नागपुर जिले में 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस बड़े जोश और उत्साह के साथ मनाया गया। इस खास मौके पर पूरे जिले में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका मुख्य उद्देश्य लोगों को लोकतंत्र के प्रति जागरूक करना और मतदान के महत्व को समझाना था। राष्ट्रीय मतदाता दिवस हर साल 25 जनवरी को मनाया जाता है, लेकिन इस बार यह दिन रविवार को पड़ा और शासकीय अवकाश होने की वजह से भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार यह कार्यक्रम 23 जनवरी 2026 को आयोजित किया गया।
इस दिन का मुख्य उद्देश्य हर मतदाता को लोकतंत्र के प्रति निष्ठा की शपथ दिलाना है। नागपुर शहर के सभी शासकीय और अर्धशासकीय कार्यालयों, महाविद्यालयों, विद्यालयों और स्कूलों में यह कार्यक्रम पूरी तैयारी के साथ मनाया गया। युवा मतदाताओं से लेकर अनुभवी नागरिकों तक सभी ने इस कार्यक्रम में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।
साइकिल रैली से हुई शुरुआत
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों के मुताबिक “Sunday’s On Cycle” टैगलाइन के तहत लॉ कॉलेज चौक से एक बड़ी साइकिल रैली निकाली गई। इस रैली का मकसद मतदाता जागरूकता फैलाना था। रैली में शहर के विभिन्न हिस्सों से युवा मतदाता, विद्यार्थी और स्वयंसेवक शामिल हुए। साइकिल रैली के जरिए लोगों को संदेश दिया गया कि हर वोट महत्वपूर्ण है और लोकतंत्र में हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
रैली में शामिल युवाओं ने मतदान के महत्व को दर्शाने वाले नारे लगाए और बैनर लेकर चले। इस रैली ने आम लोगों का ध्यान खींचा और कई लोगों ने इस पहल की सराहना की। साइकिल रैली का आयोजन पर्यावरण के प्रति जागरूकता का भी प्रतीक बना।

मुख्य कार्यक्रम का आयोजन
“My Vote My India” टैगलाइन के तहत जिला निर्वाचन विभाग ने नियोजन भवन के सभागृह में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनायक महामुनी, अपर जिलाधिकारी प्रविण महिरे और प्रभारी उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रदीप उबाळे समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में लगभग 160 स्वयंसेवक, विद्यार्थी, स्काउट-गाइड, एनएसएस, एनसीसी और नेहरू युवा केंद्र के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इन सभी ने लोकतंत्र के प्रति निष्ठा की शपथ ली और अपने मतदान के अधिकार को समझने का संकल्प लिया।
लोकतंत्र के प्रति निष्ठा की शपथ
राष्ट्रीय मतदाता दिवस की सबसे महत्वपूर्ण रस्म लोकतंत्र के प्रति निष्ठा की शपथ दिलाना है। इस कार्यक्रम में सभी उपस्थित लोगों ने एक साथ खड़े होकर शपथ ली कि वे अपने मतदान के अधिकार का सही इस्तेमाल करेंगे और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करेंगे। यह शपथ हर मतदाता को अपनी जिम्मेदारी याद दिलाती है।
शपथ के दौरान युवा मतदाताओं को विशेष रूप से संबोधित किया गया और उन्हें बताया गया कि देश के भविष्य को तय करने में उनकी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। लोकतंत्र तभी मजबूत रह सकता है जब हर पात्र नागरिक अपना वोट डाले और सही उम्मीदवार का चुनाव करे।
नए मतदाताओं को दी गई जानकारी
इस मौके पर नवयुवक मतदाताओं को मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि कैसे वे अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करवा सकते हैं और कौन से दस्तावेज जरूरी होते हैं। चुनाव प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी गई, जिससे नए मतदाताओं को यह समझ आए कि चुनाव कैसे होते हैं और उनकी क्या भूमिका है।
मतदान मशीनों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। ईवीएम और वीवीपैट की कार्यप्रणाली को सरल भाषा में समझाया गया। मतदाताओं को बताया गया कि कैसे ये मशीनें काम करती हैं और कैसे उनके वोट की गोपनीयता बनी रहती है।
डिजिटल माध्यमों से जागरूकता
भारत निर्वाचन आयोग के विभिन्न मोबाइल ऐप्स और पोर्टलों की जानकारी भी दी गई। युवाओं को बताया गया कि वे अपने मोबाइल फोन से ही मतदाता सूची में अपना नाम देख सकते हैं, नए मतदाता के रूप में रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं या अपनी जानकारी में बदलाव करवा सकते हैं।
वोटर हेल्पलाइन ऐप, ई-ईपीआईसी जैसे डिजिटल माध्यमों के बारे में जानकारी देकर युवाओं को तकनीक के जरिए चुनावी प्रक्रिया से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इससे चुनाव प्रक्रिया पहले से ज्यादा पारदर्शी और आसान बन गई है।
उत्कृष्ट कार्य का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान उन निर्वाचन अधिकारियों और कर्मचारियों का सम्मान किया गया, जिन्होंने चुनाव कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्हें प्रमाण पत्र और सम्मान चिह्न देकर उनके योगदान की सराहना की गई। यह सम्मान उन सभी कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन का काम करता है जो लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाते हैं।
निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने में इन कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण बेहद महत्वपूर्ण होता है। उनके बिना निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संभव नहीं हो सकते।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस का महत्व
राष्ट्रीय मतदाता दिवस हर साल 25 जनवरी को मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन 1950 में भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी। यह दिन हर नागरिक को याद दिलाता है कि मतदान केवल एक अधिकार नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी भी है। लोकतंत्र की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि कितने लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल करते हैं।
नागपुर में आयोजित इस कार्यक्रम ने युवाओं को प्रेरित किया कि वे अपने मतदान के अधिकार को गंभीरता से लें। जब हर पात्र नागरिक वोट डालता है, तभी सच्चे लोकतंत्र की स्थापना होती है। यह दिन हर नागरिक को अपने कर्तव्य की याद दिलाता है।
आगे की तैयारी
निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में और भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में और दूरदराज के इलाकों में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे ताकि हर पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल हो सके।
युवाओं को चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डिजिटल माध्यमों के जरिए भी जागरूकता फैलाने की योजना है।
नागपुर में आयोजित 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस का कार्यक्रम बेहद सफल रहा। इससे हजारों लोग मतदान के महत्व के बारे में जागरूक हुए और नए मतदाताओं ने अपना पंजीकरण करवाने का संकल्प लिया। लोकतंत्र की मजबूती के लिए ऐसे कार्यक्रम बेहद जरूरी हैं।