
PM Modi Rally: पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्दवान जिले के कटवा में आयोजित एक जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए सियासी माहौल को गरमा दिया। रैली में उमड़ी भीड़ को देखकर प्रधानमंत्री काफी उत्साहित नजर आए और उन्होंने इसे आने वाले चुनावी नतीजों की झलक बताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह बीजेपी की रैलियों में जनसैलाब उमड़ रहा है, उससे साफ है कि बंगाल अब बदलाव के मूड में है। सत्ता में आने के बाद ‘व्हाइट पेपर’ जारी करेगी BJP अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि

PM Modi Rally: पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्दवान जिले के कटवा में आयोजित एक जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए सियासी माहौल को गरमा दिया। रैली में उमड़ी भीड़ को देखकर प्रधानमंत्री काफी उत्साहित नजर आए और उन्होंने इसे आने वाले चुनावी नतीजों की झलक बताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह बीजेपी की रैलियों में जनसैलाब उमड़ रहा है, उससे साफ है कि बंगाल अब बदलाव के मूड में है। सत्ता में आने के बाद ‘व्हाइट पेपर’ जारी करेगी BJP अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि

पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई विशेष गहन समीक्षा प्रक्रिया में 32 लाख मतदाताओं को सुनवाई के लिए बुलाया गया है। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बारासात से तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष दस्तीदार के परिवार के सदस्यों के नाम भी मसौदा मतदाता सूची से गायब हो गए हैं। इस घटना के बाद काकोली ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह जानबूझकर उन्हें और उनके परिवार को परेशान करने की कोशिश है। काकोली घोष दस्तीदार की 90 वर्षीय मां, दोनों बेटे और एक बहन का

पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई विशेष गहन समीक्षा प्रक्रिया में 32 लाख मतदाताओं को सुनवाई के लिए बुलाया गया है। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बारासात से तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष दस्तीदार के परिवार के सदस्यों के नाम भी मसौदा मतदाता सूची से गायब हो गए हैं। इस घटना के बाद काकोली ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह जानबूझकर उन्हें और उनके परिवार को परेशान करने की कोशिश है। काकोली घोष दस्तीदार की 90 वर्षीय मां, दोनों बेटे और एक बहन का

मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया बनी भय का कारण पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) के दौरान एक वृद्ध व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। घटना इलामबाज़ार क्षेत्र की है, जहाँ 70 वर्षीय क्षितीश मजूमदार का शव बुधवार रात उनके दामाद के घर के एक कमरे में फंदे से झूलता मिला। परिवार ने आरोप लगाया है कि वे मतदाता सूची संशोधन को लेकर अत्यधिक भय और मानसिक तनाव में थे। यह घटना मात्र एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं है, बल्कि यह उस सामाजिक असुरक्षा को उजागर

मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया बनी भय का कारण पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) के दौरान एक वृद्ध व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। घटना इलामबाज़ार क्षेत्र की है, जहाँ 70 वर्षीय क्षितीश मजूमदार का शव बुधवार रात उनके दामाद के घर के एक कमरे में फंदे से झूलता मिला। परिवार ने आरोप लगाया है कि वे मतदाता सूची संशोधन को लेकर अत्यधिक भय और मानसिक तनाव में थे। यह घटना मात्र एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं है, बल्कि यह उस सामाजिक असुरक्षा को उजागर