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Bihar Chunav: मगध के 26 विधानसभा क्षेत्रों में एनडीए की परीक्षा, महागठबंधन का दबदबा कितना स्थायी?

Bihar Chunav: मगध के 26 विधानसभा क्षेत्रों में एनडीए की परीक्षा, महागठबंधन का दबदबा कितना स्थायी?
Bihar Politics: मगध के 26 विधानसभा क्षेत्रों में एनडीए की परीक्षा, महागठबंधन की स्थिति पर नजर (file photo)
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Asfi Shadab
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मगध प्रमंडल में चुनावी परीक्षा

पटना। बिहार के मगध प्रमंडल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए की वास्तविक परीक्षा सामने आई है। इस क्षेत्र की 26 विधानसभा सीटों में से अधिकांश पर महागठबंधन का दबदबा है। आंकड़ों के अनुसार, 26 सीटों में 22 पर महागठबंधन के विधायक हैं। नवादा, गया, औरंगाबाद और अरवल जिले में पिछली बार एनडीए की स्थिति बेहद कमजोर रही थी।

इस बार एनडीए ने रणनीति बदलते हुए कई सीटों पर अपने उम्मीदवार बदल दिए हैं। वहीं, महागठबंधन ने भी अपनी सीटों की रक्षा के लिए कई प्रत्याशियों में बदलाव किए हैं।


नवादा जिले की पांच सीटों का हाल

नवादा जिले में रजौली विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2020 में राजद के प्रकाश वीर ने जीत दर्ज की थी। इस बार उन्हें टिकट नहीं मिला और यह सीट लोजपा (रा) को सौंपी गई है। विमल चंद्रवंशी इस क्षेत्र से चुनावी मैदान में हैं।

हिसुआ में एनडीए की ओर से अनिल सिंह मैदान में हैं, जिन्होंने पिछली बार दूसरे स्थान पर रहते हुए अच्छा प्रदर्शन किया था। गोविंदपुर क्षेत्र में राजद के विधायक मो. कामरान इस बार स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ रहे हैं।

पूर्णिमा यादव, जो पिछली बार जदयू की टिकट पर थीं, इस बार राजद उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं। वारसलिगंज क्षेत्र में एनडीए की प्रत्याशी अरुणा देवी ने पिछले चुनाव की सफलता को दोहराने का प्रयास किया है।


गया जिले की दस सीटों पर एनडीए का परख

गया जिले की दस विधानसभा सीटों का जिम्मा इस बार भी एनडीए के पास है, जिसमें भाजपा और हम शामिल हैं। वर्ष 2020 के चुनाव में गुरुआ, शेरघाटी, बोधगया, बेलागंज व अतरी में राजद ने बढ़त बनाई थी। बाद में बेलागंज में हुए उपचुनाव में जदयू को सफलता मिली।

इस बार बेलागंज को छोड़कर नौ सीटों का प्रभुत्व एनडीए के पास है। इन सीटों में इमामगंज, वजीरगंज, टिकारी, बाराचट्टी, गया टाउन आदि शामिल हैं। एनडीए का उद्देश्य इन क्षेत्रों में अपनी पकड़ को मजबूत करना है।


औरंगाबाद में महागठबंधन का दबदबा

औरंगाबाद जिले की सभी विधानसभा सीटें महागठबंधन के कब्जे में हैं। गोह, ओबरा, नवीनगर, कुटुंबा, औरंगाबाद और रफीगंज की सीटें एनडीए के लिए चुनौतीपूर्ण हैं। इस बार एनडीए ने नवीनगर से और गोह से अपने उम्मीदवार बदल दिए हैं। कांग्रेस और राजद के प्रत्याशी इन सीटों पर मजबूत स्थिति बनाए हुए हैं।


जहानाबाद जिले में बदलाव

जहानाबाद जिले की तीन सीटों पर इस बार चुनावी समीकरण बदल गया है। जहानाबाद सीट से एनडीए के उम्मीदवार पूर्व सांसद चंद्रेश्वर चंद्रवंशी हैं। घोसी क्षेत्र में पूर्व जदयू प्रत्याशी राहुल इस बार राजद के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। मखदूमपुर सीट लोजपा (रा) को सौंपी गई है।


अरवल जिले में दृश्य का परिवर्तन

अरवल जिले की दो विधानसभा सीटों पर एनडीए ने उम्मीदवार बदलकर नया चेहरा मैदान में उतारा है। अरवल से भाजपा के मनोज शर्मा और कुर्था से जदयू के पप्पू वर्मा इस बार चुनावी लड़ाई लड़ रहे हैं। पिछली बार पप्पू वर्मा उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से चुनाव लड़े थे।

मगध प्रमंडल की 26 सीटों पर एनडीए की चुनौती वास्तविक है। नवादा, गया, औरंगाबाद और अरवल के विभिन्न क्षेत्रों में इस बार प्रत्याशियों में बदलाव के कारण चुनावी समीकरण पहले से अधिक जटिल हो गए हैं। महागठबंधन की मजबूत पकड़ और एनडीए की नई रणनीति के बीच मुकाबला रोचक होने की संभावना है।

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि अगर एनडीए इन क्षेत्रों में अपनी रणनीति सफल बनाता है तो यह बिहार की राजनीति पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है। वहीं, महागठबंधन अपनी मौजूदा स्थिति बचाए रखने के लिए कड़ा संघर्ष करेगा।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।