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Article 370 का निरसन लौहपुरुष सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Article 370 का निरसन लौहपुरुष सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
Sardar Patel Article 370 Removal – मुख्यमंत्री योगी ने कहा, यह लौहपुरुष को सच्ची श्रद्धांजलि है (Photo: PTI)
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Asfi Shadab
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राष्ट्रीय एकता दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश

लखनऊ, 31 अक्टूबर (भा.सू.) — भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “अनुच्छेद 370 का निरसन ही सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि है।” उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से इस विशेष प्रावधान को हटाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अखंड भारत की उस कल्पना को साकार किया, जिसका स्वप्न सरदार पटेल ने देखा था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर ‘रन फॉर यूनिटी’ का शुभारंभ किया और सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। यह दिवस संपूर्ण देश में ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाया गया।


‘रन फॉर यूनिटी’ का उद्देश्य और संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल दौड़ नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक में एकता, अखंडता और देशभक्ति की भावना का संचार करना है। उन्होंने कहा, “आज जब भारत विश्व मंच पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में उभर रहा है, तब आवश्यक है कि हम जाति, भाषा, धर्म और प्रांत की सीमाओं से ऊपर उठकर एक भारत, श्रेष्ठ भारत का निर्माण करें।”

योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें लाखों युवाओं, विद्यार्थियों, सरकारी अधिकारियों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


सरदार पटेल की अदम्य भूमिका और ऐतिहासिक योगदान

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सरदार पटेल की अदम्य नेतृत्व क्षमता को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद 563 रियासतों को एकसूत्र में पिरोकर भारत गणराज्य की नींव को मजबूत किया। जब हैदराबाद और जूनागढ़ जैसे रियासतों ने भारत में विलय से इंकार किया, तब सरदार पटेल ने पहले संवाद का मार्ग अपनाया, किंतु जब राष्ट्रीय एकता पर संकट आया, तो उन्होंने कठोर निर्णय लेने से भी परहेज़ नहीं किया।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाया गया है, तो यह उसी संकल्प का विस्तार है जो लौहपुरुष पटेल ने भारत की एकता के लिए लिया था।


प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एकता की परंपरा

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने उन महान विभूतियों को सम्मानित करने की परंपरा आरंभ की है, जिन्होंने देश की एकता के लिए अपने जीवन को समर्पित किया। “यह दिवस केवल स्मरण का नहीं, बल्कि संकल्प का भी दिवस है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष देशभर में 600 से अधिक स्थलों पर ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन किया गया, जिससे युवा वर्ग में राष्ट्रभाव और संगठन की शक्ति को जागृत करने का प्रयास हुआ।


एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता का प्रतीक

योगी आदित्यनाथ ने कहा, “यह दौड़ केवल खेल नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है।” उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में सरदार पटेल के त्याग, अनुशासन और दृढ़ निश्चय को अपनाएं।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेन्द्र सिंह, महापौर सुषमा खरवाल, राज्यसभा सांसद बृजलाल और अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


राष्ट्रीय एकता दिवस पर मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री ने अपने एक्स (X) पोस्ट में लिखा —
“भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। अखंड भारत का स्वप्न उन्होंने देखा, और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने अनुच्छेद 370 हटाकर उसे साकार किया। जय हिन्द, जय एकता!”


यह समाचार पीटीआई(PTI) के इनपुट के साथ प्रकाशित किया गया है।


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