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संसद परिसर में भिड़े राहुल गांधी और मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, कैमरे में कैद हुई तीखी नोकझोंक, देखिए VIDEO

संसद परिसर में भिड़े राहुल गांधी और मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, कैमरे में कैद हुई तीखी नोकझोंक, देखिए VIDEO
संसद परिसर में भिड़े राहुल गांधी और मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू (File Photo)

संसद परिसर में प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। एक-दूसरे पर लगाए गए आरोपों का वीडियो वायरल हो चुका है। यह घटना कांग्रेस-भाजपा के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव को और उजागर करती है।

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Dipali Kumari
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Rahul Gandhi vs Ravneet Singh Bittu: संसद भवन परिसर में उस वक्त माहौल अचानक गरमा गया, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। यह टकराव न सिर्फ मौके पर मौजूद सांसदों के लिए चौंकाने वाला रहा, बल्कि इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही राजनीतिक हलकों में भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया।

यह पूरा घटनाक्रम संसद सत्र शुरू होने से ठीक पहले का है, जब विपक्षी सांसद प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान शब्दों की ऐसी अदला-बदली हुई, जिसने संसद परिसर की गरिमा और सियासी रिश्तों दोनों पर सवाल खड़े कर दिए।

संसद परिसर में गरमाई सियासत

सामने आए वीडियो में देखा जा रहा है कि विपक्षी सांसद संसद भवन के मकर द्वार के पास प्रदर्शन कर रहे हैं। इन्हीं के बीच राहुल गांधी भी मौजूद हैं। तभी उनकी नजर केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पर पड़ती है, जो वहां से गुजर रहे होते हैं।

वीडियो में राहुल गांधी यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि “यहां एक गद्दार चला आ रहा है, इसके चेहरे को देखिए।” यह टिप्पणी सुनते ही वहां खड़े कुछ सांसद हंसते नजर आते हैं। राहुल गांधी का यह बयान सीधे तौर पर बिट्टू के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने से जोड़ा जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री बिट्टू का पलटवार

राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद रवनीत सिंह बिट्टू रुकते हैं और राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसदों की ओर इशारा करते हुए “देश के दुश्मन” कहते हैं। इसके बाद वह बिना रुके आगे बढ़ जाते हैं। इस एक वाक्य ने मौके पर मौजूद सभी लोगों को स्तब्ध कर दिया।

यह शब्दों की टकराहट महज व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप नहीं लग रही थी, बल्कि इसके पीछे सालों पुरानी राजनीतिक कड़वाहट और दल बदल की राजनीति की गूंज साफ सुनाई दे रही थी।

हाथ मिलाने की कोशिश और इनकार

वीडियो में एक और दिलचस्प पल सामने आता है, जब राहुल गांधी “गद्दार” कहने के बाद बिट्टू से हाथ मिलाने की कोशिश करते हैं। वह कहते सुनाई देते हैं, “हैलो ब्रदर… मेरे गद्दार दोस्त। चिंता मत करो, यहीं वापस आओगे।”

हालांकि, रवनीत सिंह बिट्टू राहुल गांधी का हाथ थामने से साफ इनकार कर देते हैं और आगे बढ़ जाते हैं। इस दौरान राहुल गांधी के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल भी मौजूद रहते हैं। यह दृश्य राजनीतिक तल्खी को और गहरा कर देता है।

प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में हुआ विवाद

यह पूरा घटनाक्रम उस समय हो रहा है, जब बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किए गए आठ विपक्षी सांसद संसद परिसर में प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष लगातार सरकार पर अमेरिका के साथ की गई डील को लेकर सवाल उठा रहा है और इसी मुद्दे पर प्रदर्शन जारी है।

ऐसे माहौल में हुआ यह विवाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच पहले से चल रहे तनाव को और उजागर करता है।

कांग्रेस से भाजपा तक बिट्टू का सफर

रवनीत सिंह बिट्टू कभी कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में गिने जाते थे। लेकिन बाद में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। यही कारण है कि राहुल गांधी की टिप्पणी को कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं के प्रति उनकी नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है।

कांग्रेस नेतृत्व पहले भी कई बार पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं को लेकर सख्त बयान देता रहा है और यह घटना उसी कड़ी का एक और उदाहरण बन गई है।

पहले भी विवादित बयान दे चुके हैं बिट्टू

यह पहला मौका नहीं है जब रवनीत सिंह बिट्टू अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में आए हों। दिसंबर महीने में उन्होंने दावा किया था कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।

एक इंटरव्यू में बिट्टू ने कहा था कि कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर खींचतान चल रही है और राहुल गांधी परिवार और पार्टी से नाराज होकर दूर हो गए हैं। उनके इन बयानों ने उस वक्त भी कांग्रेस में हलचल मचा दी थी।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।