नागपुर के साओनेर इलाके में स्थित भगिमहारी टोल प्लाजा पर शनिवार 11 जनवरी 2026 को एक बड़ी मादक पदार्थ तस्करी का भंडाफोड़ हुआ। अधिकारियों ने मध्य प्रदेश के नंबर प्लेट वाले एक ट्रक (MP 04 GB 3859) से 522.138 किलोग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2.61 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह जब्ती महाराष्ट्र में हाल के दिनों में हुई सबसे बड़ी मादक पदार्थ बरामदगियों में से एक मानी जा रही है।
कैसे हुआ खुलासा
टोल प्लाजा पर नियमित जांच के दौरान अधिकारियों को उक्त ट्रक की हरकतों में कुछ संदिग्ध लगा। जब गाड़ी को रोककर विस्तृत तलाशी ली गई तो अधिकारियों के होश उड़ गए। ट्रक में लदे रोजमर्रा के सामान जैसे कूलर, पंखे, कंबल और जैकेट के नीचे चालाकी से गांजा छिपाया गया था। यह देखकर साफ हो गया कि तस्कर कितनी सावधानी से इस खेप को एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे।
ओडिशा से मध्य प्रदेश तक का रूट
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह गांजा ओडिशा राज्य से लाया जा रहा था और इसका गंतव्य मध्य प्रदेश था। ओडिशा लंबे समय से गांजे की खेती और तस्करी के लिए एक प्रमुख केंद्र रहा है। वहां से निकलने वाली ये खेपें अक्सर छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर भारत के अन्य राज्यों में पहुंचाई जाती हैं। इस मामले में भी तस्करों ने महाराष्ट्र से होते हुए एमपी तक पहुंचने का रास्ता चुना था, लेकिन नागपुर में उनकी योजना धरी की धरी रह गई।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत यह मादक पदार्थ पूरी तरह प्रतिबंधित है। जब्त किए गए 522 किलो से अधिक गांजे का इन्वेंटरीकरण पूरा कर लिया गया है और संबंधित एजेंसियां अब इस मामले में गहराई से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह किसी बड़े तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। ट्रक चालक और अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है ताकि इस गिरोह के मुख्य सूत्रधारों तक पहुंचा जा सके।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि राज्यों के बीच सीमाओं पर सख्त निगरानी कितनी जरूरी है। अगर टोल प्लाजा पर अधिकारी सतर्क नहीं होते तो यह विशाल खेप आसानी से अपनी मंजिल तक पहुंच जाती और समाज को गंभीर नुकसान पहुंचाती।