Himachal Pradesh Snowfall: 23 जनवरी से हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में जबरदस्त बर्फबारी शुरू हुई है। लाहौल-स्पीति और कुल्लू जैसे जिलों में 3 से 4 फीट तक बर्फ जमा हो गई है। मनाली के मशहूर मॉल रोड पर भी करीब एक फुट बर्फ गिरी है, जो पिछले 4-5 सालों में नहीं देखी गई थी। इस भारी बर्फबारी की वजह से 500 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई हैं। इनमें अटल टनल और रोहतांग दर्रा भी शामिल हैं। इस स्थिति में दूसरे राज्यों से आए सैकड़ों पर्यटक अलग-अलग जगहों पर फंस गए हैं।
मौसम ने ली करवट, पर्यटक हुए परेशान
पिछले कुछ दिनों से हिमाचल प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बर्फबारी हो रही है और मैदानी इलाकों में बारिश का दौर जारी है। खासकर लाहौल-स्पीति, कुल्लू, मनाली, शिमला और किन्नौर जैसे इलाकों में तापमान शून्य से नीचे चला गया है। रात में ठंड इतनी बढ़ जाती है कि लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।
इस मौसम में बड़ी संख्या में देश के अलग-अलग हिस्सों से पर्यटक हिमाचल घूमने आए थे। कई लोग खूबसूरत नजारों को देखने और वीडियो बनाने के लिए ऊंचे इलाकों में चले गए। लेकिन अचानक हुई भारी बर्फबारी ने उन्हें मुश्किल में डाल दिया। पटलीकुहल और इसके आसपास के इलाकों में सैकड़ों गाड़ियां फंस गईं। बहुत से लोग अपनी गाड़ियों में ही रात बिताने को मजबूर हो गए।
They spend their whole night in cars.
Manali update 24.01.2026 pic.twitter.com/fV5jdp38oX
— Go Himachal (@GoHimachal_) January 24, 2026
500 से ज्यादा सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने बताया कि इस समय 500 से ज्यादा सड़कें बर्फ की वजह से बंद पड़ी हैं। इनमें कई अहम मार्ग भी शामिल हैं। अटल टनल, जो मनाली को लाहौल-स्पीति से जोड़ती है, पूरी तरह बंद कर दी गई है। रोहतांग दर्रा भी बर्फ से ढका हुआ है और वहां से गुजरना खतरनाक हो गया है।
इसके अलावा छोटे-छोटे गांवों को जोड़ने वाली सड़कें भी बंद हो गई हैं। कई इलाकों में बिजली और पानी की सप्लाई भी बाधित हुई है। स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के काम करने में दिक्कत हो रही है। स्कूल और कॉलेज भी कई जगह बंद कर दिए गए हैं।
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स्थानीय लोगों की नाराजगी
स्थानीय लोग इस स्थिति से काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि हर साल सर्दियों में पर्यटकों की भारी भीड़ आती है, लेकिन वे मौसम की जानकारी लिए बिना ही यहां आ जाते हैं। बिना तैयारी के ऊंचे पहाड़ों पर चले जाते हैं और फिर मुसीबत में फंस जाते हैं।
इस बार भी ऐसा ही हुआ। कई पर्यटक छोटी गाड़ियों में बिना चेन के बर्फीली सड़कों पर चल पड़े। नतीजा यह हुआ कि उनकी गाड़ियां बीच रास्ते में फंस गईं। इससे न सिर्फ वे खुद मुश्किल में पड़े, बल्कि दूसरे लोगों के लिए भी रास्ता रुक गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की भीड़ से यहां के संसाधनों पर बहुत दबाव पड़ता है। खाने-पीने का सामान, ईंधन और दवाइयां कम पड़ने लगती हैं। साथ ही, बचाव कार्य में भी दिक्कत आती है।
सरकार ने उठाए कदम
हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस स्थिति पर तुरंत ध्यान दिया। उन्होंने बर्फ हटाने वाली मशीनें (स्नोप्लो) तैनात करने के आदेश दिए। सभी जरूरी मार्गों पर विभाग की टीमें काम कर रही हैं।
मंत्री जी ने लोगों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि इस मौसम में केवल 4×4 गाड़ियों से ही पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करें। साधारण गाड़ियों से बर्फीली सड़कों पर जाना खतरनाक हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि लोग बिना जरूरत के घर से न निकलें और मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लें।
प्रशासन ने पटलीकुहल और दूसरे इलाकों में फंसे पर्यटकों को निकालने के लिए बचाव दल भेजे हैं। कई लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा चुका है। लेकिन अभी भी कई लोग फंसे हुए हैं और बचाव कार्य जारी है।
पर्यटकों को सलाह
अधिकारियों ने पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करें। बर्फबारी के समय ऊंचे इलाकों में जाने से बचें। अगर जाना जरूरी हो तो गाड़ी में चेन, गर्म कपड़े, खाना-पानी और जरूरी दवाइयां साथ रखें।
साथ ही, स्थानीय प्रशासन से संपर्क में रहें और रास्ते की स्थिति की जानकारी लेते रहें। बिना गाइड के अनजान रास्तों पर न जाएं। आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर अपने पास रखें।
मौसम विभाग की चेतावनी
Himachal Pradesh Snowfall: मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए और भी बर्फबारी और बारिश की चेतावनी जारी की है। ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी की संभावना है। तापमान और भी नीचे जा सकता है। इसलिए लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है।
कुछ इलाकों में हिमस्खलन का भी खतरा बताया जा रहा है। ऐसे इलाकों को खाली कराया जा रहा है। सुरक्षा के लिए कई जगहों पर प्रतिबंध लगा दिए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश में इस समय प्रकृति अपना रौद्र रूप दिखा रही है। भारी बर्फबारी ने जहां पहाड़ों को और खूबसूरत बना दिया है, वहीं लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। पर्यटकों को समझना होगा कि सुंदर नजारों के साथ-साथ सुरक्षा भी जरूरी है। बिना तैयारी के पहाड़ों पर जाना जान जोखिम में डालने जैसा है।
सरकार और प्रशासन अपने स्तर पर काम कर रहे हैं। लेकिन लोगों को भी जिम्मेदारी दिखानी होगी। सही समय पर सही फैसला ही मुसीबत से बचा सकता है। हिमाचल की खूबसूरती हमेशा रहेगी, लेकिन जान बचाना सबसे पहले जरूरी है।