Lakshmikantapur Bijoyganj Market Fire: मंदिर बाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लक्ष्मीकांतपुर के विजयगंज बाजार में मंगलवार देर रात एक भयानक आग लगने की घटना सामने आई है। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही घंटों में कई दुकानें पूरी तरह से जलकर राख हो गईं। दुकानदारों का कहना है कि उन्हें अपना सामान बचाने का भी मौका नहीं मिला।
यह घटना आनंदपुर में हुई विनाशकारी आग के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है। दक्षिण 24 परगना जिले में लगातार आग की घटनाओं ने व्यापारियों और आम लोगों को चिंतित कर दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बाजार के एक हिस्से से अचानक आग की लपटें उठती दिखाई दीं और देखते ही देखते पूरा इलाका आग की चपेट में आ गया।
आग लगने की शुरुआत कैसे हुई
मंगलवार की देर रात जब इलाके के ज्यादातर लोग सो रहे थे, तभी अचानक बाजार के एक हिस्से से धुएं और आग की लपटें दिखाई देने लगीं। स्थानीय लोगों ने जब यह देखा तो तुरंत आसपास के लोगों को आवाज लगाई और दमकल विभाग को सूचना दी। आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि कुछ ही मिनटों में एक दुकान से दूसरी दुकान में आग पहुंच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर से ही दिखाई दे रही थीं। धुएं का गुबार पूरे इलाके में फैल गया था। लोग घबराहट में अपने घरों से बाहर निकल आए थे। कई लोगों ने अपने घरों का सामान भी बाहर निकालना शुरू कर दिया था क्योंकि उन्हें डर था कि कहीं आग उनके घरों तक न पहुंच जाए।
दमकल की कोशिश और चुनौतियां
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने तुरंत आग बुझाने का काम शुरू किया लेकिन आग इतनी भयंकर थी कि उसे काबू में करने में कई घंटे लग गए। बाजार की तंग गलियां और दुकानों में रखे ज्वलनशील सामान की वजह से आग तेजी से फैल रही थी।
दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग की तीव्रता को देखते हुए लगातार पानी का छिड़काव किया गया। कई घंटों की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक कई दुकानें पूरी तरह से जलकर राख हो चुकी थीं। दुकानों में रखा सारा सामान भी आग की भेंट चढ़ गया।
व्यापारियों को भारी नुकसान
इस आग से सबसे ज्यादा नुकसान स्थानीय व्यापारियों को हुआ है। कई दुकानदारों का कहना है कि उनकी पूरी जिंदगी की कमाई इस आग में जलकर राख हो गई। कुछ व्यापारियों ने बताया कि उन्होंने त्योहारों के मौसम को देखते हुए अपनी दुकानों में खूब सामान भर रखा था। वह सारा सामान अब राख में तब्दील हो चुका है।
एक दुकानदार ने रोते हुए बताया कि उसने कर्ज लेकर अपनी दुकान में सामान भरा था। अब न दुकान बची है और न ही सामान। उसे समझ नहीं आ रहा कि अब वह अपना कर्ज कैसे चुकाएगा। कई अन्य व्यापारी भी इसी तरह की परेशानी से जूझ रहे हैं।
प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक इस आग से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि सही नुकसान का आकलन अभी किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से एक टीम बनाई गई है जो प्रभावित व्यापारियों की सूची तैयार कर रही है।
आग लगने की संभावित वजह
शुरुआती जांच में यह पता चला है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी हो सकती है। बाजार की पुरानी बिजली की तारों में खराबी आना एक आम समस्या रही है। कई दुकानदारों ने पहले भी इस समस्या की शिकायत की थी लेकिन समय पर ध्यान नहीं दिया गया।
मंदिर बाजार थाने की पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर आग लगने की असली वजह क्या थी। दमकल विभाग भी अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहा है। इस रिपोर्ट में आग लगने के कारणों और उससे हुए नुकसान का विस्तृत ब्योरा दिया जाएगा।
राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि कुछ लोगों को धुएं की वजह से सांस लेने में तकलीफ हुई थी। उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
प्रशासन से मदद की मांग
Lakshmikantapur Bijoyganj Market Fire: इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारी प्रशासन से तुरंत मदद की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें मुआवजा दिया जाए ताकि वे फिर से अपना कारोबार शुरू कर सकें। कई व्यापारियों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि उन्हें बिना ब्याज का कर्ज दिया जाए।
स्थानीय विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने प्रभावित व्यापारियों को आश्वासन दिया कि सरकार उनकी मदद करेगी। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द राहत राशि की व्यवस्था की जाएगी।
व्यापारी संगठनों ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि बाजारों में आग की ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। पुरानी बिजली की तारों को बदला जाना चाहिए और बाजारों में आग बुझाने के पर्याप्त उपकरण रखे जाने चाहिए।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हमारे बाजार आग जैसी आपदाओं से निपटने के लिए तैयार हैं। व्यापारियों और प्रशासन दोनों को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। साथ ही प्रभावित लोगों की जल्द से जल्द मदद की जाए ताकि वे अपनी जिंदगी को फिर से पटरी पर ला सकें।