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एअर इंडिया की नई फिटनेस पॉलिसी: अधिक वजन और अनफिट क्रू की होगी छुट्टी 

एअर इंडिया की नई फिटनेस पॉलिसी: अधिक वजन और अनफिट क्रू की होगी छुट्टी 
एअर इंडिया की नई फिटनेस पॉलिसी: अधिक वजन और अनफिट क्रू की होगी छुट्टी (फाइल फोटो)

एअर इंडिया की नई फिटनेस पॉलिसी ने केबिन क्रू के बीच हलचल मचा दी है। अब वजन और फिटनेस पर कड़ी नजर रखी जाएगी, और नियम तोड़ने पर सीधा असर नौकरी पर पड़ सकता है। क्या बदलने वाला है और किस पर गिरेगी गाज? जानिए पूरी खबर में।

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Dipali Kumari
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Air India New Fitness Policy: देश की प्रमुख एयरलाइन एयर इंडिया ने अपने केबिन क्रू की सेहत और फिटनेस को लेकर एक नई और सख्त स्वास्थ्य नीति लागू करने का फैसला किया है। यह नई पॉलिसी 1 मई 2026 से प्रभावी होगी, जिसके तहत क्रू मेंबर्स की जांच बॉडी मास इंडेक्स (BMI) के आधार पर की जाएगी। एयरलाइन का कहना है कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और आपात स्थितियों से निपटने की क्षमता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

क्या है नई नीति

नई नीति के अनुसार, सभी स्थायी और कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले केबिन क्रू पर ये नियम लागू होंगे। यदि कोई क्रू सदस्य तय बीएमआई सीमा से बाहर पाया जाता है, तो उसे अस्थायी रूप से उड़ानों से हटा दिया जाएगा। इतना ही नहीं, उसे बिना वेतन पर रखा जा सकता है और दोबारा ड्यूटी पर लौटने के लिए फंक्शनल फिटनेस टेस्ट पास करना अनिवार्य होगा।

अधिक वजन वाले क्रू की होगी छुट्टी

एयरलाइन ने बीएमआई के आधार पर क्रू को चार श्रेणियों में बांटा है। सामान्य श्रेणी (18 से 24.9) को आदर्श माना गया है, जहां किसी अतिरिक्त जांच की जरूरत नहीं होगी। वहीं कम वजन या अधिक वजन वाले क्रू को मेडिकल और फंक्शनल असेसमेंट पास करना होगा। यदि कोई कर्मचारी मोटापे की श्रेणी (30 या उससे अधिक) में आता है, तो उसे तुरंत ड्यूटी से हटा दिया जाएगा और वेतन कटौती का सामना करना पड़ेगा।

अचानक कभी भी हो सकती है जांच

इस नीति की खास बात यह है कि जांच प्रक्रिया अचानक भी हो सकती है। फ्लाइट से पहले या बाद में, ट्रेनिंग के दौरान या अकादमी में बिना सूचना के वजन और बीएमआई की जांच की जा सकती है। नियमों का पालन न करने पर क्रू को चेतावनी दी जाएगी और बार-बार उल्लंघन करने पर मामला एचआर तक पहुंच सकता है।

एयरलाइन के प्रवक्ता के अनुसार, यह नीति विश्व स्वास्थ्य संगठन के बीएमआई मानकों पर आधारित है और इसका मकसद क्रू को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। फंक्शनल असेसमेंट टेस्ट में क्रू की आपातकालीन स्थिति से निपटने की क्षमता को परखा जाएगा, जिसमें उन्हें तीन मौके दिए जाएंगे।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।