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झारखंड के साहिबगंज जिले में बारहेट-बारहारवा सड़क पर भीषण हादसा, तेल टैंकर से टकराई ऑटो, चार की मौत

झारखंड के साहिबगंज जिले में बारहेट-बारहारवा सड़क पर भीषण हादसा, तेल टैंकर से टकराई ऑटो, चार की मौत
Barhait Barharwa Road Accident: तेल टैंकर और ऑटो की टक्कर में चार की मौत, स्कूली बच्ची समेत तीन घायल (File Photo)

झारखंड के साहिबगंज जिले में बारहेट-बारहारवा सड़क पर ऑटो और तेल टैंकर की भीषण टक्कर में एक स्कूली बच्ची समेत चार लोगों की मौत हो गई। तीन बच्चे गंभीर रूप से घायल हैं। स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की अनुपस्थिति से गुस्साए लोगों ने सीएचसी में तोड़फोड़ की। पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर जांच शुरू की है।

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Asfi Shadab
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बारहेट-बारहारवा मुख्य सड़क पर भयानक सड़क हादसा

झारखंड के साहिबगंज जिले में एक भयानक सड़क हादसे ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। बारहेट-बारहारवा मुख्य सड़क पर छोट रांगा डांड ब्रिज जंक्शन के पास एक यात्री ऑटोरिक्शा और तेल टैंकर के बीच भीषण टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में एक स्कूली बच्ची समेत चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं तीन बच्चों समेत कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने घायलों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया। हालांकि, सही इलाज की सुविधा न मिलने और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की अनुपस्थिति से गुस्साए लोगों ने रांगा पटना में स्वास्थ्य केंद्र में तोड़फोड़ कर दी।

घटना का पूरा विवरण

जानकारी के अनुसार, यह ऑटोरिक्शा बारहेट से बारहारवा की ओर जा रही थी। ऑटो में कई यात्री सवार थे जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। वहीं दूसरी ओर से तेल खाली करके एक टैंकर बारहारवा से वापस आ रहा था। छोट रांगा डांड ब्रिज जंक्शन के पास दोनों वाहनों के बीच सीधी टक्कर हो गई।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटोरिक्शा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। मौके पर ही तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक घायल ने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि दुर्घटना के समय सभी यात्री डाहुआजोद चक पर उतरने वाले थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

मृतकों की पहचान

पुलिस ने मृतकों की पहचान रांगा थाना क्षेत्र के बड़ रांगा गांव की समारा साह (30 वर्ष), करहारी की रंदानी सोरेन (30 वर्ष), डाहुजो गांव की शांति हेमब्रम (6 वर्ष) और ऑटो चालक के रूप में की है। छह साल की मासूम शांति की मौत ने पूरे इलाके में गम का माहौल बना दिया है।

घायलों में तीन बच्चे भी शामिल हैं जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को तुरंत इलाज के लिए विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है।

स्वास्थ्य केंद्र में तोड़फोड़

दुर्घटना के बाद जब घायलों को रांगा पटना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में लाया गया तो वहां डॉक्टर मौजूद नहीं थे। सही इलाज की सुविधा न मिलने से गुस्साए ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र में तोड़फोड़ शुरू कर दी। लोगों का कहना था कि जरूरत के समय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध न होना बेहद शर्मनाक है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में हमेशा डॉक्टरों की कमी रहती है। आपात स्थिति में भी कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं होता। इस लापरवाही की वजह से कई बार मरीजों की जान चली जाती है।

पुलिस प्रशासन की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही बारहेट सब-डिवीजनल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) नीतिन खंडेलवाल के नेतृत्व में बारहेट और रांगा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए।

जब पुलिस टीम शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी तो ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। लोगों ने कहा कि पहले सड़क सुरक्षा की उचित व्यवस्था की जाए। कुछ देर तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। हालांकि पुलिस ने स्थानीय लोगों से बात करके माहौल शांत कराया।

क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती

घटना के बाद इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारी लगातार इलाके में गश्त कर रहे हैं। डीएसपी हेडक्वार्टर विजय कुमार कुशवाहा ने भी घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया।

पुलिस ने दुर्घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। टैंकर चालक से पूछताछ की जा रही है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आखिर दुर्घटना कैसे हुई और किसकी गलती थी।

सड़क सुरक्षा पर सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बारहेट-बारहारवा मुख्य सड़क पर अक्सर भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। लेकिन सड़क की हालत खराब होने और सुरक्षा उपायों की कमी से हादसे होते रहते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क पर कई खतरनाक मोड़ हैं जहां दुर्घटनाएं आम बात हो गई हैं। लेकिन प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं देता। लोगों ने मांग की है कि सड़क पर गति नियंत्रक लगाए जाएं और भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण किया जाए।

परिवारों पर टूटा दुख का पहाड़

इस हादसे से प्रभावित परिवारों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। तीन परिवारों के कमाने वाले सदस्यों की एक साथ मौत हो गई है। छह साल की मासूम बच्ची की मौत ने तो पूरे गांव को रुला दिया है।

ग्रामीणों ने सरकार से मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही घायलों के इलाज की पूरी जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए।

यह दुखद घटना सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की खराब स्थिति को उजागर करती है। जब तक सड़कों पर सुरक्षा उपाय नहीं किए जाएंगे और स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त सुविधाएं नहीं होंगी, तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। प्रशासन को इस दिशा में गंभीरता से काम करने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।