डॉ. माधव चितले को राष्ट्र निर्माण पुरस्कार से सम्मान
Dr. Madhav Chitale Dr. Mohan Dharia Rashtra Nirman Award Nagpur: नागपुर। विश्वविख्यात जल विशेषज्ञ डॉ. माधव चितले को इस वर्ष का प्रतिष्ठित ‘डॉ. मोहन धारिया राष्ट्र निर्माण पुरस्कार’ प्रदान किया गया। यह सम्मान वरिष्ठ पत्रकार श्री अशोक वानखेड़े के हाथों डॉ. चितले के निवास स्थान पर एक सादगीपूर्ण एवं पारिवारिक समारोह में दिया गया। वनराई फाउंडेशन के सचिव श्री निलेश खांडेकर भी इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
यह पुरस्कार प्रतिवर्ष स्वतंत्रता सेनानी, ‘वनराई’ के संस्थापक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पद्मभूषण डॉ. मोहन धारिया की जयंती पर उनकी स्मृति में वनराई फाउंडेशन द्वारा प्रदान किया जाता है।
इस अवसर पर श्री अशोक वानखेड़े ने कहा – “डॉ. मोहन धारिया ने अपने पूरे जीवन में गांधी और जयप्रकाश नारायण के विचारों का अनुसरण किया। वही विचार डॉ. माधव चितले ने जल संरक्षण के कार्यों के माध्यम से आगे बढ़ाया है। ऐसे ऋषितुल्य व्यक्तित्व का सम्मान करना समाज का कर्तव्य है।”
जल संरक्षण में जीवनभर के योगदान को मिला बड़ा सम्मान
वनराई सचिव निलेश खांडेकर ने अपने प्रास्ताविक में पुरस्कार की परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इससे पहले यह पुरस्कार डॉ. रघुनाथ माशेलकर, अन्ना हजारे, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन, डॉ. ई. श्रीधरन, नितिन गडकरी, नारायण मूर्ति तथा सायरस पूनावाला सहित अनेक विभूतियों को दिया जा चुका है। उन्होंने कहा – “इसी श्रृंखला में आज डॉ. माधव चितले का नाम जुड़ने पर हमें अत्यंत प्रसन्नता है।”
डॉ. चितले का योगदान: केंद्रीय जल आयोग के अध्यक्ष एवं जल संसाधन मंत्रालय के सचिव रह चुके डॉ. चितले ने भारत की जल नीति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्हें विश्व स्तर पर ‘पानी का नोबेल’ कहे जाने वाले ‘स्टॉकहोम वाटर प्राइज’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।
स्वास्थ्य कारणों से श्री गिरीश गांधी समारोह में उपस्थित नहीं हो सके, किंतु पुरस्कार का आयोजन उनके मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में वनराई परिवार के चयनित सदस्य एवं अन्य मान्यवर उपस्थित थे।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र