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Ramtek Mahotsav Day 3 Photos: रामटेक महोत्सव, सांस्कृतिक उत्सव या सिर्फ राजनीतिक प्रदर्शन?

Ramtek Festival 2026: सुदेश भोसले और साधना सरगम ने बिखेरा जादू, हर घर का उत्सव बनाने का संकल्प
Ramtek Festival 2026: सुदेश भोसले और साधना सरगम ने बिखेरा जादू, हर घर का उत्सव बनाने का संकल्प

Ramtek Festival Day 3: रामटेक महोत्सव के तीसरे दिन सुदेश भोसले और साधना सरगम के गीतों पर झूमे हजारों श्रोता। वित्त राज्यमंत्री आशीष जयसवाल ने इसे हर घर का उत्सव बनाने का संकल्प लिया। लेकिन स्थायी विकास, स्थानीय भागीदारी और पर्यावरण संरक्षण पर सवाल बरकरार हैं।

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Ramtek Mahotsav Day 3: नागपुर जिले के रामटेक में आयोजित पर्यटन एवं सांस्कृतिक महोत्सव का तीसरा दिन जब प्रसिद्ध पार्श्वगायक सुदेश भोसले और साधना सरगम के सुरीले गीतों से गुलजार हुआ, तो नेहरू मैदान में उमड़ी भीड़ की खुशी देखते ही बनती थी। वित्त राज्यमंत्री आशीष जयसवाल का यह वादा कि “रामटेक महोत्सव को हर घर का उत्सव बनाया जाएगा” निश्चित रूप से आकर्षक लगता है। लेकिन क्या वाकई यह महोत्सव आम लोगों का उत्सव बन पाएगा या फिर यह भी एक राजनीतिक प्रदर्शन बनकर रह जाएगा? आइए, इस सवाल की पड़ताल करें।

Ramtek Festival day 3 Photos: सुदेश भोसले और साधना सरगम ने बिखेरा जादू, हर घर का उत्सव बनाने का संकल्प
Ramtek Festival day 3 Photos: सुदेश भोसले और साधना सरगम ने बिखेरा जादू, हर घर का उत्सव बनाने का संकल्प

सांस्कृतिक धरोहर और आध्यात्मिक गौरव

रामटेक का श्रीराम मंदिर भोसले वंश द्वारा निर्मित है और इसका ऐतिहासिक महत्व निर्विवाद है। जब सुदेश भोसले ने इस मंदिर में दर्शन करते हुए कहा कि उन्हें अपने मूल घर के गर्भगृह में आने जैसा अनुभव हुआ, तो यह भावनात्मक जुड़ाव की गहराई को दर्शाता है। रामटेक की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत समृद्ध है और इसे संरक्षित करना जरूरी है।

लेकिन सवाल यह है कि क्या इस धरोहर को बचाने और बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं? क्या मंदिर और अन्य ऐतिहासिक स्थलों का रखरखाव ठीक से हो रहा है? क्या पुरातात्विक महत्व के स्थानों को संरक्षित करने के लिए कोई दीर्घकालीन योजना है?

पर्यटन की संभावनाएं

रामटेक में पर्यटन की बड़ी संभावनाएं हैं। यहां प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक मंदिर और आध्यात्मिक वातावरण का अद्भुत संगम है। अगर इसे ठीक से विकसित किया जाए, तो यह नागपुर जिले का एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है।

Ramtek Festival day 3 Photos: सुदेश भोसले और साधना सरगम ने बिखेरा जादू, हर घर का उत्सव बनाने का संकल्प
Ramtek Festival day 3 Photos: सुदेश भोसले और साधना सरगम ने बिखेरा जादू, हर घर का उत्सव बनाने का संकल्प

लेकिन पर्यटन विकास के लिए केवल एक वार्षिक महोत्सव आयोजित करना काफी नहीं है। बुनियादी सुविधाएं चाहिए – साफ-सुथरे होटल, रेस्तरां, परिवहन, सड़कें, शौचालय, पीने का पानी। क्या रामटेक में ये सुविधाएं पर्याप्त हैं? क्या महोत्सव के बाद भी इन सुविधाओं को बनाए रखने की कोई योजना है?

महोत्सव की भव्यता और जमीनी हकीकत

सुदेश भोसले और साधना सरगम जैसे प्रसिद्ध कलाकारों को बुलाना और एक भव्य महोत्सव आयोजित करना निश्चित रूप से सराहनीय है। “इंतहा हो गई इंतजार की”, “ये जो मोहब्बत है”, “शावा शावा” जैसे सदाबहार गीतों पर जब पूरा पंडाल झूम उठा, तो यह एक यादगार शाम रही होगी।

द बांसुरीवाला कनेक्ट के युवा समूह ने देशभक्ति गीतों से कार्यक्रम की शुरुआत की, जो सकारात्मक पहल है। युवाओं को मंच देना और उन्हें राष्ट्रप्रेम से जोड़ना अच्छी बात है।

Ramtek Festival 2026: लेकिन खर्च का सवाल

लेकिन इस भव्य आयोजन पर कितना खर्च हुआ? क्या यह सरकारी खजाने से आया या फिर निजी प्रायोजन से? अगर सरकारी पैसा खर्च हुआ है, तो क्या यह जरूरी था कि इतनी बड़ी राशि एक महोत्सव पर खर्च की जाए?

इस पैसे से स्थानीय विकास के कितने काम हो सकते थे? रामटेक और आसपास के गांवों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है। क्या उन पर खर्च करना ज्यादा जरूरी नहीं था?

Ramtek Festival day 3 Photos: सुदेश भोसले और साधना सरगम ने बिखेरा जादू, हर घर का उत्सव बनाने का संकल्प
Ramtek Festival day 3 Photos: सुदेश भोसले और साधना सरगम ने बिखेरा जादू, हर घर का उत्सव बनाने का संकल्प

“हर घर का उत्सव” का वादा

वित्त राज्यमंत्री आशीष जयसवाल ने कहा कि “रामटेक महोत्सव को हर घर का उत्सव बनाया जाएगा।” यह बयान सुनने में बहुत अच्छा लगता है, लेकिन इसका मतलब क्या है? क्या हर घर से लोग इस महोत्सव में भाग ले सकेंगे? क्या आम लोगों को इस उत्सव का सीधा लाभ मिलेगा?

अक्सर ऐसे महोत्सव कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित रह जाते हैं। वीआईपी लोग, राजनेता, अमीर लोग तो आराम से बैठकर कार्यक्रम का आनंद लेते हैं, लेकिन आम जनता को दूर से ही देखना पड़ता है।

स्थानीय लोगों की भागीदारी

क्या रामटेक के स्थानीय लोगों को इस महोत्सव की योजना बनाने में शामिल किया गया? क्या उनकी राय ली गई कि वे क्या देखना चाहते हैं? क्या स्थानीय कलाकारों को भी मंच मिला या फिर सिर्फ बड़े नामों पर निर्भर रहा गया?

महोत्सव के दौरान स्थानीय व्यापारियों, दुकानदारों और छोटे उद्यमियों को क्या लाभ हुआ? क्या उन्हें अपने उत्पाद बेचने के लिए स्टॉल लगाने की सुविधा मिली? क्या पर्यटकों को स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पादों से परिचित कराने का प्रयास हुआ?

Ramtek Mahautsav Day 3 2026
Ramtek Mahotsav Day 3 2026

राजनीतिक एजेंडा की आशंका

ऐसे महोत्सवों को लेकर हमेशा यह आशंका रहती है कि कहीं यह राजनीतिक प्रचार का माध्यम तो नहीं बन रहे। राज्यमंत्री का कार्यक्रम में शामिल होना, कलाकारों को मंदिर ले जाना, भव्य आयोजन – ये सब देखकर लगता है कि इसमें राजनीतिक मकसद भी है।

चुनाव से पहले अक्सर ऐसे आयोजन होते हैं जिनमें सरकारी पैसा खर्च होता है और राजनेताओं की छवि चमकाने की कोशिश होती है। क्या रामटेक महोत्सव भी इसी श्रेणी में आता है?

सांस्कृतिक उत्सव या प्रचार मंच?

अगर वाकई यह एक सांस्कृतिक उत्सव है, तो इसे राजनीति से दूर रखना चाहिए। स्थानीय संस्कृति, कला और परंपराओं को बढ़ावा देने पर ध्यान होना चाहिए, न कि राजनीतिक नेताओं की उपस्थिति पर।

महोत्सव की सफलता इस बात में है कि यह लोगों को अपनी जड़ों से कितना जोड़ता है, उनमें सांस्कृतिक गौरव की भावना कितनी जगाता है। अगर यह केवल एक रात का मनोरंजन बनकर रह जाता है, तो इसका उद्देश्य अधूरा रह जाता है।

स्थायी विकास की जरूरत

एक वार्षिक महोत्सव आयोजित करना अच्छी बात है, लेकिन रामटेक के सतत विकास के लिए दीर्घकालीन योजना जरूरी है। पर्यटन बुनियादी ढांचे का विकास, मंदिरों का रखरखाव, स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा, रोजगार के अवसर – इन सब पर ध्यान देना होगा।

महोत्सव के दौरान हजारों लोग आते हैं, लेकिन बाकी साल क्या होता है? क्या पर्यटक पूरे साल रामटेक आते हैं? अगर नहीं, तो क्यों नहीं? इन सवालों के जवाब तलाशने होंगे।

Ramtek Mahautsav Day 3 2026
Ramtek Mahotsav Day 3 2026

पर्यावरण संरक्षण

रामटेक का प्राकृतिक सौंदर्य इसकी पहचान है। लेकिन पर्यटन के बढ़ने के साथ-साथ पर्यावरण पर भी दबाव बढ़ता है। क्या महोत्सव के दौरान पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखा गया? क्या कचरा प्रबंधन की उचित व्यवस्था थी?

अक्सर ऐसे आयोजनों के बाद प्लास्टिक और अन्य कचरे का ढेर लग जाता है। क्या इस बार इस समस्या से निपटने के लिए कोई विशेष इंतजाम किए गए थे?

युवाओं की भागीदारी

द बांसुरीवाला कनेक्ट के युवा समूह ने देशभक्ति गीतों से कार्यक्रम की शुरुआत की, यह सकारात्मक पहल है। युवाओं को मंच देना और उन्हें प्रोत्साहित करना जरूरी है।

लेकिन क्या रामटेक के स्थानीय युवाओं को भी ऐसे अवसर मिले? क्या उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया गया? युवाओं में बहुत प्रतिभा होती है, लेकिन उन्हें मंच की जरूरत होती है।

रोजगार के अवसर

महोत्सव के आयोजन में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला या फिर बाहर से लोगों को बुलाया गया? अस्थायी रोजगार तो ठीक है, लेकिन क्या पर्यटन विकास से स्थायी रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं?

रामटेक और आसपास के इलाकों में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है। पर्यटन इसका एक समाधान हो सकता है, लेकिन इसके लिए ठोस योजना और निवेश जरूरी है।


रामटेक पर्यटन एवं सांस्कृतिक महोत्सव में सुदेश भोसले और साधना सरगम जैसे प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुति निश्चित रूप से यादगार रही होगी। वित्त राज्यमंत्री आशीष जयसवाल का “हर घर का उत्सव” बनाने का संकल्प भी सुनने में अच्छा लगता है।

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह महोत्सव रामटेक के स्थायी विकास में योगदान देगा? क्या इससे स्थानीय लोगों को वास्तविक लाभ होगा? क्या यह केवल एक वार्षिक तमाशा बनकर रह जाएगा या फिर रामटेक को सचमुच एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाने में मदद करेगा?

महोत्सव आयोजित करना आसान है, लेकिन उसके बाद भी विकास को बनाए रखना असली चुनौती है। रामटेक की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए, पर्यटन सुविधाओं का विकास करना, स्थानीय लोगों को लाभान्वित करना और पर्यावरण की रक्षा करना – यह सब एक साथ करना होगा।

उम्मीद करते हैं कि यह महोत्सव केवल एक राजनीतिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि रामटेक के समग्र विकास की शुरुआत साबित होगा। लेकिन इसके लिए लंबी दूरी तय करनी होगी और ठोस कदम उठाने होंगे। सिर्फ वादे काफी नहीं हैं, जमीन पर काम दिखना चाहिए।


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Gangesh Kumar

Rashtra Bharat में Writer, Author और Editor। राजनीति, नीति और सामाजिक विषयों पर केंद्रित लेखन। BHU से स्नातक और शोधपूर्ण रिपोर्टिंग व विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं।