जरूर पढ़ें

प्रधानमंत्री मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की गांधीनगर में ऐतिहासिक बैठक, साबरमती आश्रम में दी गांधी जी को श्रद्धांजलि

PM Modi and German Chancellor Friedrich Merz Meeting: भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को मिली नई ऊंचाई, गुजरात में हुई चर्चा
PM Modi and German Chancellor Friedrich Merz Meeting: भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को मिली नई ऊंचाई, गुजरात में हुई चर्चा (Image Source: AIR)
प्रधानमंत्री मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने गांधीनगर में महत्वपूर्ण बैठक की। दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, तकनीक और हरित विकास पर चर्चा की। साबरमती आश्रम में गांधी जी को श्रद्धांजलि दी और अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भाग लिया। यह दौरा 25 साल पुरानी भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने वाला साबित होगा।
Updated:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच आज गांधीनगर के महात्मा मंदिर में एक अहम बैठक हुई। यह दौरा चांसलर मर्ज की भारत यात्रा का पहला दौरा है, जो भारत-जर्मनी संबंधों में एक नया अध्याय खोलने वाला माना जा रहा है। दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए विस्तृत चर्चा की। इस मुलाकात में भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा भी की गई, जिसे हाल ही में 25 साल पूरे हुए हैं।

द्विपक्षीय वार्ता में कई अहम मुद्दे

दोनों देशों के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में व्यापार, निवेश और उच्च तकनीक जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई। इसके अलावा रक्षा, हरित और टिकाऊ विकास, विज्ञान और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार साझा किए और शीर्ष उद्योग प्रमुखों के साथ भी चर्चा की।

यह बैठक भारत और जर्मनी के बीच आर्थिक और राजनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। दोनों देश लंबे समय से एक-दूसरे के विश्वसनीय साझेदार रहे हैं और इस बैठक से यह साझेदारी और भी गहरी होने की उम्मीद है।

साबरमती आश्रम में गांधी जी को श्रद्धांजलि

बैठक से पहले दोनों नेताओं ने साबरमती आश्रम जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। दोनों नेताओं ने हृदय कुंज का दौरा किया, जो महात्मा गांधी का पूर्व निवास स्थान था। यहां उन्होंने चरखा चलाने की पारंपरिक प्रक्रिया को देखा और उसे समझा। दोनों नेताओं ने गांधी जी के सादगी और आत्मनिर्भरता के मूल्यों के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया और सत्य और अहिंसा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता की सराहना की।

इस अनुभव से गहराई से प्रभावित होकर चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने दर्शक पुस्तिका में लिखा कि महात्मा गांधी की स्वतंत्रता की शक्ति में दृढ़ विश्वास सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह साझा मानवीय विरासत भारत और जर्मनी के लोगों के बीच मित्रता का पुल बनती है। उन्होंने यह भी कहा कि गांधी जी की शिक्षाएं आज की दुनिया में भी बेहद प्रासंगिक हैं।

गांधी जी के विचारों का वैश्विक महत्व

महात्मा गांधी के विचार और सिद्धांत आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। सत्य, अहिंसा, सादगी और आत्मनिर्भरता के उनके संदेश वर्तमान समय में भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। जर्मन चांसलर द्वारा गांधी जी के प्रति सम्मान व्यक्त करना यह दिखाता है कि गांधी जी की विरासत केवल भारत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे विश्व के लिए एक मार्गदर्शक है।

अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में शामिल हुए दोनों नेता

दोनों नेताओं ने अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भी हिस्सा लिया। यह तीन दिवसीय महोत्सव 50 देशों से आए 135 पतंगबाजों के साथ-साथ भारत और गुजरात से 900 से अधिक प्रतिभागियों को प्रदर्शित करता है। इस उत्सव की खास बात यह है कि इसमें विभिन्न देशों की संस्कृति और परंपराओं का प्रतिनिधित्व होता है।

तीन दिवसीय महोत्सव के मुख्य आकर्षण में 13 जनवरी को रात में पतंगबाजी, विरासत हवेलियां और एक समर्पित पतंग संग्रहालय शामिल हैं। इस साल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ विषय पर आधारित पतंगों ने खास तौर पर लोगों में जिज्ञासा जगाई है। यह विषय भारत की सैन्य शक्ति और राष्ट्रीय गौरव को दर्शाता है।

पतंग महोत्सव का सांस्कृतिक महत्व

अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव गुजरात की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह आयोजन न केवल भारतीय संस्कृति को दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है, बल्कि विभिन्न देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक मंच भी बनता है। पतंगबाजी का यह त्योहार उत्तरायण के अवसर पर मनाया जाता है, जो गुजरात में एक प्रमुख त्योहार है।

भारत-जर्मनी संबंधों का भविष्य

भारत और जर्मनी के बीच 25 साल से चल रही रणनीतिक साझेदारी ने दोनों देशों को आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक रूप से करीब लाया है। जर्मनी भारत में निवेश करने वाले प्रमुख यूरोपीय देशों में से एक है। दोनों देशों के बीच व्यापार संबंध मजबूत हैं और आने वाले समय में इन्हें और भी गहरा करने की योजना है।

रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ रहा है। हरित ऊर्जा और टिकाऊ विकास जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं। यह साझेदारी न केवल दोनों देशों के लिए फायदेमंद है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी शांति और विकास में योगदान देती है।

गुजरात में बैठक का महत्व

गुजरात में इस महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन करना कई कारणों से महत्वपूर्ण है। गुजरात भारत का एक प्रमुख औद्योगिक राज्य है और यहां विदेशी निवेश के लिए अनुकूल माहौल है। साबरमती आश्रम में गांधी जी को श्रद्धांजलि देना यह संदेश देता है कि भारत की विदेश नीति गांधी जी के शांति और सहयोग के सिद्धांतों पर आधारित है।

यह दौरा भारत-जर्मनी संबंधों में एक नया अध्याय खोलने वाला साबित होगा। दोनों देश मिलकर वैश्विक चुनौतियों का सामना करने और विकास के नए अवसर तलाशने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस बैठक से दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना और मजबूत होगी।


यह खबर एआईआर के इनपुट के साथ प्रकाशित की गई है


Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।