नागपुर महानगरपालिका चुनाव में राजनीतिक दलों के बीच प्रतिस्पर्धा अपने चरम पर है। इसी बीच रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ने एक गंभीर मामला उठाया है। पार्टी ने कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों पर अपने आधिकारिक ध्वज का अनधिकृत उपयोग करने का आरोप लगाते हुए चुनाव अधिकारियों के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। यह मामला आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ा हुआ है और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता के सवाल खड़े करता है।
रिपब्लिकन पार्टी का आधिकारिक ध्वज और उसकी मान्यता
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के संविधान के भाग तीन के अनुच्छेद 22 (1) के अनुसार अशोक चक्र युक्त नीले रंग का ध्वज पार्टी का आधिकारिक और मान्यता प्राप्त ध्वज है। यह ध्वज पार्टी की पहचान का प्रतीक है और इसका उपयोग केवल पार्टी के अधिकृत पदाधिकारियों और उम्मीदवारों द्वारा ही किया जा सकता है। इस ध्वज की विशिष्टता को बनाए रखने के लिए पार्टी ने समय-समय पर चुनाव अधिकारियों को इसकी जानकारी दी है।
चुनाव आयोग को दी गई सूचना
इस संदर्भ में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ने 24 दिसंबर 2025 को मुख्य चुनाव अधिकारी और माननीय आयुक्त नागपुर महानगरपालिका को औपचारिक पत्र भेजकर अपने आधिकारिक ध्वज की जानकारी दी थी। पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि अशोक चक्र युक्त नीला ध्वज पार्टी का विशेष चिन्ह है और इसका अनधिकृत उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
नगर निगम द्वारा जारी स्पष्ट निर्देश
पार्टी की सूचना के बाद 29 दिसंबर 2025 को नागपुर महानगरपालिका के आकाशचिन्ह परवाना विभाग, उपविभागीय उपव्यवस्थापकीय संचालक सारथी और आदर्श आचार संहिता कक्ष प्रमुख सार्वत्रिक चुनाव 2025-26 ने पत्र क्रमांक 701/जा/2025 जारी किया। इस पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों की लिखित अनुमति के बिना कोई भी राजनीतिक दल, उम्मीदवार या व्यक्ति उक्त ध्वज का उपयोग नहीं कर सकता है। यदि कोई ऐसा करता है तो संबंधित क्षेत्र के चुनाव निर्णय अधिकारी के पास तुरंत शिकायत दर्ज की जानी चाहिए।
किन उम्मीदवारों पर लगा आरोप
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के महासचिव रजत महेशगवळी ने बताया कि नागपुर महानगरपालिका में उनकी पार्टी की किसी भी राजनीतिक दल के साथ कोई गठबंधन या चुनावी समझौता नहीं है। इसके बावजूद प्रभाग क्रमांक 2, 9 और 26 में कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी तथा अन्य राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों द्वारा अशोक चक्र युक्त नीले ध्वज का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है। यह ध्वज प्रचार रैलियों, सार्वजनिक सभाओं और पदयात्राओं में फहराया जा रहा है।
आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन
चुनाव आयोग द्वारा लागू आदर्श आचार संहिता के अनुसार किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार को दूसरी पार्टी के आधिकारिक चिन्ह या ध्वज का अनधिकृत उपयोग करने की अनुमति नहीं है। यह चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित करता है और मतदाताओं को भ्रमित कर सकता है। रिपब्लिकन पार्टी का आरोप है कि इन उम्मीदवारों द्वारा जानबूझकर उनके ध्वज का उपयोग करके आचार संहिता का उल्लंघन किया जा रहा है।
दर्ज की गई औपचारिक शिकायत
इस गंभीर मामले को देखते हुए महासचिव रजत महेशगवळी ने नेहरू नगर झोन और आसी नगर झोन के चुनाव निर्णय अधिकारियों के समक्ष औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में फोटोग्राफिक साक्ष्य भी संलग्न किए गए हैं जो यह साबित करते हैं कि कांग्रेस और बीजेपी के उम्मीदवारों द्वारा रिपब्लिकन पार्टी के ध्वज का उपयोग किया जा रहा है। पार्टी ने चुनाव अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
राजनीतिक नैतिकता पर सवाल
यह मामला केवल एक ध्वज के दुरुपयोग तक सीमित नहीं है बल्कि यह राजनीतिक नैतिकता और चुनावी मर्यादा का भी सवाल है। जब चुनाव अधिकारियों द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके हैं तब भी इन नियमों की अनदेखी करना गंभीर विषय है। यह दर्शाता है कि कुछ राजनीतिक दल और उम्मीदवार चुनावी नियमों को कितनी गंभीरता से लेते हैं।
जनता का अधिकार और भ्रम की स्थिति
मतदाताओं को सही जानकारी मिलना उनका मौलिक अधिकार है। जब किसी उम्मीदवार या राजनीतिक दल द्वारा दूसरी पार्टी के ध्वज का उपयोग किया जाता है तो मतदाताओं में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। वे यह समझ सकते हैं कि दोनों दलों में कोई गठबंधन है या दोनों एक साथ काम कर रहे हैं। यह मतदाताओं को गुमराह करने के समान है।
चुनाव अधिकारियों की जिम्मेदारी
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चुनाव अधिकारी इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करते हैं। आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करना उनका दायित्व है। यदि शिकायत में दिए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित उम्मीदवारों के विरुद्ध उचित कार्रवाई होनी चाहिए। यह केवल रिपब्लिकन पार्टी का मामला नहीं बल्कि पूरी चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता का मामला है।
निष्पक्ष चुनाव की आवश्यकता
लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की अहम भूमिका होती है। हर राजनीतिक दल को समान अवसर मिलना चाहिए और किसी को भी अनुचित लाभ नहीं मिलना चाहिए। रिपब्लिकन पार्टी की यह शिकायत यह याद दिलाती है कि चुनावी नियमों का पालन करना हर दल और उम्मीदवार की जिम्मेदारी है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि यह मामला किस दिशा में जाता है और क्या चुनाव अधिकारी इस पर प्रभावी कार्रवाई करते हैं।