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Hingoli Trader Fraud: शिरड शहापुर के हल्दी व्यापारी से 14 लाख की ठगी, गुजरात के तीन व्यापारियों पर मामला दर्ज

Hingoli Trader Fraud: शिरड शहापुर के हल्दी व्यापारी से 14 लाख की ठगी, गुजरात के तीन व्यापारियों पर मामला दर्ज
Turmeric Trader Fraud Shird Shahapur: शिरड शहापुर के हल्दी व्यापारी से लाखों की ठगी, गुजरात के व्यापारियों पर केस (File Photo)

हिंगोली जिले के शिरड शहापुर गांव में हल्दी का व्यापार करने वाले एक व्यापारी से गुजरात के तीन व्यापारियों ने 14 लाख रुपये की ठगी की। माल मिलने के बाद पूरा भुगतान नहीं किया गया। आंशिक रकम देने के बाद आरोपी संपर्क से बाहर हो गए। पीड़ित व्यापारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और मामले की जांच जारी है।

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Asfi Shadab
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हिंगोली जिले के औंढा नागनाथ तहसील के शिरड शहापुर गांव में एक गंभीर आर्थिक ठगी का मामला सामने आया है। यहां हल्दी का व्यापार करने वाले एक स्थानीय व्यापारी को गुजरात के व्यापारियों ने लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाया है। यह मामला केवल एक व्यक्ति की ठगी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे कृषि और व्यापार क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है।

यह घटना दिखाती है कि कैसे भरोसे और व्यापारिक रिश्तों का गलत फायदा उठाकर छोटे और मध्यम व्यापारियों को आर्थिक संकट में डाला जा रहा है। शिरड शहापुर के व्यापारी ने मेहनत से उगाई और खरीदी गई हल्दी को बेचा, लेकिन उसके बदले पूरा पैसा नहीं मिला।

इस प्रकरण में औंढा नागनाथ पुलिस थाने में गुजरात के तीन व्यापारियों के खिलाफ जालसाजी का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

कैसे हुई हल्दी के व्यापार में ठगी

शिरड शहापुर निवासी किशोर राजेश पारडे कई वर्षों से हल्दी का व्यापार कर रहे हैं। जुलाई 2025 में गुजरात के सूरत शहर में स्थित सिगरो इंटरनेशनल एल एलपी कंपनी के मालिक सैयद अंजुम इकबाल ने उनसे हल्दी खरीदने के लिए संपर्क किया। बातचीत के बाद 27 टन हल्दी बेचने का सौदा तय हुआ।

4 अगस्त 2025 को तय शर्तों के अनुसार 540 बोरों में भरी हल्दी ट्रक के जरिए पनवेल भेजी गई। 6 अगस्त को कंपनी को माल मिलने की रसीद भी प्राप्त हो गई। इस पूरे माल की कीमत 37 लाख 42 हजार रुपये तय हुई थी।

माल मिलने के बाद व्यापारी किशोर पारडे को उम्मीद थी कि जल्द ही पूरा भुगतान मिल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

पैसे देने में टालमटोल शुरू

हल्दी मिलने के बाद सैयद अंजुम इकबाल ने पैसे देने में टालमटोल शुरू कर दी। बार-बार फोन करने और मांग करने के बाद भी वह पूरे पैसे देने से बचता रहा। लंबे समय तक दबाव बनाने के बाद आरोपी ने चरणबद्ध तरीके से 22 लाख 68 हजार रुपये किशोर पारडे के खाते में जमा किए।

लेकिन अब भी 14 लाख 74 हजार रुपये बाकी रह गए। इस रकम को लेकर लगातार मांग के बावजूद आरोपी हर बार कोई न कोई बहाना बनाता रहा।

दूसरी खेप का झांसा

6 नवंबर 2025 को सैयद अंजुम इकबाल और उसके साथी मोहम्मद आसिफ शिरड शहापुर पहुंचे। उन्होंने फिर से 18 टन पॉलिश हल्दी खरीदने की इच्छा जताई। लेकिन इस बार किशोर पारडे सतर्क हो गए। उन्होंने साफ कहा कि पहले पुरानी हल्दी की बाकी रकम दी जाए, तभी नई हल्दी भेजी जाएगी।

इस बात के बाद आरोपी कुछ समय तक संपर्क में रहे, लेकिन बाद में अचानक उनका मोबाइल फोन बंद आने लगा। यहीं से किशोर पारडे को यह समझ में आ गया कि उनके साथ धोखा हुआ है।

पुलिस में शिकायत दर्ज

काफी समय तक इंतजार और संपर्क के बाद आखिरकार 4 जनवरी 2026 को किशोर राजेश पारडे ने औंढा नागनाथ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में सिगरो इंटरनेशनल एल एलपी कंपनी के मालिक सैयद अंजुम इकबाल, मोहम्मद आसिफ और अब्दुल वहीद मलिक के नाम शामिल हैं। तीनों आरोपी अहमदाबाद, गुजरात के निवासी बताए गए हैं।

पुलिस ने जालसाजी का अपराध दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

इस प्रकरण की जांच पुलिस निरीक्षक जी.एस. राहिरे और श्रीधर वाघमारे कर रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या आरोपियों ने इससे पहले भी किसी अन्य व्यापारी के साथ इसी तरह की ठगी की है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कंपनी के बैंक लेन-देन और दस्तावेज कितने सही हैं।

पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित व्यापारी को न्याय दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।

व्यापारियों के लिए चेतावनी

यह मामला अन्य हल्दी व्यापारियों और किसानों के लिए एक चेतावनी है। दूर के राज्यों में व्यापार करते समय पूरी जांच, लिखित समझौता और सुरक्षित भुगतान व्यवस्था बेहद जरूरी है। केवल फोन और भरोसे के आधार पर बड़े सौदे करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।

स्थानीय व्यापार संघों का भी कहना है कि ऐसे मामलों में सरकार को सख्त कानून और तेज कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि छोटे व्यापारियों का भरोसा बना रहे।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर

हल्दी जैसे कृषि उत्पाद ग्रामीण इलाकों की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। जब किसानों और व्यापारियों को समय पर भुगतान नहीं मिलता, तो इसका सीधा असर पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र पर पड़ता है। यह ठगी केवल एक व्यक्ति का नुकसान नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक सेहत पर चोट है।

इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया है कि व्यापार में ईमानदारी और कानून की मजबूत पकड़ कितनी जरूरी है।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।