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महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत, विपक्ष को लगा झटका

Maharashtra Municipal Elections: महाराष्ट्र में भाजपा की शानदार जीत, जिला परिषद चुनाव में 145 सीटें जीतीं
Maharashtra Municipal Elections: महाराष्ट्र में भाजपा की शानदार जीत, जिला परिषद चुनाव में 145 सीटें जीतीं (File Photo)

Maharashtra Municipal Elections: महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में भाजपा ने 145 सीटों पर बढ़त हासिल की है। एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 85 सीटें मिली हैं जबकि अजित पवार की एनसीपी 80 सीटों पर आगे चल रही है। कांग्रेस को केवल 30 सीटें मिली हैं और उद्धव ठाकरे की शिवसेना 21 सीटों पर सिमट गई है।

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भाजपा ने फिर दिखाया दम

महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों के नतीजे आने के बाद एक बार फिर से भाजपा की ताकत साबित हो गई है। राज्य में हुए जिला परिषद चुनावों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया है। पार्टी को कुल 731 सीटों में से 145 सीटों पर बढ़त मिली है। यह जीत भाजपा के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

विधानसभा चुनावों में मिली जीत के बाद यह भाजपा की लगातार दूसरी बड़ी जीत है। राज्य में भाजपा की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। पार्टी ने सांगली, सतारा और पनवेल जैसे इलाकों में अच्छा प्रदर्शन किया है। यहां भाजपा के उम्मीदवार काफी आगे चल रहे हैं।

महायुति का शानदार प्रदर्शन

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने एक बार फिर अपनी मजबूत पकड़ दिखाई है। भाजपा के साथ एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने भी अच्छा काम किया है। शिंदे गुट को 85 सीटों पर बढ़त मिली है। यह संख्या काफी अच्छी मानी जा रही है।

वहीं अजित पवार की एनसीपी को 80 सीटों पर सफलता मिली है। हालांकि अजित पवार के निधन के बाद पार्टी के सामने चुनौतियां थीं, लेकिन पार्टी ने संभल कर काम किया है। खासकर बारामती और पुणे जैसे इलाकों में एनसीपी का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है।

रविवार को हुआ था मतदान

महाराष्ट्र में कुल 731 जिला परिषद और 1462 पंचायत समिति की सीटों के लिए रविवार को मतदान हुआ था। इस चुनाव में करीब 2 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। पूरे राज्य में शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न हुआ था।

पहले इन चुनावों को 5 फरवरी को कराने की योजना थी। लेकिन डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के चलते चुनाव को कुछ दिनों के लिए टाल दिया गया था। बाद में 8 फरवरी को मतदान कराया गया। आज यानी सोमवार को इन चुनावों के नतीजे आ रहे हैं।

सहानुभूति लहर का फायदा

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी को सहानुभूति लहर का फायदा मिला है। खासकर पुणे और मराठवाड़ा क्षेत्र में यह लहर देखने को मिली है। अजित पवार इन इलाकों के बड़े नेताओं में से एक थे।

बारामती में तो एनसीपी का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है। यह इलाका पवार परिवार का गढ़ माना जाता है। यहां एनसीपी के उम्मीदवार काफी आगे हैं। सोलापुर में भी एनसीपी ने 24 सीटों पर बढ़त हासिल की है।

विपक्ष को बड़ा झटका

विधानसभा चुनावों में हार के बाद से ही विपक्ष निराशा में था। अब नगर निकाय चुनावों में एक बार फिर उन्हें बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस पार्टी को पूरे राज्य में केवल 30 सीटें ही मिल पाई हैं। यह संख्या काफी कम मानी जा रही है।

उद्धव ठाकरे की शिवसेना सेना (यूबीटी) का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा है। पार्टी केवल 21 सीटों पर ही बढ़त हासिल कर पाई है। यह संख्या एकनाथ शिंदे की शिवसेना के मुकाबले काफी कम है।

सोलापुर में कांग्रेस का खाता नहीं खुला

सोलापुर जिले में कांग्रेस पार्टी के लिए खबर और भी बुरी है। यहां अब तक कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल पाया है। जिले में एनसीपी ने 24 सीटों पर बढ़त हासिल की है। वहीं भाजपा और शिवसेना ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है।

यह कांग्रेस के लिए चिंता की बात है। पार्टी को अपनी रणनीति पर फिर से विचार करना होगा। विपक्ष के तौर पर कांग्रेस की भूमिका अहम मानी जाती है, लेकिन लगातार हार से पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट रहा है।

पुणे और मराठवाड़ा में एनसीपी की मजबूती

पुणे और मराठवाड़ा क्षेत्र में एनसीपी ने अपनी मजबूत स्थिति बनाई है। अजित पवार की राजनीतिक पकड़ इन इलाकों में काफी मजबूत थी। उनके निधन के बाद भी पार्टी ने अपनी स्थिति बनाए रखी है।

पुणे जिले में एनसीपी के उम्मीदवार कई जगहों पर आगे चल रहे हैं। मराठवाड़ा में भी पार्टी का प्रदर्शन अच्छा रहा है। यह दर्शाता है कि अजित पवार की विरासत अभी भी जिंदा है।

सांगली और सतारा में भाजपा का दबदबा

पश्चिम महाराष्ट्र के सांगली और सतारा जिलों में भाजपा ने अपना दबदबा बनाया है। इन इलाकों में भाजपा के उम्मीदवार काफी आगे चल रहे हैं। पार्टी ने यहां जमीनी स्तर पर मजबूत काम किया है।

सतारा में भाजपा ने कई अहम सीटों पर जीत हासिल की है। सांगली में भी पार्टी का प्रदर्शन शानदार रहा है। यह जीत भाजपा की संगठनात्मक ताकत को दिखाती है।

आगे की राजनीति पर असर

इन चुनावों के नतीजों का असर महाराष्ट्र की आगे की राजनीति पर भी पड़ेगा। भाजपा की लगातार जीत से पार्टी का मनोबल बढ़ेगा। महायुति गठबंधन और मजबूत होगा।

वहीं विपक्ष को अपनी रणनीति बदलनी होगी। कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की शिवसेना को मिलकर काम करना होगा। नहीं तो आने वाले चुनावों में उन्हें और भी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

राज्य में भाजपा की बढ़ती ताकत विपक्ष के लिए चिंता का विषय है। पार्टी ने ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में अच्छा काम किया है। यह दर्शाता है कि जनता भाजपा की नीतियों से खुश है।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।