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मुख्यमंत्री योगी ने अयोध्या में घर-घर पहुंचाकर दिया दीपोत्सव का उपहार, वाल्मीकि व माझी समाज के संग मनाई दीपावली

मुख्यमंत्री योगी ने अयोध्या में घर-घर पहुंचाकर दिया दीपोत्सव का उपहार, वाल्मीकि व माझी समाज के संग मनाई दीपावली
CM Yogi Ayodhya Diwali Celebration – मुख्यमंत्री योगी ने वाल्मीकि व माझी समाज के संग साझा की दीपोत्सव की खुशियां
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Asfi Shadab
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मुख्यमंत्री योगी ने अयोध्या में घर-घर पहुंचाकर मनाई दीपावली

अयोध्या में इस बार दीपोत्सव केवल दीपों की रोशनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे समाज के हर वर्ग की खुशियों से जोड़ा। रविवार को दीपोत्सव के अगले दिन मुख्यमंत्री ने वाल्मीकि समाज और माझी समुदाय के घर-घर जाकर दीपावली का उपहार भेंट किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार समाज के हर वर्ग के उत्थान और समान अवसरों की दिशा में निरंतर कार्यरत है।


वाल्मीकि और माझी समाज के संग दीपावली की खुशियां साझा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान इन समुदायों के लोगों के साथ स्नेहपूर्वक भेंट की। उन्होंने कहा, “हम सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की भावना को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। अयोध्या इस सिद्धांत की सबसे बड़ी प्रयोगशाला है।”
मुख्यमंत्री ने इन वंचित तबकों के लोगों को उपहार देकर समाज के समावेशी चरित्र का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार केवल विकास के वादों तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग तक योजनाओं और सुविधाओं को पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।


अयोध्या में चार सांस्कृतिक द्वारों का निर्माण

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अयोध्या में चार भव्य द्वार बनाए जा रहे हैं जो भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक होंगे। ये द्वार शंकराचार्य, मध्वाचार्य, स्वामी रामानुजाचार्य और रामानंदाचार्य के नाम पर बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये चारों द्वार विभिन्न समुदायों और मतों के समावेशी चरित्र को दर्शाते हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अयोध्या न केवल एक धार्मिक नगरी है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और एकता का जीवंत उदाहरण है।


संतों के संग संवाद और पूजन-अर्चन

मुख्यमंत्री योगी ने कारसेवकपुरम में स्थानीय संतों के साथ दीपोत्सव की प्रसन्नता साझा की। उन्होंने संतों को दीपावली की भेंट देकर सम्मानित किया और उनके साथ धर्म, सेवा और समाज के उत्थान पर चर्चा की। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने राम जन्मभूमि में रामलला के दर्शन किए और हनुमानगढ़ी जाकर बजरंगबली की पूजा अर्चना की।

हनुमानगढ़ी में उन्होंने संत समाज के साथ बैठक की और कहा कि अयोध्या का आध्यात्मिक महत्व आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक रहेगा।


“अयोध्या मेरा आध्यात्मिक परिवार है” – योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी के करीबी और जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी राम दिनेशाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री केवल राजनीति के प्रतीक नहीं, बल्कि अयोध्या के लिए आत्मीय धर्माचार्य की तरह हैं। उन्होंने कहा, “योगी जी का अयोध्या से भावनात्मक जुड़ाव है। उनकी उपस्थिति यहां के लिए सौभाग्य और आस्था का प्रतीक है।”

मुख्यमंत्री ने अपने प्रवास के दौरान वाल्मीकि बस्ती के पास स्थित मतगजेंद्र मंदिर में भी पूजा अर्चना की और स्थानीय नागरिकों से संवाद किया।


दीपोत्सव: अयोध्या का गौरव, उत्तर प्रदेश की पहचान

मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव के अवसर पर कहा कि इस आयोजन ने अयोध्या को विश्व पटल पर विशेष स्थान दिलाया है। इस वर्ष दीपोत्सव में 26 लाख से अधिक दीपों का प्रज्वलन हुआ, जिसने एक नया विश्व कीर्तिमान स्थापित किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या की रोशनी केवल दीपों की नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की खुशियों से जगमगा रही है।


समाज के समावेशी विकास का संदेश

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भौतिक विकास नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक संतुलन भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि हर वर्ग की सहभागिता से “रामराज्य” की अवधारणा साकार होगी।

मुख्यमंत्री के इस पहल ने न केवल अयोध्या बल्कि पूरे प्रदेश में सामाजिक एकता और सद्भाव का संदेश दिया है।


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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।