प्रयागराज: एक ही गांव के चार बच्चों की डूबने से मौत, मची चीख-पुकार

एक ही गांव के चार बच्चों की डूबने से मौत
एक ही गांव के चार बच्चों की डूबने से मौत
प्रयागराज के पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के कुसुआ गांव में तालाब में डूबने से चार बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। गांव में शोक का माहौल है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है, जबकि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
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Prayagraj News: प्रयागराज के ग्रामीण इलाके में आज बुधवार का दिन खुशियों के बजाय गहरे शोक के साथ शुरू हुआ। पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के कुसुआ गांव में एक तालाब चार परिवारों के लिए ऐसा जख्म बन गया, जो शायद कभी भर नहीं पाएगा। खेलते-खेलते चार बच्चों की तालाब में डूबकर मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। हर आंख नम है, हर घर में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर जुबान पर सिर्फ एक ही सवाल है—आखिर ऐसा कैसे हुआ।

एक खेल, जो मौत में बदल गया

बुधवार को गांव के कुछ बच्चे रोज की तरह खेलने के लिए घर से निकले थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह खेल उनकी आखिरी खुशी बन जाएगा। बताया जा रहा है कि एक युवक और तीन बच्चे तालाब के पास खेल रहे थे। खेलते-खेलते कब वे तालाब के भीतर चले गए, किसी ने देखा तक नहीं। जब तक लोगों को कुछ समझ आता, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

तालाब के किनारे बच्चों के कपड़े और चप्पल पड़े मिले। यही दृश्य अब गांववालों की आंखों में हमेशा के लिए बस गया है। बच्चे शायद नहाने या पानी के पास खेलने के इरादे से तालाब में उतरे होंगे, लेकिन गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाए। इस हादसे में जिन चार बच्चों की मौत हुई है, उनमें प्रतीक सोनकर (12), प्रिंस सोनकर (10), करण सोनकर (19) और प्रियांशु सोनकर (11) शामिल हैं। ये सभी कुसुआ गांव के ही रहने वाले थे। एक ही गांव के चार घरों में एक साथ चूल्हा ठंडा पड़ गया।

किसी मां ने अपना इकलौता बेटा खोया, तो किसी परिवार की उम्मीद हमेशा के लिए बुझ गई। गांव की गलियों में रोने की आवाजें और मातम का माहौल है। जिन बच्चों की हंसी से गांव गूंजता था, आज उनकी यादें ही रह गई हैं।

गांव में कोहराम और भीड़

घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण तालाब के पास और सल्लाहपुर पुलिस चौकी पर जमा हो गए। हर कोई जवाब चाहता है। हर कोई जानना चाहता है कि यह सिर्फ हादसा था या इसके पीछे कुछ और भी है।

ग्रामीणों का कहना है कि तालाब काफी गहरा है और उसके चारों ओर किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। पहले भी यहां छोटे-मोटे हादसे होते रहे हैं, लेकिन किसी ने कभी गंभीरता से नहीं सोचा।

परिजनों की पीड़ा और हत्या की आशंका

मृत बच्चों के परिजनों का दर्द शब्दों में बयां करना मुश्किल है। कुछ परिजनों ने इस घटना को हादसा मानने से इनकार किया है और हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि चारों बच्चों का एक साथ डूबना कई सवाल खड़े करता है। परिजन चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच हो, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

परिजनों का आरोप है कि अगर यह हादसा है, तो सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक क्यों हुई। और अगर हादसा नहीं है, तो दोषियों को सजा क्यों न मिले।

पुलिस जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनास्थल की स्थिति के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी कहा है कि यदि हत्या या साजिश की कोई भी आशंका पुख्ता होती है, तो सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।