पंजाब के तरनतारन में AAP नेता मनदीप कौर की हत्या, पूर्व सरपंच पर हत्या का आरोप

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तरनतारन में AAP नेता मनदीप कौर की हत्या
पंजाब के जिला तरनतारन के गांव धगाणा में आम आदमी पार्टी (AAP) की पंच मनदीप कौर की हत्या की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस समर्थित पूर्व सरपंच साहिब सिंह और उनके परिवार ने मनदीप कौर पर गोली चलाकर हत्या कर दी। इस घटना को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से जोड़कर देखा जा रहा है।
घटना का विवरण
मंगलवार की रात पौने नौ बजे, पूर्व सरपंच साहिब सिंह के पुत्र सुखविंदर सिंह गोगी और लखविंदर सिंह बूरी अपने सोनालिका ट्रैक्टर पर आपत्तिजनक गीत चला रहे थे। गोगी बार-बार अश्लील गीत बजा रहा था और लखविंदर हाथों से अश्लील इशारे कर रहा था। जब पड़ोसी जतिंदर सिंह ने विरोध किया, तो साहिब सिंह की पत्नी परमजीत कौर भी घर से बाहर आई।
पूर्व सरपंच साहिब सिंह के उकसाने पर गोगी ने गोली चला दी। गोली की चपेट में मनदीप कौर के अलावा पड़ोसी गुरभेज सिंह और गुरप्रीत सिंह भी घायल हो गए।
आरोपियों की पहचान और पुलिस कार्रवाई
मनदीप कौर को तुरंत पट्टी के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने नामजद आरोपियों में पूर्व सरपंच साहिब सिंह, उनकी पत्नी परमजीत कौर और पुत्र सुखविंदर सिंह गोगी व लखविंदर सिंह को शामिल किया है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी वर्तमान में फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए व्यापक छापेमारी की जा रही है। इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
राजनीतिक संदर्भ
इस हत्या की पृष्ठभूमि में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को मुख्य कारण माना जा रहा है। मनदीप कौर आम आदमी पार्टी से पंचायत सदस्य थीं और उनकी सक्रियता कांग्रेस समर्थित पूर्व सरपंच साहिब सिंह के लिए खलल डाल रही थी। राजनीतिक मतभेदों ने इस हिंसक घटना को जन्म दिया, जिससे इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
पड़ोसियों और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग अस्पताल और घटना स्थल पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व सरपंच परिवार के इस कृत्य से गांव में आतंक का माहौल फैल गया है। कई लोगों ने पुलिस की तत्परता और जल्दी कार्रवाई की सराहना की, लेकिन अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर चिंता जताई।
तरनतारन में मनदीप कौर की हत्या ने न केवल स्थानीय राजनीतिक परिदृश्य को झकझोर दिया है, बल्कि राज्य में राजनीतिक हिंसा के मामलों पर भी सवाल उठाए हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते हुई इस हत्या से स्पष्ट होता है कि संवेदनशील राजनीतिक माहौल में सख्त कानून और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है।

