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पंजाब स्थानीय निकाय चुनाव परिणाम: आम आदमी पार्टी शुरुआती बढ़त के साथ आगे, विपक्ष ने लगाए धांधली के आरोप

पंजाब स्थानीय निकाय चुनाव परिणाम: आम आदमी पार्टी शुरुआती बढ़त के साथ आगे, विपक्ष ने लगाए धांधली के आरोप
Punjab Local Body Election Results: पंजाब में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव में AAP की बढ़त (Image Source: CEO)

पंजाब के स्थानीय निकाय चुनावों में मतगणना बुधवार को शुरू हुई और शुरुआती रुझानों में AAP ने बढ़त बना ली। 22 जिला परिषदों और 153 पंचायत समितियों के लिए 9,000 से अधिक उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था। संगरूर, पटियाला और लुधियाना में AAP आगे है। विपक्ष ने धांधली के आरोप लगाए हैं। मुख्यमंत्री के गांव से भी AAP को जीत मिली है।

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Asfi Shadab
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पंजाब में स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजों की गिनती बुधवार सुबह से शुरू हो गई है और शुरुआती रुझानों में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने अच्छी बढ़त बना ली है। राज्य भर में 154 मतगणना केंद्रों पर सुबह 8 बजे से मतपत्रों की गिनती शुरू हुई, जहां सख्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। ये चुनाव 15 दिसंबर को हुए थे, जिनमें 22 जिला परिषदों के 347 क्षेत्रों और 153 पंचायत समितियों के 2,838 क्षेत्रों के सदस्यों का चुनाव किया गया था।

इन चुनावों में 9,000 से अधिक उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था और पूरे दिन चले मतदान में 48 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनाव में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी सहित सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री के गांव से AAP को जीत

आम आदमी पार्टी के हरविंदरपाल रिशी ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के गृह गांव सतौज से धर्मगढ़ ब्लॉक समिति सीट जीत ली है। यह जीत AAP के लिए काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि यह मुख्यमंत्री के अपने गांव से आई है। ब्लॉक समिति चुनावों में भी AAP ने सतौज में बढ़त बना ली है, जो पार्टी के लिए एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि है।

संगरूर में AAP की मजबूत स्थिति

संगरूर जिले में ब्लॉक समिति और जिला परिषद दोनों चुनावों में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है। ब्लॉक समिति के 162 क्षेत्रों में से AAP 62 क्षेत्रों में आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस 35 क्षेत्रों में और निर्दलीय उम्मीदवार 32 क्षेत्रों में बढ़त बनाए हुए हैं। शिरोमणि अकाली दल 25 क्षेत्रों में आगे है।

जिला परिषद चुनावों में AAP की स्थिति और भी मजबूत है। 18 सीटों में से AAP 11 सीटों पर आगे है। निर्दलीय उम्मीदवार 4 सीटों पर दूसरे स्थान पर हैं, जबकि कांग्रेस और अकाली दल केवल 2 और 1 सीटों पर क्रमशः बढ़त बनाए हुए हैं।

पटियाला और लुधियाना में रुझान

पटियाला में भी AAP ने अच्छा प्रदर्शन किया है। पार्टी 35 क्षेत्रों में आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस 19 क्षेत्रों में बढ़त बनाए हुए है। अकाली दल वर्तमान में केवल 7 क्षेत्रों में आगे है।

लुधियाना में AAP 25 जिला परिषद सीटों में से 10 पर आगे है, जो इसे कांग्रेस पर थोड़ी बढ़त देती है। कांग्रेस 8 सीटों पर आगे है, जबकि शिरोमणि अकाली दल 4 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। निर्दलीय उम्मीदवार 2 सीटों पर आगे हैं और एक सीट अभी भी कड़ी प्रतिस्पर्धा में है।

सुरक्षा व्यवस्था और मतगणना प्रक्रिया

पटियाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरताज सिंह चहल ने बताया कि जिला परिषद और ब्लॉक समिति दोनों चुनावों के लिए मतगणना की सुचारू और शांतिपूर्ण संपन्नता सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मोगा में भी सख्त सुरक्षा के बीच मतगणना जारी है।

बलुआना गांव से शिरोमणि अकाली दल की उम्मीदवार सतवीर कौर ने स्थानीय निकाय चुनावों में जीत हासिल की है, जो अकाली दल के लिए एक राहत की खबर है।

विपक्ष के आरोप और राजनीतिक तनाव

हालांकि, चुनाव प्रक्रिया विवादों से भरी रही है। पटियाला में शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें पटियाला-नाभा रोड पर स्थित एक मतगणना केंद्र में प्रवेश से रोका गया।

14 दिसंबर को मतदान के दौरान विपक्षी दल कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने सत्तारूढ़ AAP पर खुलेआम चुनावी धांधली में शामिल होने का आरोप लगाया था। उन्होंने भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल उनके उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने से रोकने और उन्हें खारिज करवाने के लिए किया गया।

चुनाव का महत्व और भविष्य की राजनीति

ये स्थानीय निकाय चुनाव पंजाब की राजनीति में काफी अहम माने जा रहे हैं। यह चुनाव न केवल स्थानीय स्तर पर सत्ता के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भी एक संकेतक के रूप में देखे जा रहे हैं।

आम आदमी पार्टी के लिए ये नतीजे उनकी जमीनी मजबूती को दिखाते हैं, खासकर ग्रामीण इलाकों में। कांग्रेस और अकाली दल दोनों ही इन चुनावों में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन शुरुआती रुझान AAP के पक्ष में हैं।

निर्दलीय उम्मीदवारों का अच्छा प्रदर्शन भी ध्यान देने योग्य है, जो दर्शाता है कि कुछ क्षेत्रों में स्थानीय मुद्दे और व्यक्तित्व पार्टी की राजनीति से ज्यादा मायने रखते हैं।

जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ेगी, अंतिम परिणाम साफ होंगे, लेकिन फिलहाल AAP को बढ़त मिलना पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत है। विपक्ष द्वारा लगाए गए धांधली के आरोपों से भी चुनाव आयोग को निपटना होगा, ताकि चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता बनी रहे।

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Asfi Shadab

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