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तृतीय लिंग समुदाय के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 14427

National Helpline 14427 for Transgender Community: तृतीय लिंग समुदाय के लिए विशेष सहायता सेवा शुरू
National Helpline 14427 for Transgender Community: तृतीय लिंग समुदाय के लिए विशेष सहायता सेवा शुरू (IG Photo)
तृतीय लिंग समुदाय के अधिकारों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 14427 शुरू किया है। यह सेवा नेशनल पोर्टल फॉर ट्रांसजेंडर पर उपलब्ध है जहां पहचान प्रमाणपत्र और योजनाओं की जानकारी मिलती है। समाज कल्याण विभाग ने समुदाय से अपील की है कि समस्याओं के समाधान के लिए इस हेल्पलाइन का उपयोग करें।
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National Helpline 14427 for Transgender Community: समाज के हर वर्ग को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए। यह बात तृतीय लिंग समुदाय पर भी लागू होती है। लेकिन सच्चाई यह है कि इस समुदाय के लोगों को आज भी समाज में कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। लोगों के बीच फैली गलतफहमियों और पुरानी सोच के कारण तृतीय लिंग समुदाय के व्यक्तियों को अक्सर नजरअंदाज किया जाता है। उनके साथ भेदभाव होता है और उन्हें बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रखा जाता है।

इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने तृतीय लिंग समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। नागपुर से हाल ही में आई खबर के अनुसार तृतीय लिंग समुदाय के लोगों की मदद के लिए एक राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 14427 शुरू किया गया है। यह पहल समाज में समानता और न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

समाज में उपेक्षा का दर्द

तृतीय लिंग समुदाय के लोग समाज के सबसे उपेक्षित वर्गों में से एक हैं। इतिहास गवाह है कि इस समुदाय के व्यक्तियों को हमेशा से ही तिरस्कार और अपमान का सामना करना पड़ा है। लोग उन्हें अलग नजरिए से देखते हैं। उनके साथ बातचीत करने से कतराते हैं। कई बार तो परिवार के सदस्य भी उन्हें स्वीकार नहीं करते।

यह भेदभाव सिर्फ सामाजिक स्तर पर ही नहीं बल्कि शैक्षिक और आर्थिक क्षेत्रों में भी देखने को मिलता है। स्कूलों और कॉलेजों में इन्हें मजाक का पात्र बनाया जाता है। नौकरियों में भी इन्हें बराबरी का मौका नहीं मिलता। इस लगातार उपेक्षा और भेदभाव के कारण यह समुदाय विकास की मुख्यधारा से दूर रह गया है। उनकी प्रतिभा और क्षमताओं को पहचान नहीं मिल पाई।

कानूनी सुरक्षा की जरूरत

इन्हीं समस्याओं को देखते हुए सरकार ने महसूस किया कि तृतीय लिंग समुदाय के लोगों के मूल अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी प्रावधान जरूरी हैं। इसी सोच के साथ देश भर में तृतीय लिंग व्यक्ति अधिकारों का संरक्षण अधिनियम 2019 और नियम 2020 लागू किए गए। इन कानूनों का मकसद तृतीय लिंग समुदाय के लोगों को वे सभी अधिकार दिलाना है जो किसी भी आम नागरिक को मिलते हैं।

इस कानून के तहत तृतीय लिंग व्यक्तियों को पहचान का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, रोजगार का अधिकार और स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकार मिलता है। उनके खिलाफ किसी भी तरह के भेदभाव को अपराध माना गया है। यह कानून उन्हें समाज में बराबरी का दर्जा दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

डिजिटल माध्यम से सशक्तिकरण

तृतीय लिंग समुदाय की समस्याओं के समाधान को आसान और प्रभावी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने नेशनल पोर्टल फॉर ट्रांसजेंडर नाम से एक विशेष डिजिटल पोर्टल बनाया है। यह पोर्टल तृतीय लिंग समुदाय के लोगों के लिए एक खिड़की की तरह काम करता है। इस पोर्टल के माध्यम से वे अपनी पहचान के लिए प्रमाणपत्र बनवा सकते हैं।

इसके अलावा सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी इस पोर्टल पर उपलब्ध है। तृतीय लिंग समुदाय के व्यक्ति इन योजनाओं का लाभ कैसे उठा सकते हैं, इसकी पूरी प्रक्रिया भी पोर्टल पर बताई गई है। यह पोर्टल सूचना और सेवाओं को एक ही जगह उपलब्ध कराकर समुदाय को सशक्त बनाने का काम कर रहा है।

हेल्पलाइन नंबर 14427 की विशेषताएं

राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 14427 तृतीय लिंग समुदाय के लिए एक जीवन रेखा की तरह है। यह हेल्पलाइन चौबीसों घंटे काम करती है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में तृतीय लिंग समुदाय के व्यक्ति इस नंबर पर फोन करके तुरंत मदद मांग सकते हैं। अगर उनके साथ कोई अन्याय हो रहा हो, उन्हें किसी तरह की धमकी मिल रही हो या फिर उन्हें तत्काल किसी सेवा की जरूरत हो तो यह नंबर उनकी मदद के लिए हमेशा तैयार रहता है।

इस हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। अगर किसी व्यक्ति को सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी चाहिए या फिर उन्हें कानूनी सलाह की जरूरत है तो वह भी इस नंबर पर संपर्क करके प्राप्त कर सकता है। हेल्पलाइन पर प्रशिक्षित कर्मचारी मौजूद रहते हैं जो समुदाय की समस्याओं को समझते हैं और उनका उचित समाधान प्रदान करते हैं।

सामाजिक कल्याण विभाग की पहल

नागपुर की सहायक आयुक्त समाज कल्याण विभाग सुकेशिनी तेलगोटे ने तृतीय लिंग समुदाय के सभी व्यक्तियों से विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि समुदाय के लोग अपनी किसी भी समस्या के लिए बिना किसी झिझक के हेल्पलाइन नंबर 14427 पर संपर्क करें। यह सेवा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए बनाई गई है और सरकार उनकी हर संभव मदद के लिए तैयार है।

समाज कल्याण विभाग लगातार इस दिशा में काम कर रहा है कि तृतीय लिंग समुदाय के लोगों को समाज में सम्मान और बराबरी का दर्जा मिले। विभाग द्वारा समय समय पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं ताकि लोगों में इस समुदाय के प्रति संवेदनशीलता बढ़े।

समाज में बदलाव की जरूरत

सरकारी प्रयास तभी सफल हो सकते हैं जब समाज भी अपनी सोच बदले। तृतीय लिंग समुदाय के लोग भी हमारे समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्हें भी वही अधिकार हैं जो किसी और को हैं। हमें यह समझना होगा कि हर इंसान की पहचान उसके काम और व्यवहार से होनी चाहिए न कि उसके लिंग से।

समाज को यह मानसिकता छोड़नी होगी कि तृतीय लिंग समुदाय के लोग अलग हैं। उन्हें भी शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सम्मान का पूरा हक है। जब हम उन्हें समान अवसर देंगे तो देखेंगे कि वे भी हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं।

आगे की राह

National Helpline 14427 for Transgender Community: राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 14427 की शुरुआत एक सकारात्मक कदम है लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। सरकार को इस दिशा में और भी कई कदम उठाने होंगे। तृतीय लिंग समुदाय के लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने होंगे। उनकी शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष ध्यान देना होगा।

साथ ही समाज में जागरूकता फैलाने की भी जरूरत है। स्कूलों और कॉलेजों में इस विषय पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए। मीडिया को भी इस दिशा में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। जब समाज और सरकार दोनों मिलकर काम करेंगे तभी तृतीय लिंग समुदाय को उनका उचित स्थान मिल सकेगा।

यह हेल्पलाइन नंबर समुदाय के लोगों के लिए एक भरोसे की किरण है। यह उन्हें यह संदेश देता है कि वे अकेले नहीं हैं। सरकार और समाज उनके साथ खड़े हैं। अब जरूरत इस बात की है कि समुदाय के लोग इस सुविधा का भरपूर इस्तेमाल करें और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनें। तभी हम एक समावेशी और समान समाज का निर्माण कर सकेंगे जहां हर व्यक्ति को सम्मान और बराबरी मिले।

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।