Nitin Gadkari on Bhajan as Best Medium of Cultural Values in Nagpur Competition: नागपुर में आयोजित सांसद भजन प्रतियोगिता के भव्य समापन समारोह में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भजन को लोकसंस्कार का सर्वोत्तम माध्यम बताते हुए कहा कि भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में संगीत, नृत्य, नाटक और साहित्य केवल मनोरंजन के साधन नहीं हैं, बल्कि वे समाज के नैतिक और आध्यात्मिक निर्माण के आधार स्तंभ हैं। गांधीसागर स्थित शिक्षक सहकारी बैंक सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भजन मंडलों, कलाकारों और नागरिकों की उपस्थिति ने इसे एक सांस्कृतिक उत्सव का स्वरूप प्रदान किया।
सांस्कृतिक साधना के रूप में भजन की भूमिका

समारोह को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि भजन केवल सुर और ताल का संयोजन नहीं है, बल्कि वह लोकजीवन में सात्विकता, संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों के संचार का माध्यम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस समाज में सांस्कृतिक चेतना जीवित रहती है, वही समाज दीर्घकालीन विकास और समरसता की दिशा में अग्रसर होता है। उनके अनुसार, भक्ति संगीत व्यक्ति के अंतर्मन को स्पर्श करता है और उसे सकारात्मक दिशा में प्रेरित करता है।
कार्यक्रम में पद्मश्री से सम्मानित जनार्दनपंत बोठे गुरुजी की प्रमुख उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और अधिक बढ़ाया। उन्होंने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संत परंपरा की विरासत को जन-जन तक पहुँचाना वर्तमान समय की आवश्यकता है।
प्रतियोगिता की संकल्पना और विस्तार
Nitin Gadkari on Bhajan as Best Medium of Cultural Values in Nagpur Competition: इस भव्य आयोजन की संकल्पना स्वयं गडकरी द्वारा की गई थी। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2016 में जब इस प्रतियोगिता की शुरुआत हुई थी, तब 123 भजन मंडलों ने भाग लिया था। किंतु समय के साथ इसकी लोकप्रियता निरंतर बढ़ती गई और इस वर्ष 754 मंडलों ने सहभागिता की। इनमें 13,270 महिलाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष उल्लेखनीय रही। यह आँकड़ा इस बात का प्रमाण है कि सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को एक सूत्र में पिरोया जा सकता है।
संत परंपरा और आधुनिक युग
यह आयोजन संतज्ञानेश्वर महाराज की 750वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। गडकरी ने कहा कि संतों के विचार केवल धार्मिक उपदेश नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के सूत्र हैं। उन्होंने इस संदर्भ में तुकडोजी महाराज की ‘ग्रामगीता’ का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्राम विकास, आत्मनिर्भरता और नैतिक जीवन के सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने पूर्व में थे। नई पीढ़ी तक इन विचारों को पहुँचाने के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यमों का उपयोग अनिवार्य है।
विजेताओं का सम्मान और उत्साह
प्रतियोगिता के ज्येष्ठ वर्ग में हिंदुस्थान कॉलोनी के स्वरस्वरांगिणी भजन मंडल ने प्रथम स्थान प्राप्त कर 25 हजार रुपये और स्मृति चिह्न अर्जित किया। वहीं युवा वर्ग में उदयनगर के सारस्वत भजनी मंडल ने महाविजेता बनने का गौरव हासिल किया। विजेताओं को सम्मानित करते हुए गडकरी ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ केवल पुरस्कार प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने का माध्यम हैं।
Nitin Gadkari on Bhajan as Best Medium of Cultural Values in Nagpur Competition:
सांस्कृतिक चेतना का सामाजिक प्रभाव
समापन समारोह में यह स्पष्ट रूप से अनुभव किया गया कि भजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामूहिक सहभागिता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। जब हजारों कलाकार एक मंच पर एकत्र होकर भक्ति और नैतिक मूल्यों का संदेश देते हैं, तब समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। गडकरी ने कहा कि यदि सांस्कृतिक परंपराएँ जीवित रहेंगी तो समाज में नैतिक पतन की संभावनाएँ स्वतः कम होंगी।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि विकास केवल भौतिक अधोसंरचना तक सीमित नहीं होना चाहिए। सड़क, पुल और भवनों के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। इसी संतुलन से समृद्ध और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।
समापन अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने भजन प्रस्तुतियों के माध्यम से संत परंपरा और भारतीय संस्कृति की गौरवशाली धरोहर को जीवंत रूप में अनुभव किया। यह आयोजन नागपुर की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊँचाई प्रदान करने वाला सिद्ध हुआ।