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तिरुवनंतपुरम में बड़ा रेल हादसा! हाई-स्पीड वंदे भारत के सामने आया ऑटो, मचा हड़कंप

तिरुवनंतपुरम में बड़ा रेल हादसा! हाई-स्पीड वंदे भारत के सामने आया ऑटो, मचा हड़कंप
Vande Bharat Express

केरल के तिरुवनंतपुरम में अकाथुमुरी हॉल्ट के पास रेलवे ट्रैक पर लावारिस ऑटो रिक्शा मिलने से वंदे भारत एक्सप्रेस बड़े हादसे से बच गई। लोको पायलट की त्वरित कार्रवाई से ट्रेन समय रहते रुक गई। आरोपी ऑटो चालक को हिरासत में लिया गया है।

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Dipali Kumari
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Vande Bharat Accident: केरल के तिरुवनंतपुरम जिले में मंगलवार रात एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि रेलवे व्यवस्था में मानवीय सतर्कता कितनी अहम भूमिका निभाती है। अकाथुमुरी हॉल्ट स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर एक लावारिस ऑटो रिक्शा दिखने से वंदे भारत एक्सप्रेस एक बड़े हादसे का शिकार होते-होते बच गई।

कासरगोड से तिरुवनंतपुरम जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 20633) मंगलवार रात लगभग 10 बजकर 10 मिनट पर वर्कला-कडाक्कावुर सेक्शन में अकाथुमुरी हॉल्ट के पास पहुंच रही थी। इसी दौरान लोको पायलट की नजर डाउन लाइन ट्रैक पर खड़े एक सड़क वाहन पर पड़ी। तेज रफ्तार से दौड़ रही हाई-स्पीड ट्रेन के सामने अचानक ट्रैक पर ऑटो रिक्शा दिखना किसी भी पल बड़े हादसे में बदल सकता था।

जैसे ही लोको पायलट ने ट्रैक पर ऑटो रिक्शा देखा, उसने बिना समय गंवाए इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। हाई-स्पीड ट्रेन को कुछ ही दूरी में रोक लेना आसान नहीं होता, लेकिन पायलट की सूझबूझ और अनुभव ने एक संभावित त्रासदी को रोक दिया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम कुछ ही सेकंड में हुआ। ट्रेन की रफ्तार और दूरी को देखते हुए यह फैसला बेहद निर्णायक था। अगर ब्रेक लगाने में जरा भी देरी होती, तो ट्रेन ऑटो रिक्शा से टकरा सकती थी।

यात्रियों में फैली दहशत

ट्रेन के अचानक रुकने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्रियों को शुरुआत में समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। बाद में जब उन्हें घटना की जानकारी मिली, तो सभी ने राहत की सांस ली और लोको पायलट की तारीफ की।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रैक पर खड़ा ऑटो रिक्शा पूरी तरह लावारिस हालत में मिला। न तो उसमें कोई ड्राइवर था और न ही कोई यात्री। यह सवाल अपने आप में चौंकाने वाला है कि आखिर एक ऑटो रिक्शा रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंचा।

करीब एक घंटे की देरी

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल, इंजीनियरिंग विभाग और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। सबसे पहले ट्रैक से ऑटो रिक्शा हटाया गया, ताकि रेल यातायात बहाल किया जा सके।

इस घटना के कारण वंदे भारत एक्सप्रेस करीब एक घंटे तक रुकी रही। रात 11 बजकर 15 मिनट पर ट्रेन को दोबारा रवाना किया गया और वह रात 11 बजकर 50 मिनट पर तिरुवनंतपुरम सेंट्रल स्टेशन पहुंची।

शराब के नशे में था ऑटो चालक

रेलवे सुरक्षा बल की जांच में बाद में सामने आया कि ऑटो रिक्शा का चालक सुधी शराब के नशे में था। उसे हिरासत में ले लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रेलवे अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है।

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।