जरूर पढ़ें

अजित पवार के निधन पर विजय वडेट्टीवार ने जताया गहरा शोक, कहा महाराष्ट्र ने खोया सच्चा लोकनेता

Ajit Pawar Tribute by Vijay Waddettiwar: महाराष्ट्र के मंत्री विजय वडेट्टीवार ने अजित पवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने अजित पवार को कुशल प्रशासक, स्पष्ट वक्ता और जनहितैषी नेता बताया। वडेट्टीवार ने 25 वर्षों के साथ को याद करते हुए कहा कि अजित पवार की कथनी और करनी में कभी अंतर नहीं रहा। महाराष्ट्र ने सच्चा लोकनेता खो दिया।

Updated:

Ajit Pawar Tribute by Vijay Waddettiwar : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा झटका लगा है। राज्य के वरिष्ठ नेता और कुशल प्रशासक अजित पवार के निधन की खबर से पूरा महाराष्ट्र शोक में डूब गया है। इस दुखद घड़ी में राज्य के वरिष्ठ नेता और मंत्री विजय वडेट्टीवार ने अपनी भावनाओं को साझा करते हुए अजित पवार को भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने अजित पवार के साथ बिताए गए 25 वर्षों के राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि महाराष्ट्र ने आज एक सच्चे लोकनेता को खो दिया है।

एक सच्चे और स्पष्ट वक्ता नेता

विजय वडेट्टीवार ने अपने बयान में कहा कि अजित दादा राजनीति में अपने शब्दों पर हमेशा कायम रहने वाले नेता थे। वे जो कहते थे, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करके दिखाते थे। राजनीति में अक्सर नेताओं की कथनी और करनी में फर्क देखने को मिलता है, लेकिन अजित पवार इस मामले में बिल्कुल अलग थे। उनकी कथनी और करनी में कभी कोई अंतर नहीं रहा। यही उनकी सबसे बड़ी खासियत थी।

वडेट्टीवार ने बताया कि अजित पवार के पास स्पष्टता थी। जो काम संभव नहीं होता था, उसे वे साफ-साफ मना कर देते थे। वे किसी को झूठी उम्मीद नहीं देते थे। और जो काम संभव होता था, उसे पूरी लगन और ईमानदारी से पूरा करते थे। यह गुण आज के दौर में बहुत कम नेताओं में देखने को मिलता है।

प्रशासनिक कुशलता के धनी

अजित पवार सिर्फ एक राजनेता ही नहीं थे, बल्कि एक बेहतरीन प्रशासक भी थे। उन्होंने विभिन्न विभागों में मंत्री के रूप में काम किया और हर जगह अपनी कुशलता का परिचय दिया। उनकी प्रशासनिक क्षमता को सभी दलों के नेता मानते थे। वे किसी भी विभाग को संभालते थे, तो उसे पूरी जिम्मेदारी से चलाते थे। उनके कार्यकाल में विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और गति दोनों ही देखने को मिलती थी।

राज्यमंत्री से कैबिनेट मंत्री तक का सफर

विजय वडेट्टीवार ने अपने निजी अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब वे पहली बार मंत्रिमंडल में शामिल हुए थे, तब वे अजित पवार के राज्यमंत्री के रूप में काम कर रहे थे। उस समय अजित पवार ने उन्हें राजनीति और प्रशासन के गुर सिखाए। उन्होंने बताया कि विभागीय कार्य कैसे संचालित करना चाहिए, प्रशासन में जिम्मेदारी कैसे निभानी चाहिए और जनता के प्रति जवाबदेही कैसे रखनी चाहिए। ये सभी बातें अजित पवार ने उन्हें सिखाईं।

वडेट्टीवार ने कहा कि उनके मार्गदर्शन में काम करना उनके राजनीतिक जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और यादगार अनुभव रहा। अजित पवार ने उन्हें सिर्फ काम ही नहीं सिखाया, बल्कि राजनीति में नैतिकता और सिद्धांतों को कैसे बनाए रखा जाए, यह भी सिखाया।

25 वर्षों का लंबा साथ

बाद में विजय वडेट्टीवार को अजित पवार के साथ कैबिनेट मंत्री के रूप में भी काम करने का मौका मिला। उन्होंने बताया कि लगभग 25 वर्षों तक उन्होंने अजित पवार के साथ काम किया। इस लंबे समय में उन्होंने उनके नेतृत्व, निर्णय लेने की क्षमता और प्रशासनिक कौशल को बहुत करीब से देखा और समझा।

वडेट्टीवार ने कहा कि इन 25 वर्षों में उन्होंने अजित पवार से बहुत कुछ सीखा। उनका कहना है कि अजित पवार हमेशा जनता के हित को सर्वोपरि मानते थे। वे कोई भी निर्णय लेते समय यह देखते थे कि इससे जनता को क्या फायदा होगा। उनकी नीतियां और योजनाएं हमेशा जनता केंद्रित होती थीं।

जनता के सच्चे हितैषी

अजित पवार की सबसे बड़ी ताकत उनकी जनता के प्रति प्रतिबद्धता थी। वे हमेशा जमीन से जुड़े रहे और जनता की समस्याओं को समझते थे। उनके लिए राजनीति सिर्फ सत्ता पाने का साधन नहीं था, बल्कि जनता की सेवा करने का माध्यम था। यही कारण है कि वे जनता के बीच बेहद लोकप्रिय थे।

उन्होंने अपने कार्यकाल में कई जनहितकारी योजनाएं शुरू कीं और उन्हें धरातल पर उतारा। विकास कार्यों में उनकी विशेष रुचि थी। वे चाहते थे कि महाराष्ट्र का हर नागरिक विकास का लाभ उठाए।

महाराष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति

Ajit Pawar Tribute by Vijay Waddettiwar : विजय वडेट्टीवार ने कहा कि आज महाराष्ट्र की धरती ने एक बड़े नेता को खो दिया है। यह घटना कल्पना से परे है और पूरे राज्य के लिए अत्यंत पीड़ादायक है। महाराष्ट्र ने आज एक सच्चे लोकनेता को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।

वडेट्टीवार का मानना है कि अजित पवार जैसे नेता बार-बार नहीं पैदा होते। उनका अनुभव, उनकी समझ और उनकी कार्यशैली अद्वितीय थी। उनके जाने से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा खालीपन आ गया है।

आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा

हालांकि अजित पवार अब हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनके विचार, उनके आदर्श और उनका काम हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। आने वाली पीढ़ियों के राजनेताओं के लिए वे एक मिसाल बने रहेंगे। उनके जीवन से यह सीख मिलती है कि राजनीति में सिद्धांतों पर अडिग रहकर और जनता की सेवा करके भी सफलता हासिल की जा सकती है।

विजय वडेट्टीवार ने अंत में कहा कि अजित पवार का योगदान महाराष्ट्र के इतिहास में हमेशा स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने प्रार्थना की कि ईश्वर दिवंगत नेता की आत्मा को शांति दे और उनक�� परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दे।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।

Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।