कोलकाता और पूरे पश्चिम बंगाल में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। ओडिशा के तटीय इलाकों में सक्रिय विपरीत चक्रवात के कारण राज्य में नमी का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। इस वजह से दक्षिण बंगाल के इलाकों में कोहरे की चादर और मजबूत होती जा रही है। रविवार यानी आज कोलकाता में अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को दक्षिण बंगाल के विभिन्न इलाकों में तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। लेकिन यह राहत सिर्फ अस्थायी होगी। 5 जनवरी सोमवार से शुरू होकर अगले 12 जनवरी सोमवार तक पूरे बंगाल के सभी जिलों में एक बार फिर से जोरदार ठंड पड़ने की पूरी संभावना है। मौसम के जानकारों का मानना है कि इस बार की ठंड पहले से भी ज्यादा तेज हो सकती है।
उत्तर बंगाल में बारिश और बर्फबारी की आशंका
मौसम विभाग ने उत्तर बंगाल के कुछ इलाकों में बारिश और बर्फबारी की भी चेतावनी जारी की है। जलपाईगुड़ी और कालिम्पोंग जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना बनी हुई है। वहीं दार्जिलिंग के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश के साथ-साथ बर्फबारी भी हो सकती है। इससे पहाड़ी इलाकों में ठंड का असर और भी गहरा हो जाएगा। पर्यटकों को सलाह दी जा रही है कि वे गर्म कपड़ों का पूरा इंतजाम करके ही यात्रा करें।
ओडिशा तट पर चक्रवात का असर
ओडिशा के तटीय क्षेत्र में सक्रिय विपरीत चक्रवात पूरे पश्चिम बंगाल के मौसम को प्रभावित कर रहा है। इस चक्रवात की वजह से समुद्र से उठने वाली नमी सीधे बंगाल की ओर आ रही है। कोलकाता सहित पूरे राज्य में जलीय वाष्प और आर्द्रता का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसी कारण से कोलकाता में कोहरे का असर दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। हालांकि इस नमी के कारण तापमान में कुछ बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन सुबह और शाम के समय ठंड का अहसास पहले जैसा ही बना हुआ है।
कोलकाता में कोहरे की चादर
रविवार की सुबह पूरे कोलकाता शहर में कोहरे की मोटी चादर छाई रही। शहर के विभिन्न इलाकों में दृश्यता काफी कम हो गई थी। कोहरे के कारण बाबूघाट का इलाका पूरी तरह से भीगा हुआ था। यही वजह रही कि सुबह के समय वाहनों की आवाजाही बेहद सावधानी से की जा रही थी। कोहरे के कारण कई बार सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए प्रशासन ने पूरी सतर्कता बरती।
यातायात व्यवस्था में सतर्कता
कोहरे के कारण होने वाली संभावित दुर्घटनाओं से बचने के लिए यातायात विभाग ने विशेष व्यवस्था की है। शहर भर में ट्रैफिक लाइट और स्ट्रीट लाइट्स को पूरी तरह सक्रिय रखा गया है। सुबह के समय जब कोहरा सबसे घना होता है, तब वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। धीमी गति से वाहन चलाना और पर्याप्त दूरी बनाए रखना जरूरी है।
आने वाले दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को तापमान में जो मामूली बढ़ोतरी हो रही है, वह सिर्फ कुछ दिनों के लिए ही रहेगी। 5 जनवरी से मौसम में एक बार फिर से बदलाव आने वाला है। उत्तरी हवाओं की गति तेज होने से तापमान में गिरावट शुरू हो जाएगी। अगले सात दिनों तक यानी 12 जनवरी तक पूरे बंगाल में ठंड का कहर रहने की आशंका है।
किसानों के लिए सलाह
इस मौसम परिवर्तन को देखते हुए किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। कोहरा और ठंड के कारण फसलों को नुकसान हो सकता है। विशेष रूप से सब्जियों की फसलों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। रात के समय फसलों को ढकने और सुबह में हल्की सिंचाई करने की सलाह दी जा रही है।
लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां
ठंड और कोहरे के इस मौसम में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। बुजुर्गों और बच्चों को सर्दी-जुकाम और अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने चाहिए। सुबह और शाम के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए। गर्म पेय पदार्थों का सेवन करना फायदेमंद रहेगा।
पर्यटन पर प्रभाव
दार्जिलिंग और उत्तर बंगाल के अन्य पर्यटन स्थलों पर आने वाले सैलानियों के लिए यह मौसम चुनौतीपूर्ण हो सकता है। बर्फबारी और बारिश के कारण सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें और पूरी तैयारी के साथ निकलें।
मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे मौसम की चेतावनियों को गंभीरता से लें और जरूरी सावधानियां बरतें। आने वाले दिनों में मौसम में और बदलाव की संभावना है, इसलिए तैयार रहना जरूरी है।