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मराठी भाषा के प्रति भाजपा का अनादर – आरएसएस से कांग्रेस का सीधा सवाल

BJP Marathi Language Controversy: नागपुर निगम चुनाव में घोषणा पत्र विवाद, कांग्रेस ने उठाए सवाल
BJP Marathi Language Controversy: नागपुर निगम चुनाव में घोषणा पत्र विवाद, कांग्रेस ने उठाए सवाल (File Photo)
नागपुर नगरपालिका चुनाव 2026 में भाजपा द्वारा घोषणा पत्र मराठी में जारी न करने पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे ने इसे मराठी अस्मिता का अपमान बताते हुए आरएसएस से सवाल किया। कांग्रेस ने अपना घोषणा पत्र मराठी और हिंदी दोनों भाषाओं में जारी किया और 15 जनवरी को जनता से भाजपा को करारा जवाब देने का आवाहन किया है।
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महाराष्ट्र की राजनीतिक राजधानी नागपुर में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। नागपुर महानगरपालिका चुनाव 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी द्वारा अपना घोषणा पत्र मराठी भाषा में जारी न करने पर कांग्रेस पार्टी ने तीखा हमला बोला है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे ने इस मुद्दे को मराठी मानुष का खुला अपमान करार देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से सीधा सवाल किया है।

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब महाराष्ट्र में भाषायी अस्मिता और क्षेत्रीय गौरव के मुद्दे हमेशा संवेदनशील रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा जानबूझकर मराठी भाषा की उपेक्षा कर रही है, जो प्रदेश की जनता के साथ विश्वासघात है।

मुख्यमंत्री के शहर में मराठी की उपेक्षा

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री स्वयं नागपुर से हैं, फिर भी भाजपा ने अपना घोषणा पत्र मराठी में जारी नहीं किया। यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि मराठी अस्मिता का सीधा अपमान है। उन्होंने कहा कि यह रवैया यह साबित करता है कि भाजपा को स्थानीय भाषा और संस्कृति के प्रति कोई सम्मान नहीं है।

लोंढे ने आगे कहा कि नागपुर महाराष्ट्र का दिल है और यहां की जनता मराठी भाषा को अपनी पहचान मानती है। ऐसे में घोषणा पत्र मराठी में न होना जनता के साथ खिलवाड़ जैसा है। उन्होंने सवाल किया कि अगर भाजपा को अपनी नीतियों पर भरोसा है तो वह मराठी में घोषणा पत्र जारी करने से क्यों डर रही है।

आरएसएस से सीधा सवाल

कांग्रेस ने इस मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी सवाल किया है। नागपुर को संघ का मुख्यालय माना जाता है और यहां मराठी भाषा और संस्कृति के प्रति गहरा लगाव रहा है। कांग्रेस का कहना है कि संघ को इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

अतुल लोंढे ने कहा कि संघ हमेशा भारतीय संस्कृति और भाषाओं की रक्षा की बात करता है। लेकिन जब उनकी अपनी पार्टी मराठी भाषा का अपमान कर रही है तो वे चुप क्यों हैं। यह दोहरा मापदंड है और जनता को इसका जवाब मिलना चाहिए।

भाजपा पर जिम्मेदारी से भागने का आरोप

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर मराठी में घोषणा पत्र जारी नहीं कर रही क्योंकि उसे अपनी विफलताओं को छिपाना है। अगर घोषणा पत्र मराठी में होता तो स्थानीय लोग उसे आसानी से पढ़ पाते और भाजपा के खोखले वादों को समझ जाते।

उन्होंने कहा कि यह कायरता है और जनता के प्रति जिम्मेदारी से भागने का प्रयास है। जो पार्टी अपनी भाषा में जनता से बात करने की हिम्मत नहीं रखती, वह जनता का भला कैसे कर सकती है।

कांग्रेस का पारदर्शी घोषणा पत्र

इसके विपरीत, कांग्रेस पार्टी ने अपना घोषणा पत्र मराठी और हिंदी दोनों भाषाओं में जारी किया है। अतुल लोंढे ने बताया कि कांग्रेस का घोषणा पत्र जनहित में तैयार किया गया है और उसमें नागपुर की जनता की समस्याओं का सीधा समाधान दिया गया है।

उन्होंने कहा कि हमें छिपाने के लिए कुछ नहीं है। हमारा घोषणा पत्र पारदर्शी और स्पष्ट है। हमने उसे व्यापक रूप से लोगों तक पहुंचाया है ताकि हर नागरिक जान सके कि कांग्रेस उनके लिए क्या योजना लेकर आई है।

जनता के मुद्दों पर केंद्रित नीतियां

कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में स्थानीय विकास, रोजगार सृजन, बुनियादी सुविधाओं में सुधार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी है। पार्टी का दावा है कि उसकी नीतियां जमीनी हकीकत से जुड़ी हैं और आम लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं।

लोंढे ने कहा कि नागपुर के लोग शिक्षित हैं और वे जानते हैं कि उनके हित में क्या है। कांग्रेस को विश्वास है कि जनता सही निर्णय लेगी और विकास के असली एजेंडे को चुनेगी।

भाजपा की विफलताओं का हिसाब

कांग्रेस ने भाजपा पर पिछले कार्यकाल में नागपुर के विकास में विफल रहने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि भाजपा ने केवल वादे किए लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं हुआ। बुनियादी सुविधाओं की कमी, सड़कों की खराब हालत और जल संकट जैसी समस्याएं आज भी बनी हुई हैं।

अतुल लोंढे ने कहा कि भाजपा का अहंकार अब चरम पर है। वे जनता को नजरअंदाज कर रहे हैं और मानते हैं कि वे बिना जवाबदेही के सत्ता में रह सकते हैं। लेकिन 15 जनवरी को जनता उन्हें उचित जवाब देगी।

15 जनवरी का आवाहन

कांग्रेस ने नागपुर की जनता से 15 जनवरी को बड़ी संख्या में मतदान करने और भाजपा को सबक सिखाने का आवाहन किया है। पार्टी का मानना है कि यह चुनाव केवल नगरपालिका का नहीं बल्कि मराठी अस्मिता और क्षेत्रीय गौरव का भी है।

लोंढे ने कहा कि जनता को यह तय करना है कि वे ऐसी पार्टी को वोट देंगे जो उनकी भाषा का सम्मान नहीं करती या उस पार्टी को जो उनके साथ खड़ी है। कांग्रेस जनता के साथ है और हमेशा रहेगी।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा

इस विवाद ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। विश्लेषकों का मानना है कि भाषायी मुद्दे महाराष्ट्र में हमेशा संवेदनशील रहे हैं और यह मुद्दा भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। अगर संघ इस पर चुप रहता है तो यह भी एक बड़ा सवाल होगा।

दूसरी ओर, भाजपा ने अभी तक इस मामले पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है। पार्टी के नेताओं से जवाब मांगा जा रहा है लेकिन वे टालमटोल की नीति अपना रहे हैं।

नागपुर महानगरपालिका चुनाव अब सिर्फ स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रह गया है। यह भाषायी गौरव, सांस्कृतिक पहचान और राजनीतिक जवाबदेही का प्रश्न बन गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा इस चुनौती का सामना कैसे करती है और जनता का फैसला क्या होता है।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।