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घने कोहरे में बड़ा हादसा! एक के बाद एक टकराये 12 वाहन, हाईवे में मची चीख-पुकार

घने कोहरे में बड़ा हादसा! एक के बाद एक टकराये 12 वाहन, हाईवे में मची चीख-पुकार
Greater Noida Fog Accident

ग्रेटर नोएडा के ईस्टर्न पेरीफेरल हाईवे पर घने कोहरे के कारण करीब 12 वाहन आपस में टकरा गए, जिसमें कई लोग घायल हुए। हादसे के बाद लंबा जाम लगा। मौसम विभाग ने उत्तर भारत में अगले दो दिनों तक घने कोहरे की चेतावनी दी है।

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Dipali Kumari
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Greater Noida Fog Accident: उत्तर भारत में सर्दी के साथ-साथ कोहरा अब केवल मौसम की खबर नहीं रह गया है, बल्कि यह आम लोगों की रोजमर्रा की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल बनता जा रहा है। शनिवार तड़के उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में स्थित ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर जो हुआ, उसने एक बार फिर यह साफ कर दिया कि कोहरे को हल्के में लेना कितनी बड़ी भूल साबित हो सकती है।

ग्रेटर नोएडा के बंबावड़ बादलपुर थाना क्षेत्र में घने कोहरे के कारण करीब 12 वाहन एक के बाद एक आपस में टकरा गए। इस हादसे में कई लोग घायल हुए, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और टोल प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाने का काम शुरू किया।

कोहरे की चादर में फंसा हाईवे

शनिवार सुबह का वक्त था, जब ईस्टर्न पेरीफेरल हाईवे पर दृश्यता बेहद कम हो चुकी थी। कोहरा इतना घना था कि कुछ ही मीटर आगे देख पाना मुश्किल हो रहा था। ऐसे हालात में तेज रफ्तार से चल रहे वाहनों को अचानक सामने खड़े या धीमी गति से चल रहे वाहनों का अंदाजा नहीं लग पाया। नतीजा यह हुआ कि एक वाहन के टकराते ही पीछे से आ रहे कई अन्य वाहन भी हादसे का शिकार हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही पलों में हाईवे पर चीख-पुकार मच गई और लंबी कतार में वाहन आपस में फंसे नजर आए। हादसे का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कारें और ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिख रहे हैं।

घायलों की आपबीती ने बढ़ाई चिंता

हादसे में घायल एक चालक ने बताया कि कोहरा इतना घना था कि उसे आगे कुछ दिखाई ही नहीं दिया। अचानक उसकी गाड़ी सामने खड़ी एक कार से टकरा गई और उसके बाद पीछे से कई अन्य वाहनों ने भी उसकी गाड़ी में टक्कर मार दी। इस बयान से यह साफ होता है कि समस्या केवल मौसम की नहीं, बल्कि सतर्कता और गति नियंत्रण की भी है।

दुर्घटना के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया। टोल मैनेजमेंट की क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को एक-एक कर किनारे किया गया। पुलिस ने यातायात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया और कई घंटों की मशक्कत के बाद स्थिति को सामान्य किया जा सका।

उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत में कोहरे का अलर्ट

यह हादसा ऐसे समय में हुआ है, जब मौसम विभाग ने पहले ही उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। अनुमान है कि अगले दो दिनों तक कुछ इलाकों में दृश्यता 50 मीटर से भी कम रह सकती है। पूर्वी दिशा से चलने वाली हवाओं की रफ्तार कम होने के कारण कोहरे का असर और बढ़ सकता है।

तापमान गिरा, ठंड ने बढ़ाई मुश्किलें

पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से कम है। पंजाब के अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और हरियाणा के हिसार, अंबाला जैसे शहरों में भी ठंड ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है। ठंड और कोहरे का यह मेल सड़क दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ा रहा है।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।