नागपुर शहर में सड़क सुरक्षा को लेकर एक नया अभियान शुरू हो गया है। जनवरी 2026 को सड़क सुरक्षा माह घोषित किए जाने के बाद पूरे देश में जागरूकता कार्यक्रम चल रहे हैं, लेकिन नागपुर में जो पहल की गई है, वह वाकई सराहनीय है। आज महाराष्ट्र राज्य के परिवहन आयुक्त विवेक भीमनवार के हाथों सड़क सुरक्षा चित्ररथ और हेलमेट बाइक रैली का उद्घाटन हुआ। यह सिर्फ एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की एक ठोस कोशिश थी।

सड़क परिवहन मंत्रालय की पहल पर सड़क सुरक्षा माह
भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने जनवरी 2026 को सड़क सुरक्षा माह के रूप में घोषित किया है। इसका मकसद साफ है – देशभर में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों की संख्या को कम करना। हर साल हजारों लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं, और ज्यादातर मामलों में यह लापरवाही या जागरूकता की कमी की वजह से होता है। नागपुर जैसे शहरों में, जहां ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है, ऐसे अभियानों की सख्त जरूरत है।
क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय का जनजागरूकता अभियान
क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, नागपुर शहर ने इस पूरे अभियान की जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी किरण बिडकर के मार्गदर्शन में सिविल लाइंस स्थित परिवहन कार्यालय में सड़क सुरक्षा चित्ररथ और हेलमेट बाइक रैली का आयोजन किया गया। चित्ररथ यानी एक खास तरह का वाहन जिस पर सड़क सुरक्षा से जुड़े संदेश और चित्र लगाए गए हैं। यह चित्ररथ शहर के विभिन्न इलाकों में घूमकर लोगों को जागरूक करेगा। साथ ही हेलमेट बाइक रैली के जरिए यह संदेश दिया गया कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना जरूरी है।
परिवहन आयुक्त विवेक भीमनवार का मार्गदर्शन
परिवहन आयुक्त विवेक भीमनवार ने इस कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सड़क सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं महज संयोग नहीं होतीं, बल्कि ये हमारी लापरवाही का नतीजा होती हैं। अगर हम छोटी-छोटी सावधानियां बरतें, तो बड़े हादसों से बचा जा सकता है। उन्होंने विभिन्न उपायों के माध्यम से पिछले वर्ष की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में कम से कम 15 प्रतिशत की कमी लाने का आह्वान किया। यह लक्ष्य मुश्किल जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं।
परिवहन अधिकारियों की बड़ी भागीदारी
इस कार्यक्रम में नागपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों के परिवहन अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद थे। विजय चव्हाण (क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, नागपुर ग्रामीण), रविंद्र भुयार (क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, अकोला), अविनाश राऊत (उप क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, नागपुर पूर्व), संतोष काटकर (सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, नागपुर शहर), राहुल भगत (सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, नागपुर पूर्व) समेत तीनों परिवहन कार्यालयों के अधिकारियों ने इस आयोजन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इससे यह संदेश गया कि विभाग पूरी गंभीरता से इस मुहिम में जुटा है।
सड़क सुरक्षा सिर्फ नारा नहीं, जरूरत है
सड़क सुरक्षा कोई नारा या औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह हम सबकी जिम्मेदारी है। चाहे आप वाहन चला रहे हों या पैदल चल रहे हों, ट्रैफिक नियमों का पालन करना जरूरी है। हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, ओवरस्पीड से बचना, शराब पीकर गाड़ी न चलाना – ये छोटी-छोटी बातें किसी की जान बचा सकती हैं। नागपुर में चल रहा यह अभियान इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
जनजागरूकता ही असल हथियार
सड़क सुरक्षा चित्ररथ शहर के कोने-कोने में घूमेगा और लोगों को जागरूक करेगा। हेलमेट बाइक रैली ने भी यह संदेश दिया कि सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल कितना जरूरी है। जब तक हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेगा, तब तक सड़क दुर्घटनाओं को पूरी तरह रोकना मुश्किल है। लेकिन ऐसे अभियानों से उम्मीद बंधती है कि धीरे-धीरे लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और सड़कें सुरक्षित होंगी।