Chandrashekhar Bawankule Solar Energy Push for Municipal Councils: नागपुर में हाल ही में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में चंद्रशेखर बावनकुळे ने स्थानीय निकायों के समक्ष विकास की एक स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत की है। इस बैठक में सौर ऊर्जा के उपयोग और खेल सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया। यह बैठक केवल एक औपचारिक समीक्षा नहीं थी, बल्कि नगर परिषदों और नगर पंचायतों के समक्ष आने वाले समय में विकास की दिशा तय करने वाली रही।
सौर ऊर्जा – भविष्य की ऊर्जा आवश्यकता का समाधान
Nagpur News: बावनकुळे ने बैठक में सौर ऊर्जा को लेकर बेहद सकारात्मक और दूरदर्शी दृष्टिकोण रखा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जिला स्तर की नगर परिषदों और नगर पंचायतों को अब पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करनी होगी। सौर ऊर्जा आज केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुकी है।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यालय भवनों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएं। इसके अलावा, सड़कों पर लगने वाले पथदिवों को भी सौर ऊर्जा से संचालित किया जाए। यह कदम न केवल बिजली के खर्च को कम करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण योगदान होगा।
आज जब पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा संकट से जूझ रहा है, तब स्थानीय स्तर पर सौर ऊर्जा को अपनाना एक जिम्मेदार प्रशासन की पहचान है। यह निर्णय दीर्घकालीन लाभ देने वाला साबित होगा।
खेल मैदान – भविष्य के चैंपियन की नर्सरी
Chandrashekhar Bawankule Solar Energy Push for Municipal Councils: बैठक में दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा खेल सुविधाओं का विकास था। बावनकुळे ने इस बात पर चिंता जताई कि हमारे नगर क्षेत्रों में खेल के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर हम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करना चाहते हैं, तो सबसे पहले उन्हें बुनियादी सुविधाएं देनी होंगी।
उनका निर्देश था कि प्रत्येक नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्र में कम से कम तीन से पांच खेल मैदान विकसित किए जाएं। ये मैदान केवल खुली जमीन नहीं होने चाहिए, बल्कि उनमें आधुनिक सुविधाएं भी होनी चाहिए। यदि मौजूदा विकास योजनाओं में इसके लिए प्रावधान नहीं है, तो नए विकास आराखड़े में इसे शामिल किया जाए।
यह सोच बेहद सराहनीय है। आज के युग में जब बच्चे मोबाइल और कंप्यूटर में व्यस्त हैं, तब उन्हें खेल के मैदानों की ओर आकर्षित करने के लिए बेहतर सुविधाओं का होना जरूरी है।
व्यापक विकास योजना की समीक्षा
इस बैठक में केवल सौर ऊर्जा और खेल मैदान ही नहीं, बल्कि नगरीय विकास के लगभग सभी पहलुओं पर चर्चा की गई। जलापूर्ति, स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन, पट्टे वितरण, प्रधानमंत्री आवास योजना, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं – सभी विषयों की विस्तार से समीक्षा हुई।
बावनकुळे ने लंबित नल योजनाओं को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई और निर्देश दिया कि इन्हें शीघ्र पूरा किया जाए। साफ पानी हर नागरिक का मूलभूत अधिकार है, और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वास्थ्य और शिक्षा पर फोकस
Nagpur News: स्वास्थ्य केंद्रों के लिए समग्र योजना बनाने का निर्देश दिया गया। साथ ही, स्कूलों के आधुनिकीकरण और आंगनवाड़ियों को सशक्त बनाने पर भी जोर दिया गया। शिक्षा और स्वास्थ्य किसी भी समाज की नींव होते हैं, और इनमें निवेश करना दरअसल भविष्य में निवेश करना है।
स्वच्छता और बुनियादी ढांचे का विकास
नालों की सफाई, भूमिगत सीवर और मलनिस्सारण योजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। ये काम भले ही दिखाई नहीं देते, लेकिन किसी भी शहर के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी हैं। विकेंद्रीकृत जलापूर्ति योजना पर भी जोर दिया गया, जो जल प्रबंधन की दिशा में एक आधुनिक सोच है।
प्रधानमंत्री आवास योजना का प्रभावी क्रियान्वयन
बावनकुळे ने प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी बल दिया। हर परिवार को छत देना सरकार की प्राथमिकता है, और इस दिशा में तेजी से काम होना चाहिए।
परिवहन सेवाओं पर नाराजगी
बैठक में बावनकुळे ने राज्य परिवहन बसों के उचित संचालन को लेकर नाराजगी भी व्यक्त की। जनता की सुविधा के लिए चलने वाली ये बसें अगर समय पर नहीं चलेंगी, तो इससे आम नागरिकों को परेशानी होगी।
यह समीक्षा बैठक वास्तव में विकास की एक समग्र दृष्टि प्रस्तुत करती है। सौर ऊर्जा से लेकर खेल मैदान तक, पानी से लेकर स्वच्छता तक, शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक – हर पहलू पर ध्यान दिया गया है। अब देखना यह है कि इन निर्देशों का क्रियान्वयन कितनी तेजी और ईमानदारी से होता है।