जरूर पढ़ें

पश्चिम बंगाल की राजनीति गरम: दिलीप घोष और रिंकू मजूमदार के बयान से बढ़ी सियासी हलचल

पश्चिम बंगाल की राजनीति गरम: दिलीप घोष और रिंकू मजूमदार के बयान से बढ़ी सियासी हलचल
पश्चिम बंगाल की राजनीति गरम: दिलीप घोष और रिंकू मजूमदार के बयान से बढ़ी सियासी हलचल

पश्चिम बंगाल में भाजपा के अंदरूनी मतभेद सामने आने लगे हैं। दिलीप घोष ने सरकार पर निशाना साधा, जबकि रिंकू मजूमदार ने उम्मीदवार चयन पर नाराजगी जताई। पार्टी में असंतोष बढ़ता दिख रहा है।

Updated:

West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी और अंदरूनी खींचतान तेज होती नजर आ रही है। भाजपा नेता दिलीप घोष ने जहां विभिन्न मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी, वहीं पार्टी की ही नेता रिंकू मजूमदार ने भी उम्मीदवार चयन को लेकर नाराजगी जाहिर की है।

दिलीप घोष ने ईद के मौके पर रेड रोड पर हुए आयोजन को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों को राजनीतिक मंच में बदलना ठीक नहीं है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री इस तरह के आयोजनों के जरिए एक समुदाय की छवि को प्रभावित करने की कोशिश कर रही हैं। साथ ही उन्होंने खड़गपुर में हुई मारपीट और तोड़फोड़ की घटनाओं पर भी चिंता जताई।

भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन के आने की संभावना

राजनीतिक हलकों में इस बात की भी चर्चा है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन जल्द ही राज्य दौरे पर आ सकते हैं। बताया जा रहा है कि वे संगठनात्मक बैठकों में हिस्सा लेंगे और उम्मीदवारों के चयन को लेकर पार्टी में चल रही नाराजगी को शांत करने की कोशिश करेंगे। इसी कड़ी में केंद्रीय स्तर पर भी हलचल तेज है और अमित शाह की मौजूदगी में बैठक होने की संभावना जताई जा रही है, जिसमें शेष सीटों पर उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा हो सकती है।

रिंकू मजूमदार की नाराजगी

दूसरी ओर, रिंकू मजूमदार ने न्यूटाउन सीट से उम्मीदवार को लेकर अपनी नाराजगी खुलकर सामने रखी है। उन्होंने संकेत दिया है कि वे इस मुद्दे को पार्टी नेतृत्व के सामने उठाएंगी। इतना ही नहीं, खुद को टिकट न मिलने पर भी उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से असंतोष जाहिर किया है।

इन बयानों और घटनाक्रमों से साफ है कि चुनाव से पहले भाजपा के अंदरूनी हालात पूरी तरह शांत नहीं हैं। पार्टी नेतृत्व के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि कार्यकर्ताओं की नाराजगी को कैसे कम किया जाए और एकजुटता का संदेश कैसे दिया जाए। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि केंद्रीय नेतृत्व इन हालात को किस तरह संभालता है।

Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।