Kolkata Reliance Digital Theft: कोलकाता के पूर्वाचल इलाके में स्थित रिलायंस डिजिटल स्टोर से 25 जनवरी 2026 को लगभग 10 लाख रुपये की इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की चोरी का मामला सामने आया है। इस घटना में सात लैपटॉप और नौ मोबाइल फोन चोरी हो गए थे। गारफा थाने में इस मामले में केस नंबर 14 दर्ज किया गया और पुलिस की तेज कार्रवाई के बाद दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ कर चोरी का पूरा सामान बरामद कर लिया है।
घटना का विवरण
25 जनवरी 2026 को जब रिलायंस डिजिटल स्टोर के कर्मचारियों ने सुबह स्टोर खोला तो उन्हें पता चला कि रात के दौरान स्टोर में चोरी हो चुकी है। स्टोर के अंदर रखे कई महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान गायब थे। जांच करने पर पता चला कि चोरों ने सात लैपटॉप और नौ मोबाइल फोन चुरा लिए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है।
स्टोर मैनेजर ने तुरंत गारफा थाने में इस घटना की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। शुरुआत में मामला अज्ञात चोरों के खिलाफ दर्ज किया गया था।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई
गारफा थाने की पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू की। एसआई हिमाद्री राय को इस मामले का जांच अधिकारी बनाया गया। पुलिस टीम ने स्टोर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की और स्थानीय सूत्रों से जानकारी जुटाई।
जांच के दौरान पुलिस को कुछ संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली। पुलिस ने इलाके में अपने सूत्रों के माध्यम से कई लोगों से पूछताछ की। इसी क्रम में पुलिस को दो संदिग्धों के बारे में जानकारी मिली जो इस घटना में शामिल हो सकते थे।
आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस की खुफिया टीम ने दोनों संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी और उचित समय देखकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों से विस्तार से पूछताछ की। शुरुआत में दोनों ने अपराध में शामिल होने से इनकार किया, लेकिन जब पुलिस ने उनके सामने सबूत रखे तो उन्होंने चोरी की बात स्वीकार कर ली।
आरोपियों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि उन्होंने चोरी का सामान कहां छिपाया है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने छापेमारी की और चोरी का पूरा सामान बरामद कर लिया।

चोरी के सामान की बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर अलग-अलग जगहों से चोरी का पूरा सामान बरामद कर लिया। इसमें सातों लैपटॉप और नौ मोबाइल फोन शामिल हैं। सभी सामान अच्छी स्थिति में मिले हैं और जल्द ही इन्हें रिलायंस डिजिटल स्टोर को वापस सौंप दिया जाएगा।
पुलिस के मुताबिक यह एक बड़ी सफलता है क्योंकि चोरी के महज कुछ दिनों के अंदर ही पूरा सामान बरामद हो गया और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच अधिकारी का बयान
इस मामले के जांच अधिकारी एसआई हिमाद्री राय ने बताया कि पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर इस मामले को सुलझाया है। उन्होंने कहा कि गारफा थाना क्षेत्र में ऐसी किसी भी आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या दोनों आरोपी और भी किसी चोरी की घटना में शामिल रहे हैं। आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
व्यापारियों में राहत की लहर
इस मामले में पुलिस की तेज कार्रवाई से पूर्वाचल इलाके के व्यापारियों में राहत की लहर है। रिलायंस डिजिटल स्टोर के प्रबंधन ने पुलिस की सराहना की है और कहा है कि इतनी जल्दी सामान बरामद होने से उन्हें बड़े नुकसान से बचा लिया गया है।
इलाके के अन्य दुकानदारों ने भी इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस की ऐसी तेज कार्रवाई से अपराधियों में डर पैदा होगा और व्यापारी सुरक्षित महसूस करेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत
हालांकि यह घटना एक बार फिर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत की ओर इशारा करती है। रिलायंस डिजिटल जैसे बड़े स्टोर में इतनी आसानी से चोरी होना चिंता का विषय है।
विशेषज्ञों का मानना है कि व्यावसायिक स्थानों पर आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था जैसे कि अलार्म सिस्टम, बेहतर सीसीटीवी कवरेज और सुरक्षा गार्ड की तैनाती जरूरी है। इसके साथ ही दुकानदारों को कीमती सामान को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी जाती है।
आगे की कानूनी कार्रवाई
Kolkata Reliance Digital Theft: पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया है। अदालत ने उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया है ताकि आगे की जांच की जा सके। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस चोरी में कोई और लोग भी शामिल थे या फिर यह दोनों ही इस अपराध के मुख्य आरोपी हैं।
कानून के जानकारों का कहना है कि चूंकि यह एक संगठित चोरी का मामला है और चोरी की गई वस्तुओं की कीमत भी काफी ज्यादा है, इसलिए आरोपियों को कड़ी सजा हो सकती है।
यह मामला कोलकाता पुलिस की कार्यक्षमता का एक अच्छा उदाहरण है कि कैसे तेज कार्रवाई और सही जांच से अपराधियों को पकड़ा जा सकता है।