कोलकाता में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, साढ़े तैंतीस किलो गांजे सहित दो तस्कर धराए
कोलकाता पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। शहर के कोसीपुर थाना क्षेत्र में बीटी रोड पर साउथ सिंथी बस स्टैंड के निकट गिरी भवन के सामने छापेमारी के दौरान एक महिंद्रा एक्सयूवी-3एक्सओ कार से साढ़े तैंतीस किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। इस कार में सवार दोनों संदिग्धों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। जांच में सामने आया कि यह नशीला माल सिलीगुड़ी से ट्रेन के जरिए दक्षिणेश्वर तक लाया गया था और वहां से इसे उत्तर कोलकाता के किसी ठिकाने तक पहुंचाने की योजना थी।

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने जिन दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया है उनमें पहला है पच्चीस वर्षीय रोहित अधिकारी जो कोलकाता के बेलगछिया रोड, थाना टाला का रहने वाला है। दूसरा आरोपी है तैंतीस वर्षीय मिथुन घोष जो उत्तर दिनाजपुर जिले के रायगंज थाना क्षेत्र के कसबा महाशो गांव का निवासी है। दोनों आरोपी दक्षिणेश्वर की तरफ से आ रहे थे और बीटी रोड पर उनकी गाड़ी को संदेह के आधार पर रोककर तलाशी ली गई। तलाशी में गांजे की भारी मात्रा मिलने पर दोनों को हिरासत में लिया गया। आरोपी इस माल के संदर्भ में कोई संतोषजनक जवाब देने में नाकाम रहे।

सिलीगुड़ी से चला था नशे का यह जहर
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह गांजा सिलीगुड़ी से ट्रेन के रास्ते दक्षिणेश्वर तक पहुंचाया गया था। दक्षिणेश्वर से इसे महिंद्रा एक्सयूवी कार में लादकर उत्तर कोलकाता के किसी गंतव्य तक पहुंचाने की योजना थी। यह तस्करी का एक सुनियोजित रास्ता प्रतीत होता है जिसमें रेलवे मार्ग का इस्तेमाल माल को लंबी दूरी तक सुरक्षित ले जाने के लिए किया गया और शहर के भीतर वाहन के जरिए वितरण की व्यवस्था थी।
कार का पंजीकरण और तकनीकी साक्ष्य
जिस महिंद्रा एक्सयूवी-3एक्सओ कार में यह माल ले जाया जा रहा था उसका पंजीकरण संख्या डब्ल्यूबी 01 बीबी 1270 है। इस वाहन और उसके मालिक के बारे में आगे की जांच जारी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और यह माल आखिरकार किसके पास पहुंचना था।
कोसीपुर थाने में मामला दर्ज
जब्ती की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कोसीपुर थाने में इस मामले में विधिवत प्राथमिकी दर्ज की गई है। दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां इस नशे के कारोबार के पूरे नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश में लगी हैं। यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस मामले के तार किसी बड़े तस्करी गिरोह से जुड़ते हैं।
नशे के खिलाफ जरूरी है सतत अभियान
सिलीगुड़ी से कोलकाता तक नशीले पदार्थों की यह तस्करी इस बात का संकेत है कि उत्तर बंगाल और महानगर के बीच एक सक्रिय तस्करी मार्ग काम कर रहा है। रेलवे मार्ग का इस्तेमाल कर माल लाना और फिर शहर में गाड़ी से वितरण करना, यह तरीका बताता है कि तस्कर अब अधिक सतर्कता के साथ काम कर रहे हैं। कोलकाता पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बड़े जाल को काटा है लेकिन इस पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए लगातार और समन्वित अभियान की जरूरत है।