कोलकाता के एंटाली इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक निर्माणाधीन इमारत में तीन साल के एक मासूम बच्चे की मौत हो गई है। यह घटना कन्वेंट लेन में हुई, जो एंटाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। बच्चा कल सुबह से लापता था और रात को उसकी लाश निर्माणाधीन इमारत की लिफ्ट के गड्ढे से बरामद की गई। यह हादसा एक बार फिर से निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी को लेकर सवाल खड़े करता है।
घटना की जानकारी के अनुसार, तीन साल का यह बच्चा अपनी मां के साथ उस निर्माणाधीन इमारत में गया था। किसी कारणवश बच्चा मां की नजरों से ओझल हो गया और लिफ्ट के खुले गड्ढे में गिर गया। जब बच्चा घर नहीं लौटा तो परिवार के लोगों ने उसे खोजना शुरू किया। कई घंटों की तलाश के बाद रात को लिफ्ट शाफ्ट में उसकी लाश मिली।
एंटाली थाना की पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई और रहस्य है।
बच्चे की मौत के पीछे का सच
पुलिस के सामने अभी कई सवाल हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जहां निर्माण कार्य चल रहा था, वहां सुरक्षा के कोई इंतजाम क्यों नहीं थे। एक निर्माणाधीन इमारत में खुले लिफ्ट शाफ्ट को ढकने या बंद करने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई थी। ऐसे खतरनाक जगहों पर कोई चौकीदार या सुरक्षा गार्ड क्यों नहीं तैनात था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वे इमारत के मालिक और ठेकेदार से पूछताछ कर रहे हैं। साथ ही, यह भी जांचा जा रहा है कि निर्माण कार्य के लिए सभी जरूरी अनुमतियां ली गई थीं या नहीं। अगर सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया था तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बच्चा कैसे पहुंचा निर्माण स्थल पर
जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि तीन साल का बच्चा अपनी मां के साथ उस निर्माणाधीन इमारत में क्यों गया था। क्या उसकी मां वहां काम करती थी या किसी अन्य कारण से वहां गई थी। बच्चा मां की नजरों से कैसे दूर हुआ और कैसे लिफ्ट शाफ्ट तक पहुंच गया, इन सभी बातों की जांच की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बच्चे की मां बेहद परेशान है और शोक में डूबी हुई है। उससे विस्तार से पूछताछ की जा रही है ताकि घटना का सही तरीके से पता लगाया जा सके।

निर्माण स्थलों पर सुरक्षा की कमी
यह घटना शहरों में चल रहे निर्माण कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था की भारी कमी को उजागर करती है। अक्सर देखा जाता है कि निर्माणाधीन इमारतों में खुले गड्ढे, बिना रेलिंग की सीढ़ियां और असुरक्षित लिफ्ट शाफ्ट छोड़ दिए जाते हैं। इनके आसपास कोई चेतावनी के बोर्ड नहीं लगाए जाते और न ही कोई सुरक्षा गार्ड तैनात किया जाता है।
कई बार ऐसे निर्माण स्थल खुले रहते हैं और आसपास के बच्चे खेलने के लिए वहां चले जाते हैं। इससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। निर्माण कंपनियां और ठेकेदार अक्सर सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हैं, जिसकी कीमत मासूम जानों को चुकानी पड़ती है।
पुलिस जांच में क्या सामने आया
एंटाली थाने की पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सबूत जुटाने शुरू किए हैं। लिफ्ट शाफ्ट की गहराई और उसके आसपास की स्थिति का जायजा लिया गया है। पुलिस ने आसपास के लोगों से भी बात की है ताकि पता लगाया जा सके कि घटना कब और कैसे हुई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे हर पहलू की जांच कर रहे हैं। यह जानना जरूरी है कि क्या यह केवल एक दुर्घटना थी या इसमें किसी की लापरवाही या जानबूझकर की गई कोई चूक शामिल है। अगर किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

परिवार का दर्द
तीन साल के इस मासूम बच्चे की मौत से उसका परिवार पूरी तरह टूट गया है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने परिवार को सांत्वना देने की कोशिश की है, लेकिन एक बच्चे को खोने का दर्द किसी भी मां-बाप के लिए असहनीय होता है।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि अगर निर्माण स्थल पर सही सुरक्षा व्यवस्था होती तो यह हादसा नहीं होता। उन्होंने मांग की है कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
सुरक्षा नियमों की जरूरत
इस घटना के बाद यह जरूरी हो गया है कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू किया जाए। सरकार और नगर निगम को ऐसे नियम बनाने चाहिए जिनका पालन हर हालत में किया जाए। निर्माण कंपनियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके स्थलों पर खतरनाक जगहों को ढका जाए, चेतावनी के बोर्ड लगाए जाएं और सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएं।
साथ ही, नियमित निरीक्षण भी होना चाहिए ताकि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर जुर्माना लगाया जा सके। तभी जाकर ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सकता है।
समाज की जिम्मेदारी
केवल सरकार और निर्माण कंपनियों की ही नहीं, बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है। अभिभावकों को अपने छोटे बच्चों पर हमेशा नजर रखनी चाहिए, खासकर जब वे किसी निर्माण स्थल या खतरनाक जगह के पास हों। साथ ही, अगर किसी को ऐसी जगह दिखे जहां सुरक्षा की कमी है, तो उसे तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करना चाहिए।
इस दुखद घटना से सभी को सबक लेने की जरूरत है। एक मासूम बच्चे की जान चली गई, लेकिन अगर सही कदम उठाए जाएं तो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। पुलिश की जांच के नतीजों का इंतजार है और उम्मीद की जाती है कि जल्द ही सच सामने आएगा और जिम्मेदार लोगों को सजा मिलेगी।