नागपुर शहर में एक ट्रेवल एजेंट ने धार्मिक यात्रा के नाम पर मासूम लोगों के साथ बड़ी धोखाधड़ी की है। इस मामले में एक ट्रेवल एजेंट ने हज यात्रा पर जाने के इच्छुक मुस्लिम श्रद्धालुओं से करीब एक करोड़ रुपये की ठगी की है। यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है।
कैसे हुई धोखाधड़ी
जानकारी के अनुसार, नागपुर में रहने वाले एक ट्रेवल एजेंट ने खुद को हज यात्रा का विशेषज्ञ बताते हुए कई लोगों से संपर्क किया। उसने यात्रियों को यह भरोसा दिलाया कि वह उन्हें हज यात्रा के लिए सभी सुविधाएं मुहैया कराएगा। इसमें वीजा, हवाई टिकट, रहने की व्यवस्था और अन्य जरूरी सेवाएं शामिल थीं। भरोसा जीतने के बाद उसने कई परिवारों से पैसे लिए।
कितने लोग हुए शिकार
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस धोखाधड़ी में करीब 30 से 40 परिवार शिकार हुए हैं। सभी परिवारों ने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी और कुछ ने तो कर्ज लेकर भी पैसे का इंतजाम किया था। हज यात्रा एक धार्मिक सपना होता है जिसे पूरा करने के लिए लोग सालों तक बचत करते हैं। लेकिन इस एजेंट ने उनकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया।
यात्रियों की शिकायत
जब हज यात्रा का समय करीब आया तो एजेंट ने टालमटोल करना शुरू कर दिया। न तो वीजा की कोई जानकारी मिली और न ही टिकट की। जब यात्रियों ने उससे जवाब मांगा तो वह गायब हो गया। कई बार फोन करने पर भी उसने जवाब नहीं दिया। इसके बाद परेशान यात्रियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई
नागपुर पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी एजेंट की तलाश की जा रही है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी और विश्वासघात के मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने यात्रियों के बयान भी दर्ज कर लिए हैं और सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
सबक और सावधानी
यह घटना एक सबक है कि किसी भी तरह की यात्रा या सेवा के लिए पैसे देने से पहले अच्छी तरह जांच-पड़ताल जरूरी है। सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एजेंटों से ही यात्रा की व्यवस्था करनी चाहिए। साथ ही सभी कागजात और रसीदें जरूर रखनी चाहिए। धार्मिक भावनाओं का फायदा उठाने वाले ठगों से सावधान रहना बेहद जरूरी है।