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Datta Meghe Death: पूर्व सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता दत्ता मेघे का 89 वर्ष की आयु में निधन, हृदयाघात थी वजह

Datta Meghe former MP death Nagpur: पूर्व सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता दत्ता मेघे 'दाताभाऊ' का 89 वर्ष की आयु में निधन, हृदयाघात थी वजह
Former MP Datta Meghe (File Photo)

Former MP Datta Meghe Death News: नागपुर में 22 मार्च को वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व सांसद दत्ता मेघे 'दाताभाऊ' का 89 वर्ष की आयु में हृदयाघात से निधन हो गया। 1936 में वर्धा में जन्मे मेघे ने चार बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा में वर्धा का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने ग्रामीण महाराष्ट्र में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग संस्थान और अस्पतालों का व्यापक नेटवर्क खड़ा किया। गरीबों की मदद के लिए मशहूर होने के कारण लोग उन्हें 'दाताभाऊ' कहते थे। पालक मंत्री बावनकुले ने उन्हें अपना मार्गदर्शक और अपूरणीय क्षति बताया।

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नागपुर | महाराष्ट्र के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व सांसद दत्ता मेघे का रविवार 22 मार्च को हृदयाघात के कारण निधन हो गया। वे 89 वर्ष के थे। उनके पुत्र और विधायक समीर मेघे ने इस दुखद समाचार की पुष्टि की।

राजनीतिक जीवन

1936 में वर्धा जिले में जन्मे दत्ता मेघे ने वर्धा क्षेत्र से लोकसभा में चार बार जीत दर्ज की। वे 2002 से 2008 तक राज्यसभा सदस्य भी रहे। इसके अलावा वे महाराष्ट्र विधान परिषद के भी कई बार सदस्य रहे। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने सांसद, विधायक और मंत्री जैसे कई महत्वपूर्ण पदों को सुशोभित किया। उनका राजनीतिक सफर कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और भाजपा — तीन प्रमुख दलों में रहा।

शिक्षा और स्वास्थ्य में योगदान

राजनीति से परे दत्ता मेघे ग्रामीण महाराष्ट्र में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए विशेष रूप से जाने जाते थे। उन्होंने मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग संस्थान और अस्पतालों का एक व्यापक नेटवर्क स्थापित किया, जिसका उद्देश्य सस्ती और सुलभ शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था। असंख्य गरीब छात्रों को निःशुल्क शिक्षा दी और कई जरूरतमंद लड़के-लड़कियों के विवाह भी कराए। उनके द्वार पर आया कोई भी जरूरतमंद कभी खाली हाथ नहीं लौटा — इसी उदार स्वभाव के कारण लोग उन्हें प्यार से ‘दाताभाऊ’ कहते थे।

श्रद्धांजलि

राजस्व मंत्री एवं नागपुर-अमरावती के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने अपने मार्गदर्शक को याद करते हुए कहा, “अपने पूरे जीवन में सेवा और दान की भावना को संजोकर रखने वाले दत्ताभाऊ के निधन से सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र का एक ऋषितुल्य व्यक्तित्व आज हमारे बीच नहीं रहा। उनके निधन से मैंने एक पारिवारिक अभिभावक खो दिया है। मेरे जीवन में एक अपूरणीय क्षति हुई है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार को इस दुःख को सहने की शक्ति दें। ॐ शांति!”

दत्ता मेघे का निधन विदर्भ के राजनीतिक और शैक्षणिक जगत के लिए एक युग का अंत माना जा रहा है। वे अपने पीछे एक मजबूत संस्थागत विरासत छोड़ गए हैं।


रिपोर्ट: Jassi, Nagpur


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Gangesh Kumar

Rashtra Bharat में Writer, Author और Editor। राजनीति, नीति और सामाजिक विषयों पर केंद्रित लेखन। BHU से स्नातक और शोधपूर्ण रिपोर्टिंग व विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं।