CM Fadnavis on Budget: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय बजट 2026 को विकसित भारत की दिशा में एक मजबूत और दूरदर्शी कदम बताया है। उनके अनुसार यह बजट सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि देश और राज्य की भावी आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक तस्वीर को आकार देने वाला रोडमैप है। शहरीकरण को सुनियोजित तरीके से आगे बढ़ाने, उद्योग और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने तथा निवेश और रोजगार के नए अवसर तैयार करने के लिए इस बजट में ठोस और व्यावहारिक प्रावधान किए गए हैं।
इस बजट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें बुनियादी ढांचे से लेकर कृषि, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और शिक्षा तक हर क्षेत्र को संतुलित रूप से शामिल किया गया है, जिससे विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच सके।
विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया बजट
मुख्यमंत्री के अनुसार यह बजट ‘विकसित भारत’ की अवधारणा को जमीन पर उतारने का प्रयास करता है। इसमें केवल आर्थिक विकास ही नहीं, बल्कि सामाजिक समावेशन और क्षेत्रीय संतुलन पर भी खास ध्यान दिया गया है। शहरीकरण को अनियंत्रित होने से रोकते हुए, उसे योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की सोच इस बजट को पहले से अलग बनाती है।
बुनियादी ढांचे में 12 लाख करोड़ का निवेश, विकास को मिलेगी रफ्तार
बजट 2026 में बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए 12 लाख करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा गया है। इसका सीधा असर सड़क, रेल, शहरी परिवहन, औद्योगिक कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर पड़ेगा। इससे न केवल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि निर्माण और सहयोगी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
इस बजट में कृषि, पशुपालन, मत्स्य व्यवसाय और सिंचाई के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री का मानना है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किए बिना समग्र विकास संभव नहीं है। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि से जुड़े उद्यमों को बढ़ावा देने से किसानों की आय में स्थिरता आएगी और गांवों से शहरों की ओर पलायन भी कम होगा।
महिला सशक्तिकरण को नई ऊंचाई देने की तैयारी
‘लखपति दीदी’ योजना की सफलता के बाद महिलाओं के लिए अलग मॉल और औद्योगिक अवसर उपलब्ध कराने की योजना इस बजट की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इससे महिलाओं को अपने उत्पादों को सीधे बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा और वे आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
इसके साथ ही प्रत्येक जिले में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं के लिए छात्रावास निर्माण की योजना सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों की छात्राओं को उच्च शिक्षा हासिल करने में सहूलियत मिलेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर खास ध्यान
जिला अस्पतालों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने का निर्णय आम जनता के लिए बेहद अहम साबित होगा। इससे गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा और बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी। स्वास्थ्य सेवाओं में यह सुधार आम लोगों के जीवन स्तर को सीधे प्रभावित करेगा।
हाई-स्पीड कॉरिडोर से बढ़ेगी आर्थिक गतिविधि
मुंबई–पुणे और पुणे–हैदराबाद हाई-स्पीड कॉरिडोर परियोजनाएं राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार इन कॉरिडोर से महाराष्ट्र के सकल घरेलू उत्पाद में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और औद्योगिक निवेश को नया प्रोत्साहन मिलेगा।
ग्रोथ हब के लिए 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान
प्रत्येक ग्रोथ हब के लिए अगले पांच वर्षों में 5,000 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे मुंबई महानगर क्षेत्र, पुणे महानगर और नागपुर महानगर के ग्रोथ हब को विशेष लाभ मिलेगा। उद्योग, स्टार्टअप और सेवा क्षेत्र को इससे नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का मानना है कि बजट 2026 समग्र विकास, समावेशी प्रगति और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक निर्णायक पहल है, जो आने वाले वर्षों में राज्य और देश की विकास यात्रा को नई गति देगा।