महाशिवरात्रि का पावन दिन और आस्था का सागर
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर झारखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देश के अलग-अलग राज्यों से आए लाखों भक्त भगवान शिव की पूजा और जल चढ़ाने के लिए सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े दिखाई दिए। पूरा मंदिर परिसर “हर हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
सुबह से शुरू हुई पूजा व्यवस्था
रविवार तड़के सबसे पहले सरकारी पूजा संपन्न कराई गई। इसके बाद सुबह लगभग 4:30 बजे से आम श्रद्धालुओं के लिए जल चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हुई। जैसे ही मंदिर के द्वार खुले, बड़ी संख्या में श्रद्धालु लाइन में लगकर शांतिपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कई भक्त रात से ही मंदिर परिसर के आसपास पहुंच गए थे ताकि उन्हें जल्दी दर्शन मिल सके।
लाखों भक्तों की मौजूदगी से बढ़ी रौनक
महाशिवरात्रि के कारण देवघर शहर में अलग ही उत्साह देखने को मिला। सड़कों, बाजारों और मंदिर के आसपास श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई। स्थानीय दुकानों पर पूजा सामग्री, फूल, बेलपत्र और प्रसाद की बिक्री भी काफी बढ़ गई। होटल और धर्मशालाएं भी श्रद्धालुओं से भरी रहीं, जिससे शहर की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आई।
प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था
भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। मंदिर परिसर के अंदर और बाहर जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था बनाई गई और दिशा-निर्देश देने के लिए स्वयंसेवकों को भी लगाया गया। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी गई।
साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुविधाओं पर ध्यान
प्रशासन ने साफ-सफाई की व्यवस्था को भी मजबूत रखा। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में नियमित सफाई कराई गई ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल टीम और एंबुलेंस भी तैनात की गईं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता दी जा सके। यह व्यवस्था खासतौर पर बुजुर्ग और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी साबित हुई।
धार्मिक पर्यटन को मिलता है बढ़ावा
हर साल महाशिवरात्रि के मौके पर यहां लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलते हैं और छोटे व्यापारियों की आय बढ़ती है। राज्य सरकार भी इस धार्मिक आयोजन को बेहतर बनाने के लिए लगातार सुविधाओं में सुधार कर रही है, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और आसान दर्शन मिल सकें।
आस्था और अनुशासन का अनोखा उदाहरण
इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद व्यवस्था काफी शांतिपूर्ण रही। लोगों ने धैर्य और अनुशासन के साथ अपनी बारी का इंतजार किया और पूजा-अर्चना संपन्न की। यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि सामाजिक अनुशासन और सहयोग का भी उदाहरण बनकर सामने आया।
भक्तिमय माहौल ने बढ़ाई श्रद्धा
पूरे झारखंड, खासकर झारखंड में महाशिवरात्रि को लेकर उत्साह देखा गया, लेकिन देवघर में इसका विशेष महत्व रहा। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, पूजा और धार्मिक कार्यक्रमों ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं का कहना है कि इस दिन बाबा बैद्यनाथ के दर्शन करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
इस प्रकार महाशिवरात्रि के अवसर पर देवघर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि देश में धार्मिक परंपराएं आज भी लोगों के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था और श्रद्धालुओं के अनुशासन ने इस बड़े आयोजन को सफल और यादगार बना दिया।