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शिवाजी जयंती पर शिवनेरी किले में मची भगदड़, कई लोग घायल; देखें VIDEO

शिवाजी जयंती पर शिवनेरी किले में मची भगदड़, कई लोग घायल
शिवाजी जयंती पर शिवनेरी किले में मची भगदड़, कई लोग घायल (Pic Credit- X Screen Grab @sweetydixit6)

शिवाजी जयंती पर पुणे के शिवनेरी किले में भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई, जिसमें तीन लोग घायल हो गए। घटना तड़के सुबह हुई जब मशाल जुलूस के दौरान धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पुलिस ने हालात संभाले, लेकिन सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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Shivaji Jayanti: महाराष्ट्र में हर साल 19 फरवरी का दिन गर्व और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह दिन छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती का होता है। लेकिन इस बार पुणे जिले के शिवनेरी किले से जो खबर आई, उसने जश्न के माहौल को चिंता में बदल दिया। भारी भीड़ के बीच अचानक भगदड़ मच गई और कई लोग घायल हो गए।

शिवनेरी किले में तड़के सुबह मचा हड़कंप

पुलिस के मुताबिक यह घटना आज सुबह करीब 3:30 बजे हुई। उस समय बड़ी संख्या में लोग मशाल लेकर मीना दरवाजा के पास से नीचे उतर रहे थे। शिवाजी जयंती के मौके पर हर साल हजारों लोग यहां पहुंचते हैं, लेकिन इस बार भीड़ कुछ ज्यादा ही थी।

बताया जा रहा है कि एक समूह तेज रफ्तार से नीचे उतर रहा था। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें धीरे चलने की सलाह भी दी, लेकिन भीड़ में पीछे से दबाव बढ़ता गया। अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी बीच किसी व्यक्ति को पीछे से धक्का लगा और वह गिर पड़ा। उसके साथ कुछ और लोग भी नीचे गिर गए।

तीन लोगों के पैरों में चोट आई है। पुलिस ने तुरंत घायलों को संभाला और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करवाई।

पुलिस ने संभाली स्थिति

पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि पुलिस पहले से ही वहां तैनात थी और लोगों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही थी। घटना के बाद तुरंत भीड़ को रोका गया और लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित किया गया।

हालांकि, यह सवाल बना हुआ है कि जब हर साल यहां इतनी भीड़ जुटती है, तो क्या इंतजाम पर्याप्त थे?

शिवनेरी किला का महत्त्व

छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630 को इसी शिवनेरी किले में हुआ था। इसलिए यह जगह लोगों के लिए सिर्फ एक ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़ा स्थान है। जयंती के दिन लोग दूर-दूर से यहां पहुंचते हैं।

ऐसे आयोजनों में भावनाएं चरम पर होती हैं। लोग मशाल जुलूस, नारों और जयकारों के साथ अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। लेकिन जब भीड़ सीमा से ज्यादा हो जाती है, तो एक छोटी सी चूक भी बड़ा हादसा बन सकती है।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और कुछ सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाए हैं कि क्या भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त बैरिकेडिंग और गाइडेंस मौजूद थी? क्या प्रवेश और निकास के रास्तों को ठीक से अलग किया गया था?

मुख्यमंत्री का प्रस्तावित दौरा

इसी दिन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि देने के लिए शिवनेरी किले का दौरा करने वाले हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था और ज्यादा कड़ी कर दी गई है।

प्रशासन अब अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और भीड़ को नियंत्रित करने के नए निर्देश जारी कर रहा है।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।