक राम, राजद के नेता बिजयेन्द्र यादव, भाकपा और माकपा के वरिष्ठ नेता, तथा जिला परिषद सदस्य आरती देवी सहित दर्जनों नेताओं ने भाग लिया। सभी नेताओं ने मिलकर भाकपा (माले) के इंडिया गठबंधन प्रत्याशी को भारी मतों से जिताने की अपील की।


भाकपा (माले) का चुनावी संदेश

दीपांकर भट्टाचार्य ने अंत में कहा कि यह चुनाव केवल एक राजनीतिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि बिहार के लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि जनता को अब सच्चाई को पहचानते हुए वोट देना होगा और महिलाओं, किसानों और नौजवानों के हित में सही विकल्प चुनना होगा।

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