सनातन धर्म को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद
Sanatan Virodhi Bayan Alok Kumar VHP Reaction on Udhayanidhi Stalin statement: नई दिल्ली, 13 मई। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार ने तमिलनाडु विधानसभा में उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन द्वारा दिए गए सनातन विरोधी बयान की कड़ी निंदा की है। उन्होंने मांग की है कि इस बयान को तुरंत विधानसभा की कार्यवाही से हटाया जाए।
आलोक कुमार ने कहा, “किसी भी धर्म और उसकी आस्थाओं का अपमान करना लोकतांत्रिक तथा संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है।” उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या इस प्रकार का बयान किसी अन्य धर्म के विरुद्ध दिया जा सकता है।
विहिप अध्यक्ष ने इसे “अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और विडंबनापूर्ण” बताते हुए कहा कि जो राजनीतिक दल और परिवार सनातन परंपराओं, मंदिरों और हिंदू समाज से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लाभ उठाते हैं, वही सनातन धर्म को समाप्त करने जैसी बातें कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि तमिलनाडु सरकार को राज्य के प्रसिद्ध मंदिरों और धार्मिक स्थलों से भारी राजस्व प्राप्त होता है, इसके बावजूद सनातन विरोधी मानसिकता दिखाना अनुचित है।
विहिप ने सरकार से मांगा स्पष्ट जवाब
आलोक कुमार ने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री से भी इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि वह सनातन परंपराओं और हिंदू आस्थाओं के सम्मान के पक्ष में है, या विभाजनकारी एवं हिंदू विरोधी बयानों का समर्थन करती है। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की भी अपील की।
विहिप अध्यक्ष ने अंत में कहा, “सनातन हिंदू धर्म केवल तमिलनाडु ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक आत्मा है। इतिहास गवाह है कि सनातन को समाप्त करने का प्रयास करने वाली विचारधाराएं स्वयं समाप्त हो गईं, लेकिन सनातन धर्म आज भी उसी शक्ति, श्रद्धा और व्यापकता के साथ समाज का मार्गदर्शन कर रहा है।”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में नई सरकार के गठन के बाद राज्य में धार्मिक और राजनीतिक विमर्श तेज हो गया है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र