
Himachal Pradesh Snowfall: हिमाचल प्रदेश में सोमवार को हुई भारी बर्फबारी और बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य के पहाड़ी इलाकों में लगातार गिरती बर्फ के कारण 1,250 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से शिमला और आसपास के इलाकों में बर्फ देखने पहुंचे सैकड़ों पर्यटक अब रास्तों में फंस गए हैं। खूबसूरत वादियों का लुत्फ उठाने आए सैलानियों के लिए यह सफर अब परेशानी भरा बन गया है। सड़कों के बंद होने से यातायात ठप भारी हिमपात की वजह से राष्ट्रीय राजमार्गों से लेकर ग्रामीण संपर्क मार्ग तक बंद हो

Himachal Pradesh Snowfall: हिमाचल प्रदेश में सोमवार को हुई भारी बर्फबारी और बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य के पहाड़ी इलाकों में लगातार गिरती बर्फ के कारण 1,250 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से शिमला और आसपास के इलाकों में बर्फ देखने पहुंचे सैकड़ों पर्यटक अब रास्तों में फंस गए हैं। खूबसूरत वादियों का लुत्फ उठाने आए सैलानियों के लिए यह सफर अब परेशानी भरा बन गया है। सड़कों के बंद होने से यातायात ठप भारी हिमपात की वजह से राष्ट्रीय राजमार्गों से लेकर ग्रामीण संपर्क मार्ग तक बंद हो

Himachal Pradesh Snowfall: 23 जनवरी से हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में जबरदस्त बर्फबारी शुरू हुई है। लाहौल-स्पीति और कुल्लू जैसे जिलों में 3 से 4 फीट तक बर्फ जमा हो गई है। मनाली के मशहूर मॉल रोड पर भी करीब एक फुट बर्फ गिरी है, जो पिछले 4-5 सालों में नहीं देखी गई थी। इस भारी बर्फबारी की वजह से 500 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई हैं। इनमें अटल टनल और रोहतांग दर्रा भी शामिल हैं। इस स्थिति में दूसरे राज्यों से आए सैकड़ों पर्यटक अलग-अलग जगहों पर फंस गए हैं। मौसम ने ली करवट, पर्यटक हुए परेशान

Himachal Pradesh Snowfall: 23 जनवरी से हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में जबरदस्त बर्फबारी शुरू हुई है। लाहौल-स्पीति और कुल्लू जैसे जिलों में 3 से 4 फीट तक बर्फ जमा हो गई है। मनाली के मशहूर मॉल रोड पर भी करीब एक फुट बर्फ गिरी है, जो पिछले 4-5 सालों में नहीं देखी गई थी। इस भारी बर्फबारी की वजह से 500 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई हैं। इनमें अटल टनल और रोहतांग दर्रा भी शामिल हैं। इस स्थिति में दूसरे राज्यों से आए सैकड़ों पर्यटक अलग-अलग जगहों पर फंस गए हैं। मौसम ने ली करवट, पर्यटक हुए परेशान

Himachal Fire Accident: हिमाचल प्रदेश के शांत पहाड़ी इलाके सिरमौर से आई खबर पूरे प्रदेश को झकझोर देने वाली है। श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत धनडूरी पंचायत के तलंगाना गांव में देर रात हुआ अग्निकांड केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार के उजड़ जाने की दर्दनाक कहानी है। रात करीब 3 बजे जब पूरा गांव गहरी नींद में था, उसी समय एक घर में उठी आग की लपटों ने छह जिंदगियों को हमेशा के लिए छीन लिया। इस हादसे में कविता देवी, उनकी मासूम बेटियां सारिका और कृतिका, तृप्ता देवी और नरेश कुमार की जलकर मौत हो गई।

Himachal Fire Accident: हिमाचल प्रदेश के शांत पहाड़ी इलाके सिरमौर से आई खबर पूरे प्रदेश को झकझोर देने वाली है। श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत धनडूरी पंचायत के तलंगाना गांव में देर रात हुआ अग्निकांड केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार के उजड़ जाने की दर्दनाक कहानी है। रात करीब 3 बजे जब पूरा गांव गहरी नींद में था, उसी समय एक घर में उठी आग की लपटों ने छह जिंदगियों को हमेशा के लिए छीन लिया। इस हादसे में कविता देवी, उनकी मासूम बेटियां सारिका और कृतिका, तृप्ता देवी और नरेश कुमार की जलकर मौत हो गई।

Himachal Bus Accident: हिमाचल प्रदेश की शांत और खूबसूरत पहाड़ियों ने एक बार फिर एक दर्दनाक मंजर देखा है। सिरमौर जिले में सोलन से हरिपुरधर जा रही एक निजी बस खाई में गिर गयी. इस दर्दनाक हादसे में 14 लोगों की मौत हो गयी. वहीं दर्जनों की संख्या में यात्री घायल हैं. सभी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. यह दुर्घटना ऐसे समय में हुई, जब बस में कुल 66 यात्री सवार थे। दुर्घटना का भयावह दृश्य स्थानीय लोगों के अनुसार, दुर्घटनास्थल बेहद दुर्गम इलाके में है, जहां तक पहुंचना आसान नहीं। बस गहरी खाई में गिरने के

Himachal Bus Accident: हिमाचल प्रदेश की शांत और खूबसूरत पहाड़ियों ने एक बार फिर एक दर्दनाक मंजर देखा है। सिरमौर जिले में सोलन से हरिपुरधर जा रही एक निजी बस खाई में गिर गयी. इस दर्दनाक हादसे में 14 लोगों की मौत हो गयी. वहीं दर्जनों की संख्या में यात्री घायल हैं. सभी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. यह दुर्घटना ऐसे समय में हुई, जब बस में कुल 66 यात्री सवार थे। दुर्घटना का भयावह दृश्य स्थानीय लोगों के अनुसार, दुर्घटनास्थल बेहद दुर्गम इलाके में है, जहां तक पहुंचना आसान नहीं। बस गहरी खाई में गिरने के

Paragliding Accident Kullu: हिमाचल प्रदेश का कुल्लू जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और साहसिक पर्यटन गतिविधियों के लिए देशभर में जाना जाता है, लेकिन यही रोमांच जब लापरवाही से जुड़ जाए तो वह जानलेवा भी साबित हो सकता है। कुल्लू जिले के भुंतर क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट गड़सा में हुआ ताजा हादसा इसी कड़वी सच्चाई को सामने लाता है। यहां एक पर्यटक के लिए रोमांचक उड़ान अस्पताल के बिस्तर तक पहुंच गई। 27 दिसंबर की शाम को हुई यह घटना भले ही अब सामने आई हो, लेकिन इसने एक बार फिर पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी

Paragliding Accident Kullu: हिमाचल प्रदेश का कुल्लू जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और साहसिक पर्यटन गतिविधियों के लिए देशभर में जाना जाता है, लेकिन यही रोमांच जब लापरवाही से जुड़ जाए तो वह जानलेवा भी साबित हो सकता है। कुल्लू जिले के भुंतर क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट गड़सा में हुआ ताजा हादसा इसी कड़वी सच्चाई को सामने लाता है। यहां एक पर्यटक के लिए रोमांचक उड़ान अस्पताल के बिस्तर तक पहुंच गई। 27 दिसंबर की शाम को हुई यह घटना भले ही अब सामने आई हो, लेकिन इसने एक बार फिर पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी

Kasol New Year Trip: नए साल को शहर के शोर-शराबे से दूर, प्रकृति की गोद में बिताने का सपना देखते हैं? अगर हां, तो मेरी मानिए, कसोल से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती। हिमाचल प्रदेश में बसा यह खूबसूरत पहाड़ी क्षेत्र मेरे लिए एक ऐसी जादूई दुनिया है जहां हर कोना आपको जीवन की सच्ची परिभाषा सिखा देता है। कसोल केवल एक गंतव्य नहीं है, बल्कि आपके आत्मा को शांति देने वाली एक अनुभूति है। मैंने हमेशा सोचा है कि अगर आप अपने आप को खोजना चाहते हैं, तो इन पहाड़ों की गोद में ही यह संभव है। और

Kasol New Year Trip: नए साल को शहर के शोर-शराबे से दूर, प्रकृति की गोद में बिताने का सपना देखते हैं? अगर हां, तो मेरी मानिए, कसोल से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती। हिमाचल प्रदेश में बसा यह खूबसूरत पहाड़ी क्षेत्र मेरे लिए एक ऐसी जादूई दुनिया है जहां हर कोना आपको जीवन की सच्ची परिभाषा सिखा देता है। कसोल केवल एक गंतव्य नहीं है, बल्कि आपके आत्मा को शांति देने वाली एक अनुभूति है। मैंने हमेशा सोचा है कि अगर आप अपने आप को खोजना चाहते हैं, तो इन पहाड़ों की गोद में ही यह संभव है। और

रोहतांग पास बंद होने से हिमाचल में बदलता पर्यटक मौसम हिमाचल प्रदेश के पर्यटन परिदृश्य में साल के हर मौसम की अपनी एक विशिष्ट पहचान होती है। जैसे ही नवंबर का अंतिम सप्ताह आता है, बर्फबारी के संकेतों के साथ पहाड़ों में ठंड तेजी से बढ़ने लगती है और सर्दियों का असली दौर शुरू हो जाता है। इसी बदलते मौसम के बीच मनाली–लेह मार्ग आधिकारिक रूप से वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हो गया है, जो देश के लिए सामरिक महत्व रखता है। इस मार्ग का बंद होना केवल हिमाचल के लिए नहीं बल्कि सीमा सुरक्षा के लिए भी

रोहतांग पास बंद होने से हिमाचल में बदलता पर्यटक मौसम हिमाचल प्रदेश के पर्यटन परिदृश्य में साल के हर मौसम की अपनी एक विशिष्ट पहचान होती है। जैसे ही नवंबर का अंतिम सप्ताह आता है, बर्फबारी के संकेतों के साथ पहाड़ों में ठंड तेजी से बढ़ने लगती है और सर्दियों का असली दौर शुरू हो जाता है। इसी बदलते मौसम के बीच मनाली–लेह मार्ग आधिकारिक रूप से वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हो गया है, जो देश के लिए सामरिक महत्व रखता है। इस मार्ग का बंद होना केवल हिमाचल के लिए नहीं बल्कि सीमा सुरक्षा के लिए भी

हिमाचल पुलिस पर हमला: शराब ठेके के पास शिकायत सुलझाने गई टीम पर ईंट पत्थरों की बरसात हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में ऐसी घटना सामने आई है जिसने राज्य में कानून व्यवस्था की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नालागढ़ के गांव खेड़ा में शराब ठेके के पास हुई मारपीट की शिकायत पर जब पुलिस पहुंची, तभी शिकायत का समाधान तलाशने आई यह टीम खुद हमले की शिकार बन गई। आरोपितों ने बिना किसी भय के पुलिस पर ईंट, पत्थर, बोतल और डंडों से हमला कर दिया। इतना ही नहीं, पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए

हिमाचल पुलिस पर हमला: शराब ठेके के पास शिकायत सुलझाने गई टीम पर ईंट पत्थरों की बरसात हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में ऐसी घटना सामने आई है जिसने राज्य में कानून व्यवस्था की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नालागढ़ के गांव खेड़ा में शराब ठेके के पास हुई मारपीट की शिकायत पर जब पुलिस पहुंची, तभी शिकायत का समाधान तलाशने आई यह टीम खुद हमले की शिकार बन गई। आरोपितों ने बिना किसी भय के पुलिस पर ईंट, पत्थर, बोतल और डंडों से हमला कर दिया। इतना ही नहीं, पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए

हिमाचल कैबिनेट के प्रमुख निर्णयों का विस्तृत विवरण पंचायतों का पुर्नगठन एवं चुनाव हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश की पंचायत व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया पर गहन चर्चा हुई। कैबिनेट ने पंचायतों के पुर्नगठन (Reorganization) की प्रक्रिया आरंभ करने का निर्णय लिया।सरकारी सूत्रों के अनुसार, पंचायत चुनाव दिसंबर में कराना प्रस्तावित है, किन्तु सड़कों और अन्य आधारभूत संरचनाओं की स्थिति पूरी तरह से चुनाव के अनुकूल नहीं है। इसलिए, चुनाव से पूर्व आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद ही अंतिम तिथि घोषित की जाएगी। नगर निगम में मेयर एवं

हिमाचल कैबिनेट के प्रमुख निर्णयों का विस्तृत विवरण पंचायतों का पुर्नगठन एवं चुनाव हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश की पंचायत व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया पर गहन चर्चा हुई। कैबिनेट ने पंचायतों के पुर्नगठन (Reorganization) की प्रक्रिया आरंभ करने का निर्णय लिया।सरकारी सूत्रों के अनुसार, पंचायत चुनाव दिसंबर में कराना प्रस्तावित है, किन्तु सड़कों और अन्य आधारभूत संरचनाओं की स्थिति पूरी तरह से चुनाव के अनुकूल नहीं है। इसलिए, चुनाव से पूर्व आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद ही अंतिम तिथि घोषित की जाएगी। नगर निगम में मेयर एवं

मुख्यमंत्री सुक्खू ने बालिका आश्रम में दीपावली मनाई हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला स्थित बालिका आश्रम का दौरा किया और वहां रह रही बालिकाओं के साथ दीपावली पर्व मनाया। उन्होंने बालिकाओं को मिठाई, उपहार और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य इन अनाथ बच्चों के जीवन में आशा और आत्मनिर्भरता की नई किरण जगाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बच्चे समाज के अभिन्न अंग हैं और प्रदेश के संसाधनों पर इनका भी उतना ही अधिकार है जितना किसी अन्य नागरिक का। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन बच्चों

मुख्यमंत्री सुक्खू ने बालिका आश्रम में दीपावली मनाई हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला स्थित बालिका आश्रम का दौरा किया और वहां रह रही बालिकाओं के साथ दीपावली पर्व मनाया। उन्होंने बालिकाओं को मिठाई, उपहार और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य इन अनाथ बच्चों के जीवन में आशा और आत्मनिर्भरता की नई किरण जगाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बच्चे समाज के अभिन्न अंग हैं और प्रदेश के संसाधनों पर इनका भी उतना ही अधिकार है जितना किसी अन्य नागरिक का। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन बच्चों

हिमाचल: दीवाली से पहले किन्नौर में भीषण आग, दो घर जलकर राख किन्नौर: दिवाली से ठीक पहले हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के सापनी पंचायत के वार्ड नंबर 4 बटुरी गांव में शनिवार शाम भीषण आग लग गई। घटना शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है। आग इतनी तेज थी कि दो लकड़ी के मकान पूरी तरह जलकर राख हो गए। दोनों मकान स्थानीय निवासी विद्या लाल और विजेंद्र के बताए जा रहे हैं। हालांकि, किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, और पालतू पशुओं को भी सुरक्षित बचा लिया गया। लाखों का नुकसान आग की लपटों में लाखों

हिमाचल: दीवाली से पहले किन्नौर में भीषण आग, दो घर जलकर राख किन्नौर: दिवाली से ठीक पहले हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के सापनी पंचायत के वार्ड नंबर 4 बटुरी गांव में शनिवार शाम भीषण आग लग गई। घटना शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है। आग इतनी तेज थी कि दो लकड़ी के मकान पूरी तरह जलकर राख हो गए। दोनों मकान स्थानीय निवासी विद्या लाल और विजेंद्र के बताए जा रहे हैं। हालांकि, किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, और पालतू पशुओं को भी सुरक्षित बचा लिया गया। लाखों का नुकसान आग की लपटों में लाखों