
Nagpur Air Pollution January 2026: पिछले कई वर्षों तक विदर्भ क्षेत्र में प्रदूषण की पहचान चंद्रपुर से जुड़ी रही, लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। जनवरी 2026 के आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि नागपुर शहर अब इस क्षेत्र का सबसे प्रदूषित इलाका बनता जा रहा है। खासतौर पर नागपुर का जीपीओ (जनरल पोस्ट ऑफिस) क्षेत्र, जहां पूरे महीने लोगों को लगभग हर दिन खराब हवा में सांस लेनी पड़ी। महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के संयुक्त निरीक्षण में सामने आया है कि जनवरी 2026 में जीपीओ क्षेत्र में 31 में से 30

Nagpur Air Pollution January 2026: पिछले कई वर्षों तक विदर्भ क्षेत्र में प्रदूषण की पहचान चंद्रपुर से जुड़ी रही, लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। जनवरी 2026 के आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि नागपुर शहर अब इस क्षेत्र का सबसे प्रदूषित इलाका बनता जा रहा है। खासतौर पर नागपुर का जीपीओ (जनरल पोस्ट ऑफिस) क्षेत्र, जहां पूरे महीने लोगों को लगभग हर दिन खराब हवा में सांस लेनी पड़ी। महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के संयुक्त निरीक्षण में सामने आया है कि जनवरी 2026 में जीपीओ क्षेत्र में 31 में से 30

राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के संकट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कई अहम फैसले लिए हैं। बुधवार को हुई सुनवाई में देश की सबसे बड़ी अदालत ने दिल्ली बॉर्डर पर टोल टैक्स की वसूली रोकने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कंस्ट्रक्शन मजदूरों को राहत देने और वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए कई सख्त निर्देश भी जारी किए हैं। यह फैसला दिल्ली-NCR में रहने वाले करोड़ों लोगों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है। दिल्ली बॉर्डर पर टोल वसूली को मिली रोक सुप्रीम कोर्ट ने NHAI और MCD को दिल्ली बॉर्डर पर लगे 9 टोल प्लाजा

राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के संकट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कई अहम फैसले लिए हैं। बुधवार को हुई सुनवाई में देश की सबसे बड़ी अदालत ने दिल्ली बॉर्डर पर टोल टैक्स की वसूली रोकने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कंस्ट्रक्शन मजदूरों को राहत देने और वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए कई सख्त निर्देश भी जारी किए हैं। यह फैसला दिल्ली-NCR में रहने वाले करोड़ों लोगों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है। दिल्ली बॉर्डर पर टोल वसूली को मिली रोक सुप्रीम कोर्ट ने NHAI और MCD को दिल्ली बॉर्डर पर लगे 9 टोल प्लाजा

दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर संकट का रूप ले चुका है। राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के क्षेत्रों पर जहरीली धुंध की परत गहराती जा रही है। वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI कई स्थानों पर 400 से ऊपर पहुंच गया है, जो साफ तौर पर गंभीर श्रेणी में आता है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है और प्रशासन को कड़े कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ठंडी हवाओं के अभाव और वातावरण में अटके धुएं ने दिल्ली को गैस चैंबर जैसी स्थिति में पहुंचा दिया है। दिल्ली में प्रदूषण का

दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर संकट का रूप ले चुका है। राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के क्षेत्रों पर जहरीली धुंध की परत गहराती जा रही है। वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI कई स्थानों पर 400 से ऊपर पहुंच गया है, जो साफ तौर पर गंभीर श्रेणी में आता है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है और प्रशासन को कड़े कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ठंडी हवाओं के अभाव और वातावरण में अटके धुएं ने दिल्ली को गैस चैंबर जैसी स्थिति में पहुंचा दिया है। दिल्ली में प्रदूषण का

राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण संकट के बीच सर्वोच्च न्यायालय की कठोर टिप्पणियाँ स्कूलों में खेल गतिविधियाँ स्थगित करने की सलाह दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता लगातार ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच रही है। वातावरण में धुएँ, धूलकणों और ठहरी हुई हवा के कारण पूरे क्षेत्र में सांस लेना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है। इस खतरनाक हालात के बीच सर्वोच्च न्यायालय ने बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोपरि मानते हुए एक महत्त्वपूर्ण सुझाव दिया। अदालत ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) से कहा कि स्कूलों में नवंबर-दिसंबर के दौरान होने वाले खेल और बाहरी गतिविधियों को स्थगित किया जाए और इन्हें उस समय

राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण संकट के बीच सर्वोच्च न्यायालय की कठोर टिप्पणियाँ स्कूलों में खेल गतिविधियाँ स्थगित करने की सलाह दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता लगातार ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच रही है। वातावरण में धुएँ, धूलकणों और ठहरी हुई हवा के कारण पूरे क्षेत्र में सांस लेना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है। इस खतरनाक हालात के बीच सर्वोच्च न्यायालय ने बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोपरि मानते हुए एक महत्त्वपूर्ण सुझाव दिया। अदालत ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) से कहा कि स्कूलों में नवंबर-दिसंबर के दौरान होने वाले खेल और बाहरी गतिविधियों को स्थगित किया जाए और इन्हें उस समय

राजधानी में वायु प्रदूषण पर गहराता संकट नई दिल्ली। देश की राजधानी इन दिनों वायु प्रदूषण के ऐसे भयावह दौर से गुजर रही है, जिसे विशेषज्ञ अब केवल पर्यावरणीय समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर “स्वास्थ्य आपातकाल” के रूप में देख रहे हैं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के प्रमुख विशेषज्ञों ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि दिल्ली की हवा अब जनता के स्वास्थ्य पर सीधा प्रहार कर रही है और यदि तत्काल प्रभाव से निर्णायक कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में हालात और भी विकराल हो सकते हैं। ‘भविष्य की पीढ़ियों पर पड़ेगा दुष्प्रभाव’ एम्स

राजधानी में वायु प्रदूषण पर गहराता संकट नई दिल्ली। देश की राजधानी इन दिनों वायु प्रदूषण के ऐसे भयावह दौर से गुजर रही है, जिसे विशेषज्ञ अब केवल पर्यावरणीय समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर “स्वास्थ्य आपातकाल” के रूप में देख रहे हैं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के प्रमुख विशेषज्ञों ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि दिल्ली की हवा अब जनता के स्वास्थ्य पर सीधा प्रहार कर रही है और यदि तत्काल प्रभाव से निर्णायक कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में हालात और भी विकराल हो सकते हैं। ‘भविष्य की पीढ़ियों पर पड़ेगा दुष्प्रभाव’ एम्स

दिल्ली में वायु प्रदूषण पर बढ़ा जनाक्रोश Delhi Air Pollution Protest: राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार गंभीर होता जा रहा है। 9 नवंबर 2025 को जब एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 391 के खतरनाक स्तर पर पहुंचा, तो सैकड़ों लोग — जिनमें माता-पिता, बच्चे और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे — इंडिया गेट पर एकत्र हुए और “साफ हवा का अधिकार” मांगते हुए प्रदर्शन किया। पुलिस ने बिना अनुमति के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने दर्जनों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना था कि यह धरना बिना अनुमति आयोजित किया

दिल्ली में वायु प्रदूषण पर बढ़ा जनाक्रोश Delhi Air Pollution Protest: राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार गंभीर होता जा रहा है। 9 नवंबर 2025 को जब एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 391 के खतरनाक स्तर पर पहुंचा, तो सैकड़ों लोग — जिनमें माता-पिता, बच्चे और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे — इंडिया गेट पर एकत्र हुए और “साफ हवा का अधिकार” मांगते हुए प्रदर्शन किया। पुलिस ने बिना अनुमति के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने दर्जनों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना था कि यह धरना बिना अनुमति आयोजित किया

दीवाली के बाद दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक दीवाली के त्यौहार के बाद दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। राजधानी और आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता इतनी खराब है कि सांस लेने में लोगों को दिक्कत हो रही है। मौसम विज्ञान विभाग और aqi.in के अनुसार, दिल्ली में सुबह सात बजे एक्यूआई 232 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण की स्थिति नई दिल्ली: AQI 232 – खराब पूसा, दिल्ली: AQI 239 – खराब आईटीआई शारदा: AQI 253 – खराब इंदिरापुरम, गाजियाबाद: AQI 189

दीवाली के बाद दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक दीवाली के त्यौहार के बाद दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। राजधानी और आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता इतनी खराब है कि सांस लेने में लोगों को दिक्कत हो रही है। मौसम विज्ञान विभाग और aqi.in के अनुसार, दिल्ली में सुबह सात बजे एक्यूआई 232 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण की स्थिति नई दिल्ली: AQI 232 – खराब पूसा, दिल्ली: AQI 239 – खराब आईटीआई शारदा: AQI 253 – खराब इंदिरापुरम, गाजियाबाद: AQI 189

दिवाली के बाद दिल्ली में वायु गुणवत्ता में गंभीर गिरावट दिल्ली की हवा दिवाली के उत्सव के बाद बेहद प्रदूषित हो गई है। 22 अक्टूबर 2025 को एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 350 पर पहुँच गया, जो पिछले पाँच वर्षों में इस समय के लिए सबसे खराब स्थिति मानी जा रही है। PM2.5 स्तर WHO सीमा से कई गुना अधिक वायु में PM2.5 स्तर औसतन 488 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सुरक्षित सीमा से लगभग 100 गुना अधिक है। यह स्तर स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक माना जाता है और लोगों को घर

दिवाली के बाद दिल्ली में वायु गुणवत्ता में गंभीर गिरावट दिल्ली की हवा दिवाली के उत्सव के बाद बेहद प्रदूषित हो गई है। 22 अक्टूबर 2025 को एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 350 पर पहुँच गया, जो पिछले पाँच वर्षों में इस समय के लिए सबसे खराब स्थिति मानी जा रही है। PM2.5 स्तर WHO सीमा से कई गुना अधिक वायु में PM2.5 स्तर औसतन 488 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सुरक्षित सीमा से लगभग 100 गुना अधिक है। यह स्तर स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक माना जाता है और लोगों को घर

मुंबई ने मंगलवार (21 अक्टूबर, 2025) सुबह धुंध और धुएँ की चादर में उठकर एक भयावह दृश्य प्रस्तुत किया। दिवाली के उत्सव में व्यापक पैमाने पर पटाखों के प्रयोग के बाद शहर की वायु गुणवत्ता (Air Quality Index – AQI) में अचानक गिरावट आई। मेट्रोपोलिस के कई क्षेत्रों में AQI ‘अस्वास्थ्यकर’ और ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया, जिससे नागरिकों की स्वास्थ्य संबंधी चिंता बढ़ गई। दिवाली के बाद वायु प्रदूषण का आक्रमण शहर के कई वाणिज्यिक और आवासीय क्षेत्रों में प्रदूषण स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। बंध्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में AQI 261 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में

मुंबई ने मंगलवार (21 अक्टूबर, 2025) सुबह धुंध और धुएँ की चादर में उठकर एक भयावह दृश्य प्रस्तुत किया। दिवाली के उत्सव में व्यापक पैमाने पर पटाखों के प्रयोग के बाद शहर की वायु गुणवत्ता (Air Quality Index – AQI) में अचानक गिरावट आई। मेट्रोपोलिस के कई क्षेत्रों में AQI ‘अस्वास्थ्यकर’ और ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया, जिससे नागरिकों की स्वास्थ्य संबंधी चिंता बढ़ गई। दिवाली के बाद वायु प्रदूषण का आक्रमण शहर के कई वाणिज्यिक और आवासीय क्षेत्रों में प्रदूषण स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। बंध्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में AQI 261 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में

AQI में बढ़ोतरी और मंत्री की चेतावनी दिल्ली के पर्यावरण और जल संसाधन मंत्री अशिष सूद ने मंगलवार को कहा कि दिल्लीवासियों को सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए था और केवल रात 10 बजे तक ही पटाखे जलाने चाहिए थे। दिल्ली में दोपहर 1 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 357 (बहुत खराब) तक पहुंच गया। मंत्री सूद ने स्पष्ट किया कि केवल पटाखे ही दिल्ली की विषैली हवा के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश और उल्लंघन इस वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने ‘ग्रीन’ पटाखों की अनुमति दी थी। कोर्ट ने जिला प्रशासन और पुलिस को

AQI में बढ़ोतरी और मंत्री की चेतावनी दिल्ली के पर्यावरण और जल संसाधन मंत्री अशिष सूद ने मंगलवार को कहा कि दिल्लीवासियों को सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए था और केवल रात 10 बजे तक ही पटाखे जलाने चाहिए थे। दिल्ली में दोपहर 1 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 357 (बहुत खराब) तक पहुंच गया। मंत्री सूद ने स्पष्ट किया कि केवल पटाखे ही दिल्ली की विषैली हवा के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश और उल्लंघन इस वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने ‘ग्रीन’ पटाखों की अनुमति दी थी। कोर्ट ने जिला प्रशासन और पुलिस को

वाराणसी, जो अपने शुद्ध गंगा तट और ऐतिहासिक महत्त्व के लिए विश्वविख्यात है, इस समय वायु प्रदूषण की चुनौती का सामना कर रहा है। पिछले वर्ष शहर की हवा अपेक्षाकृत स्वच्छ रही, और लगभग एक वर्ष से अधिक समय तक वायु गुणवत्ता ग्रीन जोन में बनी रही। परंतु अक्टूबर माह में हुई वर्षा समाप्त होने के पश्चात् हवा की गुणवत्ता पुनः बिगड़ने लगी है। विशेष रूप से शरद ऋतु के आगमन के साथ वातावरण में शुष्कता बढ़ रही है और वायु प्रदूषण के स्तर में वृद्धि देखी जा रही है। वायु गुणवत्ता में बदलाव अक्टूबर माह की शुरुआत से ही

वाराणसी, जो अपने शुद्ध गंगा तट और ऐतिहासिक महत्त्व के लिए विश्वविख्यात है, इस समय वायु प्रदूषण की चुनौती का सामना कर रहा है। पिछले वर्ष शहर की हवा अपेक्षाकृत स्वच्छ रही, और लगभग एक वर्ष से अधिक समय तक वायु गुणवत्ता ग्रीन जोन में बनी रही। परंतु अक्टूबर माह में हुई वर्षा समाप्त होने के पश्चात् हवा की गुणवत्ता पुनः बिगड़ने लगी है। विशेष रूप से शरद ऋतु के आगमन के साथ वातावरण में शुष्कता बढ़ रही है और वायु प्रदूषण के स्तर में वृद्धि देखी जा रही है। वायु गुणवत्ता में बदलाव अक्टूबर माह की शुरुआत से ही