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Delhi Blast: गृह मंत्रालय की सीक्रेट रिपोर्ट से बड़े खुलासे, कई राज्यों में अलर्ट और संदिग्ध गिरफ्तार

Delhi Blast: गृह मंत्रालय की सीक्रेट रिपोर्ट से बड़े खुलासे, कई राज्यों में अलर्ट और संदिग्ध गिरफ्तार
Delhi Blast: गृह मंत्रालय की सीक्रेट रिपोर्ट से बड़े खुलासे, कई राज्यों में अलर्ट और संदिग्ध गिरफ्तार (Image Source: X)

दिल्ली धमाके के बाद गृह मंत्रालय को मिली सीक्रेट रिपोर्ट में कई अहम खुलासे हुए हैं। एनआईए जांच कर रही है, कई संदिग्ध गिरफ्तार हैं और 12 राज्यों में अलर्ट जारी है। डॉक्टर शाहीन शाहिद और डॉ. उमर मोहम्मद के आतंकी संबंधों की जांच जारी है।

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Asfi Shadab
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Delhi Blast: दिल्ली धमाके ने देश को झकझोरा

नई दिल्ली, 10 नवंबर। देश की राजधानी दिल्ली में हुए भयावह धमाके ने पूरे राष्ट्र को दहला दिया है। भीड़भाड़ वाले इलाके में खड़ी i20 कार में हुआ यह विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास के दुकानों के शीशे टूट गए और कई वाहन आग की लपटों में घिर गए। इस धमाके में 10 लोगों की मौत और 26 से अधिक घायल हुए हैं।

तत्काल कार्रवाई और बचाव कार्य

धमाके की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। आग बुझाने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने का काम युद्धस्तर पर शुरू हुआ। दिल्ली पुलिस ने शुरुआती जांच रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दी है। इसमें धमाके में इस्तेमाल की गई कार के स्रोत और चालक की जानकारी शामिल है।

HR नंबर की i20 कार में हुआ विस्फोट

जांच में पता चला कि धमाका HR 26 CE 7674 नंबर की कार में हुआ, जिसे डॉ. उमर मोहम्मद चला रहा था। यह कार फरीदाबाद से खरीदी गई थी और धमाके के दिन इसे लाल किले के पास पार्क किया गया था। पुलिस ने कार की रूट हिस्ट्री और फोन रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है।

अमित शाह ने घायलों से मुलाकात कर जताई संवेदना

गृह मंत्री अमित शाह तुरंत एलएनजेपी अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों से मुलाकात की और डॉक्टरों से उनके इलाज की जानकारी ली। इसके बाद वे घटना स्थल पर जाकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।

लखनऊ से डॉक्टर शाहीन शाहिद की गिरफ्तारी

धमाके के बाद लखनऊ में एक महिला डॉक्टर, शाहीन शाहिद को गिरफ्तार किया गया। वह फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ी थीं। जांच में खुलासा हुआ कि शाहीन का संपर्क कश्मीर के डॉक्टर मुजम्मिल से था, जिसे पुलिस ने 2900 किलो विस्फोटक के साथ पकड़ा था।

जैश-ए-मोहम्मद से संबंध का खुलासा

दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि शाहीन शाहिद पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) की महिला शाखा स्थापित करने के लिए गुप्त रूप से काम कर रही थीं। उनके पास से मिले दस्तावेज़ और ईमेल इस संबंध को प्रमाणित करते हैं।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी की भूमिका पर सवाल

Delhi Blast: फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी अब जांच के दायरे में है। रिपोर्ट के अनुसार, धमाका करने वाला डॉ. उमर मोहम्मद इसी यूनिवर्सिटी से तीन दिन पहले छुट्टी लेकर निकला था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि उन्हें किसी आतंकी गतिविधि की जानकारी नहीं थी, लेकिन पुलिस ने स्टाफ और छात्रों से पूछताछ शुरू कर दी है।

फरीदाबाद से मिला 360 किलो विस्फोटक

जम्मू-कश्मीर पुलिस और फरीदाबाद पुलिस की संयुक्त टीम ने मुजम्मिल के किराए के कमरे से 360 किलो विस्फोटक और हथियार बरामद किए। इसी के अगले दिन दिल्ली में ब्लास्ट हुआ, जिससे दोनों घटनाओं के बीच सीधा संबंध माना जा रहा है।

एनआईए को मिली जांच की जिम्मेदारी

गृह मंत्रालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है। 10 सदस्यीय टीम, एडीजी विजय सखारे के नेतृत्व में जांच शुरू कर चुकी है। टीम धमाके के पीछे की फंडिंग और नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में लगी है।

कई राज्यों में हाई अलर्ट

दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, और जम्मू-कश्मीर सहित 12 राज्यों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। अयोध्या, काशी, और मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रेलवे स्टेशन, मेट्रो और हवाईअड्डों पर जांच कड़ी कर दी गई है।

संदिग्धों की गिरफ्तारी और पूछताछ जारी

अब तक 14 संदिग्धों को विभिन्न राज्यों से हिरासत में लिया गया है। NIA और स्थानीय पुलिस उनसे पूछताछ कर रही हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह मॉड्यूल अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख

भूटान से लौटते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एलएनजेपी अस्पताल पहुंचे और घायलों से मिले। उन्होंने दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।