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Indian workers Gulf region war zone safety: आखात क्षेत्र में फंसे भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर प्रयास तेज

Indian workers Gulf region war zone safety: आखात क्षेत्र में फंसे भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार के प्रयास तेज
Indian workers Gulf region war zone safety: आखात क्षेत्र में फंसे भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार के प्रयास तेज (Photo:AI)

Indian workers Gulf region war zone safety:आखात क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति के बीच वहां काम कर रहे भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुणे से महासंघ ने सरकार से संपर्क कर मदद की मांग की है। प्रधानमंत्री और श्रम मंत्री को पत्र भेजा गया है, जिसमें श्रमिकों की सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर उन्हें भारत वापस लाने की मांग की गई है।

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श्रमिकों को सुरक्षित वापस लाने की मांग तेज

Indian workers Gulf region war zone safety: पुणे। आखात (Gulf) क्षेत्र में जारी युद्ध जैसे हालातों के बीच वहां काम कर रहे भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है। इस मुद्दे पर पुणे स्थित महासंघ ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुखभाई मांडविया को आधिकारिक पत्र लिखकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

महासंघ के सरचिटणीस (महासचिव) सचिन मेंगाले ने बताया कि सरकार से लगातार संपर्क साधा जा रहा है ताकि संकटग्रस्त श्रमिकों की सुरक्षा, उनका सुरक्षित पुनर्वास और आवश्यक सहायता सुनिश्चित की जा सके।

वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए जुटाई जानकारी

महासंघ ने हाल ही में एक वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक आयोजित की, जिसमें विभिन्न राज्यों के उन श्रमिकों की स्थिति का जायजा लिया गया जो आखात देशों में कार्यरत हैं। बैठक में उनकी समस्याओं का विस्तार से आकलन किया गया।

PM और श्रम मंत्री को भेजा पत्र

पत्र में तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं — श्रमिकों की तत्काल सुरक्षा सुनिश्चित करना, संकटग्रस्त श्रमिकों को आपातकालीन सहायता प्रदान करना और ज़रूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाना।

महासंघ ने आखात में कार्यरत सभी भारतीय श्रमिकों से अपील की है कि वे भारतीय दूतावास से संपर्क बनाए रखें। संगठन ने स्पष्ट किया है कि वह देश-विदेश के ठेका श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस संकट की घड़ी में हर संभव सहायता देने को तैयार है।

केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।